Lokesh Agrawal

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ज्योतिषशास्त्र, पुराण, धर्मशास्त्र अध्ययन और उनकी समीक्षा में विशेष रुचि, विज्ञान और तकनीकी से स्नातक, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत, ग़ाज़ियाबाद, उत्तरप्रदेश-निवासी

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ज्येष्ठ की तिरस्कार से पुरस्कार की...

सम्वत् 2075 में ज्येष्ठ मास अधिक मास है। जैसा की नाम से ही विदित...

शुक्राचार्य द्वारा दधीचि को महामृत्युञ्जय मंत्र...

ये भजंति च तं प्रीत्या शक्तीशं शंकरं सदा।। तस्मै शक्तित्रयं शंभुः स ददाति सदाव्ययम्।। तस्यैव भजनाज्जीवो...

सार्थ श्रीशिवमानस पूजा

मानस पूजा साधक के मन को एकाग्र व शांत करती है। शिव मानस पूजा...

वैशाख मास की अंतिम तीन तिथियों...

यास्तिस्रस्तिथयः पुण्या अंतिमाः शुक्लपक्षके।। वैशाखमासि राजेंद्र पूर्णिमांताः शुभावहाः।। अन्त्याः पुष्करिणीसंज्ञाः सर्वपापक्षयावहाः।। माधवे मासि यः पूर्णं...

अक्षय तृतीया, परशुराम जयन्ती तथा बाँकेबिहारी...

इस वर्ष अक्षयतृतीया बुधवार और कृत्तिका नक्षत्र युक्त है। भगवान् श्रीकृष्ण ने भविष्यपुराण में...

मेष संक्रान्ति और जगत लग्न

पूर्वराशिं परित्यज्य उत्तरां याति भास्करः। स राशिः सङ्क्रमाख्या स्यान्मासत्र्वायनहायने।। पूर्व राशि का त्याग करके सूर्य...

वैशाख मास भगवान् विष्णु को समर्पित

वैशाख हिन्दू धर्म का द्वितीय महीना है। विशाखा नक्षत्रयुक्त पूर्णिमा होने के कारण इसका...

नवरात्र का व्रत क्यों और कैसे...

देवीभागवत पुराण के तृतीय स्कन्ध 26वें अध्याय में शरत्काल तथा बसन्त ऋतू में नवरात्र...

आने वाले समय को नवरात्र की...

चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से चैत्र नवरात्र का शुभारम्भ होता है। शक्ति की आराधना...

चैत्र मास मधु मास

होली के तुरंत बाद चैत्र मास का प्रारंभ हो जाता है। चैत्र हिन्दू धर्म...

होली के अवसर पर पूजा कैसे...

होली पर्व का शास्त्रोक्त वर्णन हमने पिछले पोस्ट में किया है। होली की रात्रि...

होली के अद्भुत मुहूर्त

होली का त्यौहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। फाल्गुन की...

महाशिवरात्रि व्रत क्यों, कब और कैसे...

तिथितत्त्व के अनुसार शिव को प्रसन्न करने के लिए महाशिवरात्रि पर उपवास की प्रधानता...

महाशिवरात्रि महात्म्य

फाल्गुन में दो महारात्रियाँ आती हैं जिनमें एक है अहोरात्रि तथा दूसरी है दारुणरात्रि।...

प्रदोष व्रत

प्रदोष एक पाक्षिक व्रत है अर्थात प्रत्येक महीने शुक्लपक्ष और कृष्णपक्ष की प्रदोषकालीन त्रयोदशी...

वसन्त पञ्चमी — सरस्वती आराधना तथा...

यथा तु देवि भगवान ब्रह्मा लोकपितामहः। त्वां परित्यज्य नो तिष्ठेत तथा भव वरप्रदा॥ वेदशास्त्राणि...