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Wednesday 8 July 2020

योगी सरकार 11.50 लाख प्रवासी श्रमिकों को उपलब्ध कराएगी रोजगार

योगी ने दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश के 26 लाख प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी कराई है, श्रमिकों और कामगारों को प्रदेश में ही रोजगार देने का वादा किया है

कोरोना काल में जहां देश भर में प्रवासी मजदूरों के हालात से चिंता बनी हुई है, इसी बीच यूपी से अच्छी खबर आई है। सीएम योगी आदित्यानाथ ने आज अपने आवास पर 11 लाख 50 हजार श्रमिकों को रोजगार दिलाने वाले एमओयू साइन किया है। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में दूसरे राज्यों से लौटकर आए मजदूरों को प्रदेश में ही रोजगार देने की मुहिम छेड़ रखी है। इस मुहिम की पहली कामयाबी सरकार की ओर से किया गया ये करार है।

अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने गुरुवार को बताया कि इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद राज्य में करीब साढ़े नौ लाख कामगारों के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

इस करार से प्रदेश में 11 लाख 50 हजार श्रमिकों और कामगारों को फायदा मिलेगा। इस करार के मुताबिक रियल एस्टेट में 2.5 लाख, इंडस्ट्री एसोसिएशन में 5 लाख, लघु उद्योग में 2 लाख और सीआईआई में 2 लाख श्रमिकों और कामगारों को रोजगार मिलेगा। सरकार ने श्रमिकों और कामगारों को काम दिलाने के 4 करार पर दस्तखत किए हैं।

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आईआईए और सीआईआई, एमएसएमई ईकाइयों का समूह है जबकि नरडेको रीयल एस्टेट संस्थानों का समूह है। इससे पहले एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्किल मैपिंग की मुहिम को बड़ी कामयाबी मिली है और आईआईए ने 5 लाख, नरडेको ने 2.5 लाख और सीआईआई ने 2 लाख कामगारों एवं श्रमिकों की मांग रखी है।

उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी देते हुए गुरुवार को बताया कि अन्य राज्यों ने सूचित किया है कि वापसी के इच्छुक प्रवासी उनके यहां नहीं हैं या बहुत कम संख्या में हैं।

अवनीश अवस्थी ने बताया, ‘ट्रेनों और बसों से प्रवासी कामगारों को वापस लाने का पूरा अभियान अगले दो-तीन दिन में समाप्त हो जाएगा। अभी तक करीब 26 से 27 लाख प्रवासी लौटे हैं। उन्होंने बताया कि गुजरात, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों से ज्यादातर प्रवासी श्रमिक वापस आ चुके हैं और इन राज्यों से वापस आने वाले श्रमिकों की संख्या अब नगण्य है।

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श्रमिक कल्याण आयोग अब तक 16 लाख से ज्यादा कामगारों की स्किल मैपिंग का काम पूरा कर लिया है और बाकी बचे श्रमिकों की भी स्किल मैपिंग जारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों को प्रदेश में ही रोजगार मुहैया कराने की योजना तैयार कर ली है। इस काम के लिए गैर राज्यों से लौटे श्रमिकों और मजदूरों का पूरा ब्यौरा तैयार कराया जा रहा है। सीएम योगी ने दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश के 26 लाख प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी कराई है। उन्होंने इस श्रमिकों और कामगारों को प्रदेश में ही रोजगार देने का वादा किया है।

यूपी सरकार स्किल मैपिंग के बाद इनकी ट्रेनिंग कराएगी, जिस दौरान उन्हें ट्रेनिंग भत्ता दिया जाएगा। अब कोई भी राज्य सरकार बिना सरकारी अनुमति के उत्तर प्रदेश के श्रमिकों/कामगारों का उपयोग नहीं कर पाएगी। उनकी आवश्यकतानुसार यूपी सरकार खुद उन्हें मैन पावर को उपलब्ध कराएगी।

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