Tuesday 18 January 2022
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भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ योगी सरकार सख़्त, अधिकारियों को बनाया चपरासी, चौकीदार

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए यूपी सरकार ने प्रदेश के सूचना विभाग में तैनात 4 अपर सूचना अधिकारियों को डिमोट कर दिया

उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध फिर कड़ी कार्यवाही करते हुए सूचना विभाग में 4 अपर ज़िला सूचना अधिकारियों को पदच्युत किया गया है। इन चारों अधिकारियों को चपरासी, चौकीदार और सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक के पद पर घसीट कर उतारा गया है। नवंबर 2014 में इन सभी अधिकारियों को नियम विरुद्ध ढंग से पदोन्नत किया गया था।

जिन 4 अफ़सरों का डिमोशन किया गया है उनमें नरसिंह, दयाशंकर, विनोद कुमार शर्मा और अनिल कुमार सिंह शामिल हैं। नरसिंह को चपरासी, दयाशंकर को चौकीदार के अलावा विनोद कुमार शर्मा और अनिल कुमार सिंह को सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक बनाया गया है।

6 जनवरी को जारी यह आदेश तत्काल रूप से लागू किया गया है। चारों कर्मचारियों को आदेश दिया गया है कि अपने मूल पद पर रिपोर्ट कर कार्यभार संभालें और उसकी रिपोर्ट तुरंत मुख्यालय को दें।

जानकारी के अनुसार मेरठ के ग्राम शिवाया, जमाउल्लापुर, परगना दौराला, तहसील सरधना के राजस्व अभिलेखों में पशुचर के रूप में दर्ज 1.5830 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2013 में निजी बिल्डर को आवंटित कर दिया गया था। इसकी शिकायत के बाद जाँच हुई।

नियमों के विपरीत प्रमोशन पाने वाले इन अधिकारियों पर चला योगी सरकार का हंटर, बनाया  चौकीदार-चपरासी

साल 2016 में यहां एसडीएम के रूप में तैनाती के दौरान भूपेंद्र सिंह ने सरकार के हितों की उपेक्षा करते हुए निजी हितों की पूर्ति के लिए सम्बंधित पक्षों से मिलीभगत की और रेवन्यू कोर्ट मैनुअल के विरुद्ध अगस्त 2016 में अमलदरामद का आदेश पारित कर दिया था।

कई और भ्रष्टाचार के रोगियों पर हो रही कार्यवाही

जाँच के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने इसे कदाचार मानते हुए इन्हें पदावनत करने का आदेश दिया है। भ्रष्टाचार का दोषी एक अन्य तत्कालीन एसडीएम, एक अपर आयुक्त, एक तहसीलदार (अब सेवानिवृत्त) एक राजस्व निरीक्षक व एक लेखपाल के ख़िलाफ़ भी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

योगी सरकार ने यह सख़्ती पहली बार नहीं की है। कुछ समय पहले भी एक एसडीएम को तहसीलदार बनाया जा चुका है। क्षेत्रीय प्रचार संगठन के तहत चारों कर्मचारी सूचना कार्यालय में तैनात थे जब इनका नियमों के विरुद्ध प्रमोशन किया गया। पदोन्नति के बाद यह कर्मचारी अपर ज़िला सूचना अधिकारी बना दिए गए।

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