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Saturday 27 November 2021

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यमुना की सफ़ाई शुरू

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नई दिल्ली — दिल्ली वासियों को यमुना नदी से जोड़ने की दिशा में एक अहम क़दम बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार द्वारा भाईदूज के पावन अवसर पर यमुना नदी के तट पर स्थित कुदेसिया घाट पर महा-आरती का आयोजन किया गया।

yamuna 1दिल्ली सरकार द्वारा पर्यटन के विस्तार हेतु इस दिशा में सराहनीय क़दम उठाते हुए, पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यमद्वितीया की शाम अंतरराज्यीय बस अड्डा के समीप स्थित कुदेसिया घाट पर 108 पंडितों ने ‘माँ यमुना’ की महा-आरती कर इस भव्य-दिव्य कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।

इसके लिए दिल्ली सरकार ने विशेष रूप से वाराणसी, मथुरा और अयोध्या से पुरोहितों को आमंत्रित करने के साथ-साथ दिल्ली के संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया था।

yamuna 2सायं साढ़े 5 बजे महा-आरती के आरम्भ पर कुदेसिया घाट का नज़ारा देखने लायक़ था। वेद-मंत्रोच्चार, घंटा-घड़ियाल के मध्य आरती का समस्त जन ने आनंद लिया एवं शंखनाद, स्वस्तिवाचन, यमुना-स्तुति, महा-आरती में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।

यह आरती प्रतिदिन सायं 6 बजे होगी। स्वच्छ यमुना, स्वच्छ भारत! आइये, हम सभी मिल कर यमुना को स्वच्छ एवं निर्मल रखने का संकल्प लें।

मथुरा — भारत एक कृषि-प्रधान देश है। अतएव यह कहना अतिशयोक्ति  नहीं होगी कि नदियों की स्वच्छता एवं अविरलता कृषि कार्यों हेतु क्या महत्त्व रखती है। इसी सामाजिक सरोकार के निहित यमुना मिशन नामक संस्था यमुना नदी की स्वच्छता हेतु निरंतर अपना योगदान दे रही है। प्रस्तुत है टीम द्वारा अभी तक किये गए सराहनीय प्रयासों का विवरण।

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पहले लोग मात्र इसे एक नाला समझ कर केवल गंदगी डालते थे परन्तु आज का दृश्य देख किसी को भी विश्वास नहीं होता कि यह वही स्थान है

साथ लगी तस्वीर में एक घाट का परिवर्तन देखिये। आज यह लोगों के स्नान करने लायक़ बन गया है। आज यमुना के किनारों के इन हिस्सों में बैठकर आराम की सांस लेते हुए हरियाली का आनंद उठाते हैं; आज यह स्थान यमुना भक्तों के लिए भी एक दर्शनीय स्थल के रूप में परिवर्तित हो गया है।

रमन रेती (गोकुल) में कार्यकर्ताओं द्वारा कुछ समय पूर्व लगाये गए पौधे काफ़ी विकसित हो चुके हैं; अधिक से अधिक वृक्ष यहाँ लगाए जाएंगे।

कृष्ण यमुनातट पर स्वच्छता के उपरान्त वृक्षारोपण का काम शुरू हुआ है। कार्यकर्ताओं ने वृक्षों को प्रतिदिन पानी दिया जिससे की वृक्षों के साथ-साथ संसार भी स्वस्थ रहे।

रमनरेती, गोकुल
रमन रेती, गोकुल

कृष्णगंगा घाट पर यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा घाट के किनारों पर केले के वृक्षों का रोपण किया जा रहा है ताकि भविष्य में ये वृक्ष वातावरण को सुरक्षित व सन्तुलित रखें।

कार्ष्णिकुण्ड गोवर्धन में सफ़ाई के बाद स्वच्छ जल भरा गया।

yamuna 10मथुरा के पुरातन घाटो में से चक्रतीर्थ घाट एक प्रसिद्ध घाट है परन्तु इसके बावजूद भी यह घाट काफ़ी समय से उपेक्षित रहा। महीनों की अनवरत कड़ी मेहनत के बाद कुण्ड का जीर्णोद्धार कार्य संपन्न हुआ और आज यह कुण्ड यमुना भक्तों के लिए एक दर्शनीय स्थान के रूप में परिवर्तित हुआ है।

कृष्ण यमुनातट पर स्वच्छता के उपरान्त वृक्षारोपण का काम
कृष्ण यमुनातट पर स्वच्छता के उपरान्त वृक्षारोपण का काम

आज यह कुण्ड यमुना भक्तों के सम्मुख एक नवीन स्वरूप एवं आलोक के साथ प्रस्तुत है।

चक्रतीर्थ से स्वामीघाट मार्ग पर लगे वृक्षों की सुंदरता को और अधिक सुन्दर बनाने हेतु वृक्षों के चारों ओर रंग-रोगन कर नया स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

लगातार कचरे के आने से यमुना के धरातलीय प्रवाह को अवरुद्ध किया जिससे थोड़ी सी वर्षा में बाढ़ का ख़तरा उत्पन्न हो जाता है; इसके समाधान हेतु टीम द्वारा नदी में से कचरे को निकालने का कार्य आरम्भ किया गया; जिसके कारण यमुना की स्वच्छता में दिन-प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है।

श्रद्धालुकुण्ड में स्नान कर स्वच्छ जल का आनन्द ले रहे, स्वच्छता के प्रयास को व्यक्त करती दो तस्वीरें (एक पहले की एवं एक स्वच्छता कार्यक्रम के बाद की)
श्रद्धालुकुण्ड में स्नान कर स्वच्छ जल का आनन्द ले रहे लोग

स्वामीघाट से कंस किले तक के मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिससे यमुना भक्तों को घाटो तक आने में एवं यमुना के दर्शन करने में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

नई दिल्ली — यमुना की निर्मलता एवं अविरलता हेतु यमुना मिशन टीम का यह प्रयास निरंतर प्रगतिशील है। आइये, हम सभी स्वच्छता के साथ-साथ अधिकाधिक वृक्षारोपण का संकल्प लेकर “स्वच्छ भारत” की परिकल्पना को साकार रूप दें।

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निगमबोध घाट
Anupam Pandeyhttp://anupamkpandey.co.in
​​IT analyst with mentoring responsibilities at IEEE, an associate at CSI India

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President Ram Nath Kovind at Const'n Day event: “…incumbent upon the judges to exercise utmost discretion in their utterances in the courtrooms. Indiscreet remarks even if made with good intention give space for dubious interpretations to run down the judiciary". @IndianExpress

Today is #NationalOrganDonationDay . It is being celebrated on 27th November every year in the country since 2010. The objective of the day is to spread awareness among people and to recognize the selfless efforts made towards mankind and re-establish belief in humanity.

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