क्या सचिन पायलट अशोक गहलोत के बेटे को आगे बढ़ने देंगे?

क्या सचिन पायलट ने वैभव गहलोत का जिक्र किया था, जब उन्होंने कहा, 'सांसद, विधायक, जो चुनाव हार गए और पार्टी नेताओं के परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य उम्मीदवारों को ढूंढना बेहतर होगा।'

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जयपुर — आगामी लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा करने के साथ ही राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव की चुनावी शुरुआत की अटकलें जोर पकड़ रही हैं।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि वर्तमान में एक राज्य इकाई के महासचिव वैभव गहलोत की अपने शहर जोधपुर या जालोर-सिरोही लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की संभावना है क्योंकि संबंधित जिला कांग्रेस समितियों ने उनकी उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए प्रस्ताव प्राप्त किए हैं।

एक अन्य अनुकूल सीट टोंक-स्वाई माधोपुर संसदीय क्षेत्र हो सकती है जहां से 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान वैभव गहलोत का नाम सुझाया गया था।

अगर अशोक गहलोत का सिरोही में हालिया जनसभा में दिए गए बयान की मानें तो वैभव को जालोर-सिरोही सीट से मैदान में उतारा जा सकता है।

सिरोही दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था उन्हें पता है कि वैभव का नाम चर्चे में है। “पांच साल पहले मेरी इच्छा थी कि वह जालोर-सिरोही से चुनाव लड़े। लेकिन किसी कारण से उसे टिकट नहीं मिल सका… पर हमने प्रचार किया था और मैं जालोर भी आया था।,” उन्होंने सिरोही में कहा था।

हालांकि अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि टिकट वितरण पर अंतिम निर्णय कांग्रेस हाई कमान द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम कांग्रेस के वफादार सैनिक हैं। अगर राहुल गांधी किसी और उम्मीदवार को चुनते हैं तो आप सभी से अनुरोध है कि आप उस उम्मीदवार में भी वैभव गहलोत को ही देखें।”

बाद में एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर यह उनके हाथों में होता तो वे वैभव को 10 साल पहले ही चुनाव लड़ने का मौका दे चुके होते।

अशोक गहलोत ने कहा, “वह (वैभव) एक पार्टी कार्यकर्ता है, उससे पूछें कि वह कहाँ से चुनाव लडेगा और पार्टी से पूछें कि वह कहाँ से उसे मैदान में उतारेंगे।”

एक समय पर राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी वैभव गहलोत की उम्मीदवारी का समर्थन करते दिखाई दिए थे। जनवरी में पायलट ने कहा था कि वैभव गहलोत लंबे समय से पार्टी में सक्रिय हैं। उन्हें अतीत में कुछ कारणों के कारण अवसर (चुनाव लड़ने के लिए) नहीं मिला होगा। लेकिन यह हमारी कोशिश होगी कि उनकी तरह के उम्मीदवार को आगे बढ़ने का मौका दें। पार्टी का फोकस युवाओं पर है और उन्हें मौका देने का प्रयास किया जाएगा।”

हालांकि 5 मार्च को पायलट ने कहा था कि कांग्रेस की राय है कि वर्तमान सांसद, विधायक, ऐसे उम्मीदवार जो अतीत में चुनाव हार गए थे और पार्टी के नेताओं के परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य उम्मीदवारों को ढूंढना बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों की पसंद और उम्मीदवारों के जीतने की क्षमता पर विचार किया जाएगा।

राजस्थान में 29 अप्रैल और 6 मई को दो चरणों में मतदान होगा।