Wednesday 1 February 2023
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PoliticsIndiaपश्चिम बंगाल हिंसा का असर सिक्किम में

पश्चिम बंगाल हिंसा का असर सिक्किम में

नई दिल्ली — केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गृह सचिव राजीव महर्षि को पश्चिम बंगाल के हालात पर राज्य प्रशासन से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सिंह ने महर्षि को एनएच-10 पर ट्रैफिक सुचारु रूप से चले और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये। एनएच 10 सिक्किम की राजधानी गैंगटॉक के साथ पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी को जोड़ता है। सिंह ने ट्विटर पर रविवार को यह बात कही।

गृह मंत्री ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के साथ टेलीफ़ोन पर बातचीत की। सिंह ने राज्य और पश्चिम बंगाल के आसपास के इलाक़ों में सुरक्षा की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने सिक्किम सरकार को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग-10 की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। जो सिक्किम समेत पहाड़ी क्षेत्र की जीवन रेखा है। एनएच-10 विरोध प्रदर्शनों के मुकाबले आवश्यक वस्तुओं के संकट का सामना कर रहा है। सिंह ने चामलिंग से गोरखालैंड की मांग पर विरोध प्रदर्शन के चलते सुरक्षा हालात की भी जानकारी ली।

चामलिंग ने पश्चिम बंगाल में सिक्किम के पंजीकृत वाहनों के साथ हो रही घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में जाने की योजना बना रहे है। चामलिंग ने पश्चिम बंगाल के वाहनों की सुरक्षा का आश्वासन गृह मंत्री को दिया। गृह मंत्रालय को ऐसी रिपोर्ट मिली थी कि सिक्किम से जुड़े टैक्सियों, बसों और निजी वाहनों को सिलीगुड़ी में असामाजिक-विरोधी तत्वों द्वारा रोका गया था।

दार्जीलिंग पर्वतीय क्षेत्र में अलग गोरखालैंड राज्य की मांग में जारी आंदोलन ने न केवल समतल क्षेत्र सिलीगुड़ी को प्रभावित किया है। इस आंदोलन ने पड़ोसी राज्य सिक्किम के अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी तोड़ दी है। इसका प्रमुख कारण सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का गोरखालैंड की मांग का समर्थन बताया जा रहा है। कुछ सप्ताह पहले ही चामलिंग ने केन्द्रीय गृह मंत्री को इस मांग का समर्थन करते हुए चिट्ठी लिखते हुए अलग गोरखालैंड राज्य की मांग का समर्थन किया था। उसके बाद से सिलीगुड़ी के लोगों में सिक्किम के प्रति उबाल है।

पिछले 24 दिनों से दार्जीलिंग पहाड़ पर नये सिरे से गोरखालैंड आंदोलन जारी है और इसका असर सिक्किम पर पड़ रहा है। राज्य में जनजीवन पर इसका सीधा असर पड़ा है। पिछले दिनों हालत इतनी बिगड़ गई कि सिक्किम के गैंगटॉक और सिलीगुड़ी के बीच वाहनों की आवाजाही बंद कर देनी पड़ी थी।

सिक्किम के नंबर वाले वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं और वहां के लोगों के साथ मारपीट भी की गई। आये दिन विभिन्न खाद्य सामग्रियों को लेकर सिक्किम जाने वाले वाहनों को रोकने की घटनाएं घट रही हैं। सिलीगुड़ी में इस प्रतिक्रिया का असर सिक्किम में भी देखने को मिल रहा है। वहां के लोगों में भी पश्चिम बंगाल के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। उल्लेखनीय है कि 80 के दशक में गोरखालैंड आंदोलन की शुरूआत हुई और तब से लेकर अब तक क़रीब 32 वर्षों में इस आंदोलन ने सिक्किम को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है।

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