Wednesday 20 October 2021
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रानी अवंतीबाई लोधी खूब लड़ी थी

शो फ़िल्ममेकर ने आसपास के इलाक़ों में काफ़ी कम बजट और कम संसाधनों के साथ शूट किया जिसे देखते हुए महसूस होता है कि इसकी प्रोडक्शन वैल्यू हल्की है

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सन 1831 में जन्मीं और तब के रामगढ़ के राजकुमार से ब्याह कर रानी बनी अवंतीबाई लोधी ने भी 1857 के संग्राम में अंग्रेज़ों को खूब छकाया था। लड़ते-लड़ते जब उन्हें अपना अंत निकट जान पड़ा तो उन्होंने अपनी तलवार अपने शरीर में घोंप कर आत्मबलिदान दे दिया था। लेकिन क्या आज की पीढ़ी उनके नाम से, उनकी वीरता से परिचित है? आज की पीढ़ी को छोड़िए, क्या कभी हमने ही अवंतीबाई के नाम के अतिरिक्त उनके बारे में अधिक कुछ सुना? निर्देशक महेंद्र सिंह लोधी की सीरिज़ रानी अवंतीबाई लोधी हमें उनकी वही गाथा सुनाने आई है जो इतिहास में दर्ज तो है मगर धूमिल हो चुकी है।

अवंती रानी के बारे में कुछ किताबें भी उपलब्ध हैं। उन्हीं को आधार बना कर रची गई इस कहानी के अभी चार एपिसोड आए हैं जिनमें उनके जन्म से लेकर विवाह और उसके बाद उनकी न्यायप्रियता तक को चित्रित किया गया है। आगे के एपिसोड अभी निर्माणाधीन हैं जो जल्द ही उपलब्ध होंगे।

महेंद्र सिंह लोधी मध्यप्रदेश के उज्जैन में रह कर कम बजट के सिनेमा के माध्यम से लगातार अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं। रानी अवंतीबाई लोधी भी उन्होंने आसपास के इलाकों में काफी कम बजट और बहुत ही कम संसाधनों के साथ शूट किया है। इसे देखते हुए साफ महसूस भी होता है कि इसकी प्रोडक्शन वैल्यू बहुत हल्की है। लेकिन इसे बनाने वालों की विषय के प्रति ईमानदारी साफ झलकती है और यह भी लगता है कि यदि इन्हें अधिक बजट व और अधिक सधे हुए कलाकार व तकनीशियन मिले होते तो ये लोग एक कमाल की सीरिज़ बना सकते थे।

खास बात यह भी है कि महेंद्र सिंह लोधी ने इस सीरिज़ को किसी महंगे या नामी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ करने की बजाय इसे अपने ही बनाए एक नए ओटीटी प्लेटफॉर्म डीजी सिनेमाज़ पर अपलोड किया है जिस पर रानी अवंतीबाई लोधी के अलावा और भी बहुत कुछ उपलब्ध है। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।

दीपक दुआ

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