Wednesday 25 May 2022
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उपराष्ट्रपति चुनाव — मंगलवार को विपक्ष की अहम बैठक

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नई दिल्ली — उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों को लेकर विपक्ष की अहम बैठक मंगलवार को दिल्ली में होगी। राष्ट्रपति चुनाव में लगभग असफल कांग्रेस अब उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर नई रणनीति के साथ उतरना चाहती है। इसलिए इस बार नाराज़ चल रही जेडीयू को भी इस बैठक में शामिल करने पर ज़ोर दिया जा रहा है हालांकि बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले ही उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष को समर्थन देने की बात कही है। जेडीयू सहित 18 विपक्षी पार्टियां मंगलवार को बैठक में शामिल होंगी। ऐसी भी जानकारी मिल रही है कि विपक्ष किसी ग़ैर राजनैतिक व्यक्ति का दांव उपराष्ट्रपति पद के लिए चल सकता है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विपक्ष की बैठक में नीतीश कुमार के शामिल नहीं होने की वजह मंगलवार को जेडीयू की होने वाली बैठक बतायी जा रही है। वहीं नीतीश की तबीयत अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है और जेडीयू की बैठक भी है। इस वजह से विपक्ष की बैठक में नीतीश मौजूद नहीं होंगे। बैठक में जेडीयू की तरफ से शरद यादव शामिल होंगे। वहीं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव भी बैठक में शामिल नहीं होंगे, उन्होंने अपनी जगह जयप्रकाश यादव को बैठक में भेजने का निर्णय किया है।

वहीं अनुमानों का बाज़ार गर्म है कि हो सकता है नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति चुनाव में भी महागठबंध को झटका दें। हालांकि पहले ही नीतीश कुमार ने साफ़ कर दिया है कि वो उपराष्ट्रपति के चुनाव विपक्ष को समर्थन देंगे। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने सोमवार को विपक्षी दलों की बैठक पर कहा, “बैठक करने का मतलब यही है कि आपस में विचार-विमर्श करके एक आम राय बनती है। बैठक से पहले किसी नाम को तय करके किसी बैठक में नहीं जाया जाता है।”

राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार ने एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन किया है। जिसके बाद विपक्ष की एकजुटता पर कई सवाल उठे है। वहीं बिहार में महागठबंधन नेता आपस में एक दूसरे पर लगातार वार-पलटवार कर रहे हैं।

संसद पुस्तकालय में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से बुलाई गई बैठक में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी पार्टियों के नेता शिरकत करेंगे। विपक्षी पार्टियां 17 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में सदन प्रबंधन पर भी चर्चा करेंगी। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 4 जुलाई को शुरू हुई और इसकी आख़री तारीख़ 18 जुलाई है। सूत्रों के अनुसार हर पार्टी से कहा गया है कि वे बैठक में अपने सुझाव दें और विपक्ष इस पर अंतिम निर्णय कर सकता है। साथ ही 16 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक को लेकर भी इस बैठक में चर्चा हो सकती है।

इस मसले पर भाकपा के राष्ट्रीय सचिव डॅनियल राजा (डी० राजा) ने कहा, “अब तक कांग्रेस या किसी अन्य पार्टी ने कोई नाम नहीं दिया है।” उन्होंने कहा कि नामों पर चर्चा हो सकती है और संभवत: किसी नाम पर मंज़ूरी भी दी जा सकती है। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस और जदयू के अलावा राजद, तृणमूल कांग्रेस, वामपंथी पार्टियां, झारखंड मुक्ति मोर्चा, द्रमुक, एनसीपी, केरल कांग्रेस, एआईयूडीएफ, सपा, बसपा, रालोद और जद-एस इस बैठक में हिस्सा ले सकती हैं। उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को पूरा हो रहा है। वह लगातार 2 बार इस पद को संभाल चुके हैं।

पिछले एक माह के दौरान केंद्र सरकार की ओर से विपक्षी दलों में कांग्रेस के नेता पी० चिदंबरम, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बिहार में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव तथा झारखंड में झामुमो नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर प्रहार किया जा चुका है। इनमें से पीचिदंबरम के बेटे कार्ती चिदंबरम की कंपनी को लेकर प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग, बिहार के राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के ठिकानों पर सीबीआर्इ के छापे और झामुमो नेता हेमंत सोरेन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मुआमले को लेकर भाजपा की ओर से प्रहार किया गया है।

राजनैतिक गलियारों में यह भी कहा जा रहा है कि मिशन-2019 को टक्कर देने के लिए विपक्ष की ओर से बनाये गये महागठबंधन में दरार पैदा करने के लिए इसके घटक दलों में अहम रूप से प्रखर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी परोक्ष रूप से सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से गोरखालैंड अलग राज्य मांग करने वालों को हवा देकर दबाव बनाने का काम किया जा रहा है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि मंगलवार को उपराष्ट्रपति चुनाव की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बुलाई गयी विपक्ष की बैठक में इन मसलों पर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है।

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