नई दिल्ली | नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा-नीत राजग सरकार के आज चार साल पूरे हुए। इस अवसर पर सिर्फ़ न्यूज़ ने कुछ जानी मानी हस्तियों से बात की — यह जानने के लिए कि ये चार साल कैसे बीते।

सुरेश रैना (क्रिकेटर)| सबसे पहले तो मैं प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करता हूं, कि उन्होंने मुझे स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा बनाया। उनके कार्य का 4 साल बेमिसाल रहा हैं। उन्होंने जो भी फैसला लिया है वो देश हित को देखते हुए लिया है।

हमारे देश का यह सौभाग्य है कि हमें नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला, जो देश के लिए 18 घंटे काम करते है।

सना खान (अभिनेत्री)| हर कोई परफेक्ट नहीं होता। पिछली सरकार ने क्या किया इसपर मैं बोलना नहीं चाहती। पर मोदी सरकार ने पिछले 4 साल में बेहतर प्रदर्शन किया है। जिस तरह उन्होंने कई बड़े फैसले लिए हैं, इससे पता चलता है कि यह सरकार किसी से डरती नहीं हैं।

जीएसटी का मुझे ज्यादा पता नहीं है, पर नोटेबंदी जैसा फैसला काफी सराहनी रहा। ब्लैक मनी रखने वालों की कमर तोड़ दी।

प्रसून जोशी (कवि, गीतकार, विज्ञापन जगत की हस्ती)| देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मोदी मैजिक का जमाना हैं। हाल में पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ने पर विरोधी पार्टियां इसका विरोध कर रही है। मैं केवल उनसे एक ही सवाल पूछना चाहता हूं। क्या उनके समय पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़े? मोदी जी को थोड़ा समय दीजिए। देश की जनता के लिए उन्होंने कई सारे स्कीम लाए हैं।

इस बार जो बजट लाया गया उसमे स्वास्थ पर दिया गया। नोटेबंदी, जीएसटी जैसे कई ऐतिहासिक फैसले लेने में कामयाब रही और जनता ने भी मोदी सरकार को पूरा समर्थन दिया।

विकास खेमानी (एडलवाइस, वित्तीय सेवा कंपनी)| सरकार ने जिस तरह काफी महत्त्वपूर्ण सुधार किए है जिसकी वजह से शार्ट टर्म में अच्छा फायदा हुआ है। और लॉन्ग टर्म को एक नई दिशा में ले जाने के लिए भी महत्वपूर्ण काम किये है, चाहे वो जीएसटी हो, नोटेबंदी हो, बैंक मुद्रा कोड हो, चाहे वो रेरा हो, इन सब के कारण उन्होंने पुराना सिस्टम खत्म करके नया सिस्टम लाया है। यह सब फैसले भारत को एक नई दिशा में ले जाएगा।

आने वाले समय में भी विकास की दर काफी बढ़ेगी। अर्थव्यवस्था में मांग या खपत में वृद्धि हो रही है। भारत जिस तरह विकास कर रहा है, इससे 2025-26 में भारत तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बन जाएगी। जिस तरह विकास की दर भारत की है दूसरी कोई अर्थव्यवस्था की नहीं हैं। पर कैपिटा इनकम (प्रति व्यक्ति आय) भी 2000-3500 हो जाएगी। जो भारत की दृष्टिकोण से अच्छा है।

नेहा कांदलगावकर (उद्यमी)| स्किल डिवेलपमेंट (कौशल विकास) स्कीम से बहुत से लोगों को रोजगार मिलेंगे। हमलोगों ने नगर निगल के लोगों को ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) दिलाई हैं। उनको नौकरी और कॉपी लाइसेंसिंग (सर्वाधिकार अनुज्ञा) करवा के दिया है। कई लोगों व्यवसायी बनाए है। कई लोगों ने खुद का व्यवसाय चालू किया हैं। अलग-अलग सेक्टर (बाज़ार का भाग) में ट्रेनिंग दी जाती है। स्किल डिवेलपमेंट  की पहले कोई मंत्रालय नहीं था, पर प्रधानमंत्री ने अलग से इसके लिए मिनिस्ट्री बनाई है। और बहुत ही तेजी से काम हो रहा है।

महाराष्ट्र में करीब 60-70 लोगों को रोजगार मेरे हाथों उपलब्ध हो गए है। जैसे-जैसे इस स्कीम में लोग जुड़ेंगे, उतने ही लोगों को ट्रेनिंग दे पाएंगे। 18 साल के लोगों को रु० 5 लाख तक मुद्रा लोन सरकार दे रही है जिससे युवाओं को ख़ुद  का कोपी नया व्यवसाय करने का मौका मिलेगा।

स्वप्नाली साल्वी (उज्ज्वला योजना)| मेरे यहाँ ज्यादातर आदिवासी महिलाएं रहती है। करीब 2,000 के आसपास यहाँ आदिवासी घर हैं और ये लोग आर्थिक रूप से भी कमजोर है। इनके पास रोजगार नहीं हैं। चूल्हे नहीं होने के कारण यह लोग लकड़ियां काटकर, इकठ्ठा कर इस्तेमाल करने के लिए मजबूर है। इससे हमारे पर्यावरण को भी काफी नुकसान हो रहा हैं। यहां की महिलाओं को स्वास्थ का समस्या ज्यादा हैं; किसी को टीबी, किसी को अस्थमा तो किसी को कैंसर हैं।

फरवरी 2017 में हमनें यहां उज्ज्वला योजना लाया। लोगों को गैस कनेक्शन दिलाया गया। प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला योजना लाकर कई घरों में रोशनी लाई हैं। मोदी सरकार ने गरीबों के हित में बहुत सारी योजनाएँ लाई है।

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