Monday 30 November 2020
- Advertisement -

उत्तर प्रदेश में 13 महीने में ₹ 1 करोड़ की सैलरी लेने वाली शिक्षिका गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश स्थित फरीदपुर के कस्तूरबा विद्यालय में अनामिका शुक्ला के फर्जीवाड़ा खुलासा होने पर सहारनपुर, अंबेडकरनगर, अलीगढ़, प्रयागराज समेत 25 जिलों में उसकी तैनाती का पता लगा

- Advertisement -
Politics India उत्तर प्रदेश में 13 महीने में ₹ 1 करोड़ की सैलरी लेने...

उत्तर प्रदेश में कई जिलों में फर्जी तरीके से नौकरी करने के मामले में सुर्खियों में आई शिक्षिका अनामिका शुक्ला को शनिवार को सोरों पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अनामिका शुक्ला यहां के कस्तूरबा विद्यालय फरीदपुर में विज्ञान की शिक्षिका के रूप में पूर्णकालिक रूप से सेवाएं दे रही थी। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर यहां जनपद में अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका की तलाश की गई तो कस्तूरबा विद्यालय में यह शिक्षिका पाई गई।

25 जिलों में नौकरी करने वाली अनामिका मामले में हर स्तर पर लापरवाही बरती गई। जांच के बाद जब इस बात का खुलासा हुआ कि अनामिका नाम की टीचर एक साथ कई जिले में नौकरी कर रही है तो अधिकारियों में खलबली मच गई। अनामिका का काला चिट्ठा 12 दिन में खुला।

शुक्रवार को बीएसए ने शिक्षिका के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया था। यह नोटिस व्हाट्सएप पर भेजा गया था। शुक्रवार की शाम शिक्षिका ने इस नोटिस को देखा तो आज शनिवार को वह अपना इस्तीफा देने बीएसए दफ्तर पहुंची थी। अपने साथ आए एक युवक के माध्यम से उसने इस्तीफे की प्रति बीएसए को भेजी। जब युवक से शिक्षिका के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि अनामिका शुक्ला बाहर खड़ी है।

इसे भी पढ़े: उत्तर प्रदेश — फिर हुआ साधु पर हमला, चुप रही पुलिस, नहीं हुआ एफआईआर दर्ज

अनामिका पिछले 13 महीनों से 25 अलग-अलग स्कूलों से सैलरी लेती रही लेकिन विभाग में किसी को इसकी जानकारी तक नहीं लगी। इस अध्यापिका ने इन 13 महीनों में करीब एक करोड़ से अधिक रुपए कमा लिए। इसका खुलासा तब हुआ जब शिक्षकों का डिजिटल डेटाबेस बनाया गया तो पता चला कि अनामिका शुक्ला नामक शिक्षिका को यूपी के 25 विभिन्न स्कूलों में नियोजित किया गया था। वहीं हर जगह से उनके खाते में सैलरी भी आ रही थी।

आरोपी शिक्षिका

डिजिटल डेटाबेस से सामने आए इस खुलासे से पूरा विभाग हैरान है। यूपी स्कूली शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने मीडिया को बताया, ‘कुछ जिलों के स्थानीय मीडिया में मार्च के महीने में इससे संबंधित स्टोरी छपी थी उसके बाद से ही इस मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। जहां-जहां टीचर की तैनाती बताई गई वहां पर अधिकारियों से डेटाबेस तैयार कर जांच करने को बोला गया तो ये पूरा मामला सामने आया।

अनामिका शुक्ला के दस्तावेज पर कस्तूरबा विद्यालय में विज्ञान की शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही थीं। उनकी तैनाती की रिपोर्ट अंबेडकरनग, प्रयागराज, के साथ सहारनपुर, बागपत, अलीगढ़ समेत कई जिलों में मिली है। मैनपुरी जिले की रहने वाली अनामिका नाम की टीचर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड पर तैनात है लेकिन इसकी असली पोस्टिंग किस जिले में हुई थी इसकी भी जांच चल रही है।

इसे भी पढ़े: Yogi govt disburses loan of Rs 2002 cr to 56,754 entrepreneurs

8 मार्च 2019 को शुक्ला की नियुक्ति हुई थी लेकिन ये पूरा मामला कैसे फ्राॅड में बदला इसकी जांच चल रही है। शिक्षिका को 22 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी दी जा रही थी।

अनामिका शुक्ला के नाम से फर्जी नौकरी करने वाली शिक्षिका ने पूछताछ में पुलिस को कई बार छकाया। पूछताछ के दौरान बराबर वह अपना नाम बदलती रही। पकड़ी गई शिक्षिका ने ना केवल अपना नाम बदल -बदल कर बताया बल्कि कई बार गुमराह करने वाली जानकारियां देकर पुलिस को परेशान किया।

- Advertisement -

Views

Hindu Censored By Social Media Too

Since late 2017, as the social media companies got surefooted of their stranglehold over conversations in India, views of Hinduism and Sanatana Dharma have...
- Advertisement -

Interfaith Marriage Fraught With Risks Even Sans Love Jihad

Inter-faith marriages are being utilised as tools to facilitate irreversible changes to India's religious demography by the vested interests who dream of 'Abrahamising' India and finally complete their unfinished agenda

World Order Is Changing: 2+2 Takeaway

The world is reordering itself to resist Chinese moves with the US, France, Britain and allied countries moving towards military partnerships

Related news

- Advertisement -
%d bloggers like this: