Tuesday 19 October 2021
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कश्मीर को लेकर ख़तरनाक प्लान बना रहे तुर्की, पाकिस्तान

फ़ई ने अमेरिका में कश्मीर के ख़िलाफ़ साज़िश रचने के लिए अमेरिकी काउंसिल अफ़ कश्मीर की स्थापना की थी जिसकी फंडिग पाकिस्तान की ISI करती है

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पाकिस्तान का दोस्त तुर्की कश्मीर में आतंक फैलाने की साज़िश रच रहा है। ग्रीस की एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि तुर्की के कठमुल्ला राष्ट्रपति रेजेप तैय्यिप एरदोवान अपने भाड़े के लड़ाकों को हिंसा फैलाने के लिए कश्मीर भेजने की तैयारी कर रहे हैं। उनके सैन्य सलाहकार ने कश्मीर को लेकर अमेरिका में सक्रिय आतंकी संगठन का सहयोग भी लिया है।

Pentapostagma की रिपोर्ट में कहा गया है कि तुर्की के भाड़े के लड़ाकों का सैन्य संगठन सादात अब कश्मीर में सक्रिय होने की तैयारी कर रहा है। तुर्की ख़ुद को मध्य एशिया में अग्रणी शक्ति के रूप में दिखाना चाहता है, इसलिए वह पाकिस्तान के साथ मिलकर कश्मीर में हिंसा फैलाने की साजिश रच रहा है।

एर्दोवान ने अपने मिशन कश्मीर की ज़िम्मेदारी सादात को सौंपी है। सादात का नेतृत्व एर्दोवान का सैन्य सलाहकार अदनान तनरिवर्दी करता है, जिसने कश्मीर में जन्मे सैयद ग़ुलाम नबी फ़ई नाम के आतंकी को नियुक्त किया है। फ़ई पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के पैसों पर भारत के ख़िलाफ़ भाड़े के सैनिकों की भर्ती करने के लिए अमेरिका में दो साल की सज़ा काट चुका है।

फ़ई ने अमेरिका में कश्मीर के विरुद्ध षड़यंत्र रचने के लिए अमेरिकी काउंसिल ऑफ कश्मीर की स्थापना की थी, जिसके कई सहयोगी भारत के वामपंथियों के बीच मौजूद हैं। इस संस्था की फंडिग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI करती है। यह संगठन अब तुर्की के सादात और इस्लामिक दुनिया नाम के एक एनजीओ के साथ मिलकर कश्मीर में साजिश रच रहा है। कश्मीर को लेकर सैयद गुलाम नबी फई काफी सक्रिय है। वह अक्सर सादात के कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेता है।

सादात भाड़े के आतंकियों का समूह है, जो तुर्की, सीरिया, लीबिया सहित कई देशों में जिहादियों को प्रशिक्षित करने और हथियार उपलब्ध कराने जैसे काम करता है। इसमें बड़ी संख्या में तुर्की की सेना के रिटायर्ड फौजी भी शामिल हैं। सादात मुस्लिम देशों के हज़ारों लड़ाकों को मिलाकर एक इस्लामी सेना बनाने की कोशिश में जुटा है। नगोर्नो-काराबाख़ की जंग में भी तुर्की ने भाड़े के सैनिकों को भेजकर अजरबैजान की मदद की थी।

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