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Wednesday 11 December 2019
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मंगल की तस्वीरों में मिला जीवन का प्रमाण, दावा वैज्ञानिक का

मार्स रोवर्स से प्राप्त तस्वीरों से एंटोमोलॉजिस्ट विलियम रोमोसर को लगा कि उन्होंने मंगल पर एक कीड़े की छवि देखी है जब कि स्तंभकार अमांडा कूज़र का मानना है कि रोमोसर भ्रम के शिकार हैं

नासा के मार्स रोवर्स द्वारा कैद की गई तस्वीरें अब तक की सबसे बड़ी वैज्ञानिक खोज को उजागर करती हैं: जीवन का प्रमाण! एंटोमोलॉजिस्ट (कीट वैज्ञानिक) विलियम रोमोसर ने मंगलवार 19 नवंबर को मिसौरी के सेंट लुइ में एंटोमोलॉजिकल सोसायटी ऑफ अमेरिका की राष्ट्रीय बैठक में एक पोस्टर प्रस्तुति दी। उन्होंने दावा किया कि नासा के चित्रों के उनके विश्लेषण से इस बात के पुख्ता सबूत मिलते हैं कि मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद है, जिसमें कीट और सरीसृप जैसे जीव शामिल हैं, जिनमें से कुछ आज भी वहां रहते हैं।

“मंगल ग्रह में जीवन था और अभी भी है,” रोमोसर ने कहा। “मंगल के कीट-जैसे जीवों के बीच स्पष्ट विविधता होती है जो कि ज़मीन के कीड़े के समान कई विशेषताएं प्रदर्शित करते हैं जिनकी व्याख्या उन्नत समूहों के रूप में की जाती है — उदाहरण के लिए, पंखों की उपस्थिति, विंग फ्लेक्सन, फुर्तीली ग्लाइडिंग या उड़ान और विभिन्न संरचित पैर जैसे तत्व।”

सौजन्य: नासा एवं ओहायो विश्वविद्यालय

रोमोसर ने बताया कि अभी तक उनके सामने कोई स्पष्ट छवि उभर कर नहीं आइ है परन्तु अब तक जो भी समझ में आया है उसे अवैध नहीं माना जा सकता।

तस्वीरों का विश्लेषण करने के लिए रोमोसर ने संतृप्ति, चमक और कंट्रास्ट जैसे कारकों के साथ शोध किया, लेकिन ओहायो विश्वविद्यालय से एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने फ़ोटो से किसी भी सामग्री को नहीं जोड़ा या हटाया नहीं।

रोमोसर के अनुसार “एक एक्सोस्केलिटन (बाहरी कंकाल) और संयुक्त उपांग एक आर्थ्रोपोड (आठ पैरों वाला) के रूप में पहचान स्थापित करने के लिए पर्याप्त हैं। तीन-निकाय क्षेत्र, एंटीना की एक जोड़ी और छह पैर पारंपरिक रूप से पृथ्वी के कीट समान रूप की पहचान स्थापित करने के लिए पर्याप्त हैं। इन विशेषताओं को पहचान कर यह मानना होगा कि मंगल पर कीड़े जैसे प्राणियों का रहना संभव है या मंगल पर एक जीव है जो कीट जैसा होता है। इन आधारों पर मंगल ग्रह की रोवर तस्वीरों में आठ पैरों वाले कीट जैसे रूप देखे जा सकते हैं।”

वैज्ञानिक ने कहा कि उन्होंने जिन एकाध जीवों को देखा है, वे बढ़ई मधुमक्खियों और सांपों से मिलते-जुलते हैं। यह शायद ग़लत दावा है। यह पहली बार नहीं है जब रोमोसर ने मंगल ग्रह पर जीवन के कथित सबूत की सूचना दी है। 2017 और 2018 में उन्होंने लाल ग्रह पर “अज्ञात हवाई घटना” का वर्णन करते हुए दो रिपोर्ट प्रकाशित कीं। जैसा कि अमांडा कूज़र ने CNET के लिए लिखा है, रोमोसर एक विशेष मनःस्थिति के शिकार हैं जिसे पारेइडोलिया कहते हैं जिसमें लोग किसी आकार को देख किसी जानी-पहचानी वस्तु से उसकी तुलना करने लगते हैं जैसे कि बादलों में इंसान का चेहरा देखना या कोई मजहबी चिन्ह देखना। कूज़र कहती हैं कि आज तक लोगों ने जो कि पेनकेक्स से लेकर फ्रांस के गिर्जाघर नोत्र दाम में लगी आग की लपटों को मंगल रोवर्स द्वारा खिंची तस्वीरों में देखने का दावा किया है।

सौजन्य: नासा एवं ओहायो विश्वविद्यालय

पर रोमोसर ने ओहायो विश्वविद्यालय में बतौर कीट विज्ञान प्राध्यापक 45 साल बिताए हैं, जहां उन्होंने उष्णकटिबंधीय रोग संस्थान की सह-स्थापना की थी। उन्होंने अमेरिकी सेना के चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के संक्रामक रोगों के लिए एक शोधकर्ता के रूप में भी काम किया और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली पाठ्यपुस्तक के चार संस्करणों के लेखक और सह-लेखक हैं — द साइंस ऑफ एंटोमोलॉजी। इसलिए उनके दावे को किसी मनोरोग का प्रतिफलन कहना शायद उद्दंडता होगी।

रोमोसर ने इस सप्ताह एक लेक्चर के दौरान सुझाव दिया कि वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर जीवन की तलाश करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “यहां प्रस्तुत मंगल पर जीवन का प्रमाण कई अतिरिक्त महत्वपूर्ण जैविक और सामाजिक और राजनीतिक सवालों के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है। यह आगे के अध्ययन के लिए एक ठोस औचित्य का भी प्रतिनिधित्व करता है।”

अगले साल मार्स 2020 रोवर की कुछ ऐसा ही करने की योजना है, लेकिन इसका शोध का केंद्रबिंदु लुप्त माइक्रोबियल जीवन की खोज करना होगा, कीड़े-मकौड़ों की खोज करना नहीं।

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