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Thursday 28 May 2020

स्वरा भास्कर हुईं ट्रोल, लोगों ने की मंथरा से तुलना

स्वरा भास्कर अक्सर ही ट्रोलर्स का शिकार होती हैं। सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें उनके किसी ना किसी बयान या ट्वीट को लेकर ट्रोल करते ही रहते हैं

Editorials

Reforms By Modi Run Into Tired Socialist Criticism

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In India

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कोरोनावायरस के कहर के चलते देश को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन किया गया है। इन 21 दिनों में कोरोनावायरस पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। वहीं इसी बीच सरकार भी लोगों को घर में ही रहने के लिए प्रेरित कर रही है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जिसमें से एक है लोगों की डिमांड पर 80 के दशक की रामायण और महाभारत का प्रसारण। लेकिन रामायण के प्रसारण से बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

स्वरा भास्कर अक्सर ही ट्रॉल्स का शिकार होती हैं। सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें उनके किसी न किसी बयान या ट्वीट को लेकर ट्रोल करते ही रहते हैं। लेकिन इस बार स्वरा रामायण के प्रसारण की वजह से ट्रॉल्स के निशाने पर आ गईं। या यूं कहें कि इस बार ट्रॉल्स ने स्वरा पर उनकी पिछली करतूतों की वजह से निशाना साधा। दरअसल ट्रॉल्स ने स्वरा की रामायण के एक किरदार से तुलना कर दी।

सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेत्री स्वरा की तुलना की है मंथरा से। मंगलवार की सुबह से ही ट्विटर पर रामायण के दो मशहूर महिला किरदार रानी कैकेयी और उनकी नौकरानी मंथरा ट्रेंड कर रही थीं। जिसके बाद लोगों ने स्वरा भास्कर की तुलना मंथरा से करना शुरू कर दी। यहां तक कि लोगों ने स्वरा को कलयुग की मंथरा तक बता दिया।

After Telecast Of Ramayan People Trolled Swara Bhasker Says She Is ...

ये कोई पहली बार नहीं है जब स्वरा को ट्रोल किया जा रहा हो। इससे पहले भी स्वरा कई बार ट्रॉल्स का शिकार हो चुकी हैं। लेकिन ये पहली बार हुआ जब वो अपनी पहले की करतूतों की वजह से से ट्रोल हुईं। लोगों की इन पोस्ट पर कई यूजर्स ने कमेंट्स भी किए हैं। 80 के दशक की रामायण को लोग बहुत पसंद करते हैं। जिसकी वजह से लोगों की डिमांड पर इसे एक बार फिर से शुरू किया गया है।

वैसे तो टेलीविजन पर रामायण कई बार आ चुकी है। लेकिन रामानंद सागर की रामायण का क्रेज आज भी लोगों में बरकरार है। 90 के दशक में जब इसका प्रसारण किया जाता था तब रामायण के समय में सड़कों पर कर्फ्यू जैसा माहौल हुआ करता था। इसके किरदारों को लोग असल जीवन में भगवान मानकर पूजने लगे थे। जब रामायण का प्रसारण शुरू हुआ करता था उसके पहले लोग अपने टेलीविजन के आगे अगरबत्ती जलाया करते थे और खत्म होने के बाद प्रसाद भी बांटा करते थे।

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