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Sunday 7 June 2020

सिर्फ 25% लीवर पर सर्वाइव कर रहा हूं—अमिताभ बच्चन

अमिताभ आगे कहते हैं, 'खास तौर से इस वजह से भी मैं हैपेटाइटिस बी के बारे में लोगों को जागरूक करने की मुहीम से जुड़ा क्योंकि मैं खुद पीड़ित हूं और इस बारे में अच्छी तरह बात कर सकता हूं

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मुंबई— महानायक अमिताभ बच्चन सरकार द्वारा चलाए जा रहे तमाम कैम्पेन से जुड़कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। साथ ही वह किसानों और शहीद जवानों के परिवार की मदद भी करते हैं। आने वाले समय में अमिताभ 44 शहीद जवानों के परिवार को एक करोड़ रुपए की मदद करेंगे और सवा करोड़ की मदद से 200 किसानों का कर्ज खुद चुकाएंगे।

कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर अमिताभ ने कई तमाम सरकारी कैम्पेन से जुड़े अमिताभ बताते हैं, ‘मैं बहुत से कैम्पेन के साथ जुड़ा हुआ हूं, जिनमें बहुत से कैम्पेन सरकार की तरफ से आयोजित हैं। जैसे स्वच्छ भारत, बेटी बचाओ, के अलावा बहुत से मेडिकल कैम्पेन जैसे पोलियो, टीबी, हैपेटाइटिस बी से जुड़ा हूं। यह सभी कैम्पेन सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं। पोलियो में हमने 8 साल काम किया और सौभाग्य से भारत अब पोलियो फ्री हो चुका है। टीबी और हैपेटाइटिस बी के साथ मैं हाल ही में, साल भर पहले जुड़ा हूं।’

अमिताभ खुद का उदाहरण देते हुए बताते हैं, ‘यह कहने में मुझे कोई आपत्ति नही कि मैं स्वयं टीबी का मरीज रहा हूं और इस समय पिछले कई सालों से हैपेटाइटिस बी से जूझ रहा हूं। 1982 में जब मेरा फिल्म कुली के सेट पर ऐक्सिडेंट हुआ था और मुझे खून की जरूरत थी, तब उस समय 200 ब्लड डोनर थे, उनमें से किसी एक को हैपेटाइटिस बी था, जो उस समय डॉक्टर्स डिटेक्ट नहीं कर पाए और यह वायरस मेरे शरीर में 1982 में प्रवेश कर गया था। उसके बाद साल 2006-07 में यह वायरस मेरे शरीर में डिस्कवर हुआ। तब पता चला कि उसकी वजह से मेरा 75% लीवर खराब हो चुका है। मैं इस समय सिर्फ 25% लीवर पर सर्वाइव कर रहा हूं।’

बिग बी ने कहा, ‘खास तौर से इस वजह से भी मैं हैपेटाइटिस बी के बारे में लोगों को जागरूक करने की मुहीम से जुड़ा क्योंकि मैं खुद पीड़ित हूं और इस बारे में अच्छी तरह बात कर सकता हूं। मैं लोगों को अपना जीता-जागता उदाहरण देकर समझा सकता हूं। खुद का उदाहरण देकर मैं लोगों की सहानभूति नहीं चाहता, बल्कि यह चाहता हूं कि लोग खुद का टेस्ट कराएं और अगर कोई समस्या सामने आती है, तो उसका उचित इलाज हो सके। जैसा मेरे साथ हुआ, वैसा किसी के साथ भी न हो। मुझे इस बीमारी को जानने में सालों का इंतज़ार करना पड़ा क्योंकि मैंने कभी उसका कोई टेस्ट नहीं करवाया था और उम्मीद भी नहीं की थी कि इस तरह की कोई समस्या हो सकती है। इस बीमारी ने मेरा 75% लीवर खा लिया। आमतौर पर इस बीमारी का कारण शराब होता है, जो कि मैं पीता नहीं हूं।’

किसानों और जवान शहीद के परिवारों की स्थति पर अमिताभ ने कहा, ‘समाज की दूसरी भी कई समस्याएं हैं जिनसे मुझे तकलीफ होती है, उनमें से एक है किसानों की आत्महत्या। मैं अपने द्वारा किये गए चैरिटी पर बात नहीं करना चाहता हूं, लेकिन आज बात निकली है तो बता रहा हूं। मैं एक बार विशाखापटनम में फिल्म की शूटिंग कर रहा था तब वहां के अखबार में पढ़ा कि मात्र 20000-25000 और 30000 रुपयों के बैंक लोन को न चुका पाने के कारण किसान आत्महत्या कर रहे हैं। मैं अपनी शूटिंग खत्म करके मुंबई पहुंचा और संबधित लोगों से बात कर करीब 40 से 45 किसानों का लोन चुकाया।’

अमिताभ आगे कहते हैं, ‘कुछ साल पहले विदर्भ में जब किसानों ने आत्महत्या करनी शुरू की तब भी मैंने 50 किसान परिवारों की मदद की थी। मुझे देश की रक्षा कर रहे जवानों की चिंता भी बहुत होती है और इस पर भी मैं काम कर रहा हूं। इसी हफ्ते हमने 44 शहीद जवानों के परिवारों का पता लगाया है। यह लिस्ट हमें सरकार की ओर से प्राप्त हुई है। हमने 112 ड्राफ्ट तैयार किए हैं, जो एक करोड़ रुपए के हैं, ताकि 44 परिवारों की मदद हो सके। शहीदों के परिवार को की गई मदद के लिए सरकार की ओर से एक नियम बनाया गया है, जिसमें 60% राशि शहीद की पत्नी को जाता है, 20 पिता और 20% मां को दिया जाता है। अगर माता-पिता किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो यह प्रतिशत बढ़ जाता है। हमने अपने ड्राफ्ट 112 ड्राफ्ट ऐसे ही बनाएं हैं।’

अमिताभ ने कहा, ‘मैं फिर से किसानों की मदद के लिए सवा करोड़ की राशि दे रहा हूं, जिससे 200 किसानों की मदद होगी। इस बार किसानों की मदद के लिए मैं सरकार के पास नहीं गया क्योंकि इस मामले में सरकार से बात करना मैंने जरूरी नहीं समझा। मैंने अपने बैंक ‘बैंक ऑफ इंडिया’ के जरिए उन किसानों की लिस्ट निकलवाई, इस लिस्ट में 200 किसानों का नाम सामने आया, जिनको लोन भरना है। अब यह लोन मैं भर रहा हूं। मैं इन दिनों सरकारी कैम्पेन के अलावा यही सब काम कर रहा हूं। बहुत सारी शिकायतें आती हैं कि किसानों को दान किया गया पैसा उनके पास नहीं जाता, इसके लिए हमने बैंक से एन ओ सी ले ली है, ताकि भविष्य में कभी भी कोई समस्या न हो।’

Siddharth Raghvendra Raghuvanshi
Siddharth Raghvendra Raghuvanshi
Editorial Assistant of Sirf News with experience in covering sports and entertainment for Navbharat Times and Network 18's IBN Lokmat
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