Wednesday 20 October 2021
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मुंबई के विद्यार्थियों ने कोविड -19 से निपटने के लिए बनाया ऐप

मुंबई के सायन में स्थित केजे सोमैया इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉलेज ने फैकल्टी के मार्गदर्शन से "ऐप-हेल्प फ्लेयर सॉफ्टवेयर बनाया है

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पूरा विश्व कोविड-19 की महामारी ने लोगों को झकझोर कर रखा है। भारत सरकार ने इन परिस्थितियों से निपटने तथा इस रोग का विस्तार नहीं हो इसके लिए पूरे भारत में लॉक डाउन का ऐलान कर रखा है। लॉकडाउन में फंसे गरीब जहां मदद की आस लगाए बैठे है वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चाह कर भी लोगों की मदद नहीं कर पा रहे हैं इसी कड़ी को जोड़ने की कोशिश की है मुंबई के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने।

केजे सोमैया विद्याविहार के छात्रों ने एक ऐसा वेब एप तैयार किया है जिसकी मदद से यह जानकारी मिल सकेगी की जरूरतमंदों को किस जगह और किन चीजों की आवश्यकता है। जिससे लोग उनकी मदद कर सकते हैं। तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों इदरीस दरगाहवाला, बुरहानुद्दीन उदयपुरवाला और शिवम भानुशाली ने यह ऐप तैयार किया है। इस ऐप को 6 अप्रैल को लांच किया गया।

शिवम ने सिर्फन्यूज़ को बताया कि लॉकडाउन के बीच दिहाड़ी मजदूरों के काम बंद हो गए हैं। हम लगातार ऐसी खबरें देख रहे थे जहां लोग मदद की गुहार लगा रहे थे। कुछ गैर सरकारी संस्थाओं से जुड़े लोग हमारे संपर्क में रहे जो मदद तो करना चाहते थे लेकिन मदद किन लोगों की और कहां करनी है साथ ही उन्हें किन जीवनावश्यक वस्तुओं की जरुरत है, यह भी पता लगाना मुश्किल था। इसके बाद अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन से हमने काम शुरू किया और हेल्प फ्लेयर नाम का वेब ऐप तैयार हो गया। इसका इस्तेमाल बेहद आसान है।

मुंबई के सायन में स्थित केजे सोमैया इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कॉलेज ने फैकल्टी के मार्गदर्शन से “ऐप-हेल्प फ्लेयर सॉफ्टवेयर बनाया है, जिससे लोगों को काफी लाभ मिलेगा। यह ऐप प्रभावित लोगों पर ध्यान देता है और काम करने वाले समूह को उनकी सहायता करने के लिए डाटा प्रदान करता है, जिसकी उनको जरूरत है।

मोबाइल या कंप्यूटर से वेबसाइट पर जाकर मैप के सहारे जगह और जरूरत के सामानों का विवरण दिया जा सकता है। जानकारी देने वाले का नाम और मोबाइल नंबर भी इसमें उपलब्ध कराना पड़ता है। यह विवरण देखकर सहायता देने के इच्छुक लोग समान पहुंचा कर उसकी तस्वीर भी साझा कर सकते हैं जिससे इसकी पुष्टि हो सके।

प्रिंसिपल डॉ. सुरेश उकरांडे ने कहा कि, हमें अपने विद्यार्थियों पर गर्व है, लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद इन सभी के दिमाग में एक ऐसा सोलुशन की बात सूझी, जिसमें यहलोग योगदान दे सकते है, उन्होंने अपने फैकल्टी की मदद से सफलतापूर्वक इस ऐप का निर्माण किया। इस महामारी के दौरान कई चुनौतियों का हम सामना कर रहे है, उससे निपटने के लिए यह ऐप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अधिक से अधिक लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए ऐप को अंग्रेजी और हिंदी दो भाषाओं में उपलब्ध किया गया है।

Website link – https://help-flare.web.app/

A short explaining what the project is about – https://www.youtube.com/watch?v=EY4HCGZaF6I

You can check updates of the project over here – https://www.instagram.com/codendeavour/

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Siddharth Raghuvanshi
Editorial Assistant of Sirf News with experience in covering sports and entertainment for Navbharat Times and Network 18's IBN Lokmat

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