Saturday 19 June 2021
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बस्ती में 4 दशक पुरानी माँ काली की मूर्ति तोड़ स्थापित की आंबेडकर व बुद्ध की प्रतिमाएँ

अंबेडकर व बुद्ध की मूर्ति को 25 अप्रैल के आस पास स्थापित किया गया था। तुरंत हिन्दू संगठनो ने रोष प्रकट करते हुए इसकी शिकायत प्रशासन से की।

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में भीम आर्मी समर्थित दबंगो द्वारा माँ काली की मूर्ति को हटा कर आंबेडकर की मूर्ति स्थापित किया गया। लोगो को यह सुचना मिली कि जहां पर माँ काली की मूर्ति स्थापित है वहां आंबेडकर की मूर्ति को लगा दिया गया है। वहीं माँ काली की मूर्ति अपनी जगह से गायब थी। गाँव के हिन्दू संगठनों ने बताया कि मूर्ति करीब 35 से 40 वर्षो से अपने स्थान पर स्थापित थी। जिसे भीम आर्मी के समर्थन से लड़ रहे अश्वनी उर्फ़ मोनू द्वारा हटवाया गया है। अश्वनी गौतम ने जगह जगह आंबेडकर की ऐसे ही मूर्तियां स्थापित करने का वादा कर चुनाव लड़ा था जिससे वह दलितों को अपने पक्ष में लामबंद कर सके।

प्रवीण शुक्ल ने बताया कि आंबेडकर व महात्मा बुद्ध की मूर्ति को 25 अप्रैल के आस पास स्थापित किया गया था। मामले पर तुरंत हिन्दू संगठनो द्वारा रोष दिखाते हुए इसकी शिकायत प्रशासन से की गई। ग्रामीणों के रोष को भांपते हुए तुरंत मौके से बुद्ध व आंबेडकर की मूर्ति विस्थापित करने पर सहमति बन गई। ग्रामीणों के आक्रोश को भांपते हुए बुद्ध व आंबेडकर की मूर्ति स्थापित करने वाले शिव कुमार ने सुलहनामा लिखते हुए मूर्ति हटाने पर सहमति जता दी है। साथ ही अब पहले की तरह मौजूदा जगह पर काली माँ की मूर्ति को स्थापित किया गया। एसडीएम की मौजूदगी में 6 मई को मौजूदा मूर्तियों को विस्थापित कर माँ काली की मूर्ति को स्थापित किया गया।

महाराष्ट्र में भी तोड़ी गई थी मूर्तियां

यह कोई पहली घटना सामने नहीं आई है जहां हिन्दू देवी देताओ की मूर्तियों को तोड़कर आंबेडकर या बुद्ध की मूर्तियों को स्थापित किया गया हो। ऐसे ही एक प्रकरण में महाराष्ट्र के लातूर जिले में हिन्दू देवी देवताओ की मूर्तियों को जेसीबी से तोड़कर आंबेडकर का मंदिर बनाया गया था। साथ ही प्रकरण का विरोध करने पर एक परिवार पर एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करा दिया गया था।

फलाना दिखाना के सौजन्य से

Publishing partner: Uprising

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