बुर्क़े से बाहर आई श्रीवास्तव-निहलानी की जंग

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निहलानी व श्रीवास्तव

मुंबई — प्रकाश झा की प्रोडक्शन कंपनी में बनी फ़िल्म लिपस्टिक अंडर माई बुर्क़ा की निर्देशिका अलंकिृता श्रीवास्तव और केन्द्रीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी एक बार फिर एक दूसरे से भिड़ने को तैयार नज़र आ रहे हैं। सेंसर बोर्ड के साथ अनुभवों को लेकर अलंकिृता श्रीवास्तव ने सीधे तौर पर पहलाज निहलानी को आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि पहलाज का रवैया बहुत ख़राब रहा।

श्रीवास्तव ने कहा कि बोर्ड अध्यक्ष उनसे भिखारियों की तरह बर्ताव करते थे। जब निर्देशिका के आरोप निहलानी तक पहुँचे तो उन्होंने पलटवार करते हुए अलंकिृता पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने सेंसर बोर्ड की आपत्तियों पर सोचने की जगह उनको फ़िल्म के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया। निहलानी ने आरोप लगाया कि उन्होंने फ़िल्म निर्माताओं को कई बार बातचीत के लिए बुलाने की कोशिश की लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। निहलानी ने दोहराया कि सेंसर बोर्ड किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं करता और सेंसर के दिशानिर्देशों का पालन किया जा रहा है और आगे भी ऐसा ही होता रहेगा।

यह फ़िल्म काफ़ी समय तक सेंसर बोर्ड में फंसी रही थी जब उसकी विषयवस्तु को आपत्तिजनक बताते हुए बोर्ड ने इस चलचित्र को पास करने से मना कर दिया था। बाद में फ़िल्म एपलेट ट्रिब्यूनल में मुआमला पंहुचा तो पुनर्विचार अधिकरण के आदेश पर सेंसर ने ‘ए’ सर्टिफिकेट के साथ फ़िल्म को हरी झंडी दी।

सेंसर बोर्ड से प्रमाण पत्र मिलने के बाद इस फ़िल्म के प्रचार और वितरण से एकता कपूर की कंपनी बालाजी जुड़ी और नए विज्ञापन, झलकियों और जन-संपर्क के साथ फ़िल्म को अब 21 जुलाई को रिलीज़ किया जाना है। फ़िल्म में कोंकणा सेन शर्मा, रत्ना पाठक, आहना कुमरा और पलबिता बोरठाकुर मुख्य चरित्र निभाती नज़र आएंगी। कहानी 4 ऐसी महिलाओं के बारे में है जो खुलकर अपनी ज़िन्दगी का लुत्फ़ उठाना चाहती हैं। उसका परिणाम क्या होता है जानने को फ़िल्म प्रेमी उत्सुक हैं।

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