Friday 27 January 2023
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PoliticsIndiaनिधि राज़दान को बेवक़ूफ़ बनाया पाकिस्तानियों, चीनियों ने

निधि राज़दान को बेवक़ूफ़ बनाया पाकिस्तानियों, चीनियों ने

निधि राज़दान ने एक बार प्रयास करने के चलते अपना सीवी भी सबमिट कर दिया था। जिस मेल आईडी से निधि को ईमेल किया गया था उसका एड्रेस व रुट वेब एड्रेस फलाना दिखाना के पास मौजूद है

बीते दिनों NDTV की वरिष्ठ पत्रकार निधि राज़दान ने ट्विटर के माध्यम से सभी को सूचित किया था कि वह एक फिशिंग अटैक का शिकार हुई थी। उन्हें हार्वर्ड में किसी भी प्रकार के प्रोफेसर पद के लिए चयनित नहीं किया गया था, यह सोची समझी साज़िश के तहत ग़लत मेल भेज (phishing) उनकी सभी निजी जानकारियों को निकालने का प्रयास किया गया था।

निधि के इस तरह एकाएक अपने को फिशिंग का शिकार बताना ट्विटर पर कई लोगो को रास नहीं आ रहा है। कई मीडिया पोर्टल इसमें कुछ ग़लत होने की सुगबुगाहट महसूस कर रहे हैं तो कई हार्वर्ड में पत्रकारिता का कोई विभाग न होना बताकर निधि पर प्रश्न खड़े कर रहे है। जिस कारण फलाना ढिकाना की टीम ने निधि राज़दान से जुड़े इन्ही तथ्यों पर सच्चाई जानने की कोशिश की।

घटना उस समय की है जब 2020 के शुरूआती महीनो में निधि हार्वर्ड केनेडी स्कूल में बतौर गेस्ट स्पीकर शामिल हुई थी। उसी दौरान शो के एक कथित आर्गेनाइजर ने निधि राज़दान से संपर्क कर विश्विद्यालय में निकलने वाली टीचिंग वैकेंसी के बारे में बताया था। जिसके बाद निधि ने एक बार प्रयास करने के चलते अपना सीवी भी सबमिट कर दिया था। जिस मेल आईडी से निधि को ईमेल किया गया था उसका एड्रेस व रुट वेब एड्रेस फलाना दिखाना के पास मौजूद है।

ईमेल एड्रेस के बारे में जब अन्य जानकारियाँ जुटाई गईं तो कई चौकाने वाली बाते प्राप्त हुईं। निधि राज़दान को जिस मेल आईडी से मेल प्राप्त हुआ था वह harvardcareer.com से जुड़ा हुआ है जो कि किसी चीनी व्यक्ति का है। अधिक जानकारी प्राप्त करने पर पता चला कि यह वेब एड्रेस जनवरी 2020 को ही रजिस्टर किया गया था जिस समय का निधि जिक्र कर रही थी।

इसी दौरान वह उस कथित आर्गेनाइजर से भी मिली थी जिसने टीचिंग वैकेंसी होने की बाते बताई थी।

में ही एडिटोरियल डायरेक्टर के पद पर काम करने वाली सोनिया सिंह को भी निधि के लिए संस्तुति पत्र लिख कर देने के लिए मेल आया था। जिसे देखकर उन्हें भी शक नहीं हुआ था।

हार्वर्ड करियर चीनी व्यक्ति गुआन वांग के नाम से रजिस्टर है जोकि 100 से अधिक फर्जी वेबसाइट को चलाता है।

गुआन से पहले यह डोमेन Ron Elitzur के नाम से रजिस्टर था। जोकि करियर नाम से 28 के करीब साइट चलाता है।

साइबर सेल ने बताया, हार्वर्ड स्कैम की पूरी पड़ताल की जा चुकी है। पड़ताल में दो लोगो के नाम सामने आये है जिन्होंने इस फिशिंग अटैक को अंजाम दिया था। फर्जीवाड़े को करने में एक पाकिस्तानी व एक चीनी नागरिक की भूमिका है है हालांकि मुआमले में दोनों का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।

मामले में अपराधियों के नाम सामने आने के बावजूद उनपर कुछ बड़ी कार्यवाई नहीं करी जा सकी है।

यह स्टोरी फलाना-ढिकाना साइट से उनकी अनुमति से पुनर्प्रकाशित की गई है

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