निर्वाचन आयोग को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

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नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को फटकार लगाते हुए पूछा है कि लोकसभा चुनाव के तीन साल बाद तक आपके पास अभी तक ये आंकड़ा मौजूद नहीं है कि किस उम्मीदवार ने चुनाव में कितने पैसे खर्च किए। लोकप्रहरी नामक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जे चेलमेश्वर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि संसद कहता है कि अगर किसी उम्मीदवार ने चुनाव में तय सीमा से ज्यादा पैसे खर्च किये तो चुनाव आयोग कार्रवाई करता है। लेकिन अगर आपके पास कोई आंकड़ा ही नहीं है तो कार्रवाई किस आधार पर करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि आपको कैसे पता चलेगा कि लोकसभा में किसी उम्मीदवार ने पैसे ज्यादा खर्च किये ? कोर्ट ने कहा आप कह रहे हैं कि डाटा डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर के पास है लेकिन 3 साल बीत गए डाटा आपके पास क्यों नहीं है ? निर्वाचन आयोग ने कहा कि आंकड़ा जिला निर्वाची अधिकारियों के पास है। उन आंकड़ों को मंगाने के लिए तीन सप्ताह का समय चाहिए।

एनजीओ लोकप्रहरी ने याचिका दायर कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट दिशानिर्देश जारी करे कि नामांकन के वक्त ही उम्मीदवार अपने और अपने परिवार की आय के जरिया के बारे में बताएं। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

इस मामले पर केंद्र सरकार ने अपने हलफनामा में कहा था कि नामांकन के वक्त उम्मीदवारों द्वारा अपने और अपने परिवार की आय की जानकारी जरुरी करने के लिए केंद्र तैयार है। केंद्र ने कहा था कि इसके लिए जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।

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