सहारनपुर तनावपूर्ण, दलित-राजपूत भिड़ंत जारी

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सहारनपुर — ज़िले में मंगलवार को राजपूत और दलितों के बीच हिंसा के बाद बुधवार को एक आदमी को गोली मार दी गई। इससे पहले मंगलवार को भी हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि 20 अन्य घायल हो गए।

थाना बड़गांव के मोरा निवासी 53 वर्षीय यशपाल तथा 25 वर्षीय नितित निवासी गंदेवड़ा फतेहपुर घोड़ा बुग्गी में बैठ कर भटठे की तरफ जा रहे थे। जैसे ही गांव मोरा के बाहर निकले तो तलवार व तमंचे लिए चार युवकों ने रोक लिया। नितिन को गोली मार दी, जबकि यशपाल को तलवार से वार कर घायल कर दिया। दोनों घायलों को ज़िला अस्पताल ले जाया गया, जहां नितिन की हालत गम्भीर है। एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि पूरे घटनाक्रम पर नज़र बनाए हैं।

उधर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौक़े पर पहुंचे 4 वरिष्ठ अधिकारियों  गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्रा, ए.डी.जी. लॉ एण्ड ऑर्डर आदित्य मिश्रा, आई.जी. एस.टी.एफ. अमिताभ यश और डी.जी. सिक्योरिटी विजय भूषण  का कहना है कि स्थिति तनावपूर्ण पर नियंत्रण में है।

इस मुआमले में अभी तक 24 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले दलितों और राजपूतों के बीच 3 हफ़्तों में चौथी बार हिंसा मंगलवार के भड़क उठी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए। कई घरों में तोड़फोड़ और आगज़नी हुई।

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्षा मायावती के जनपद पहुंचने से पहले और जाने के बाद हिंसा हुई। शब्बीरपुर में मायावती की सभा से लौटते वक्त रास्ते के गांव अंबेहटा चांद और चंदपुर में लोगों पर उपद्रवियों ने हमला कर दिया। अंबेहटा में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई।

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मृत युवक के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा है कि इस घटना के दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस सम्बन्ध में जो लापरवाही हुई है, उससे सम्बन्धित अधिकारियों को दण्डित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने धैर्य व संयम बनाए रखने के साथ-साथ विपक्षी दलों सहित सभी लोगों से शान्ति बहाली में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यह सरकार सबकी है। जाति, पंथ, मज़हब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री और सरकार के प्रवक्ता श्रीकान्त शर्मा ने कहा कि यह अपेक्षा थी कि जनपद सहारनपुर में आज पूर्व मुख्यमंत्री के जाने से सहारनपुर की शान्ति बहाली में सहयोग मिलेगा, लेकिन ऐसा न होना दुःखद है। सहारनपुर जनपद में शान्ति और सद्भाव का वातावरण बन चुका था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के पहुंचने पर तनाव और अशान्ति का माहौल बना और दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई, जिसमें निर्दोष युवक मारा गया।

शर्मा ने कहा कि नई सरकार के उपलब्धियों से भरे 2 महीने के कार्यकाल को विपक्षी पचा नहीं पा रहे हैं। करारी हार से निराश विपक्ष षड़यंत्रकारी गतिविधियों में लग गया है। सरकार विपक्ष के इस प्रकार के षड़यंत्रों और नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी एवं जल्द ही ऐसे षड़यंत्रकारियों के चेहरे से नकाब उतारेगी।

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