35 C
New Delhi
Tuesday 2 June 2020

संघ प्रमुख और प्रणव मुखर्जी ने प्रशंसनीय काम किया- आडवाणी

उन्होंने कहा कि दोनों ने भारत में एकता के महत्व को रेखांकित किया जो बहुलतावाद समेत सभी तरह की विविधता को स्वीकार एवं सम्मान करती है

in

on

नई दिल्ली— भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मार्गदर्शक मंडल के सदस्य व वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समारोह में शामिल होने और संघ परिवार की ओर से उनको आमंत्रित किए जाने के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। श्री आडवाणी ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि कहा कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और संघ प्रमुख मोहन भागवत के विचार अपने आपमें बेहद अहम है ।

श्री आडवाणी ने कहा कि संघ के आजीवन स्वयंसेवक के रूप में मेरा मानना है कि इन दो राष्ट्रीय नेताओं ने वास्तव में विचारधारात्मक संबद्धताओं और मतभेदों से परे बातचीत का एक प्रशंसनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री आडवाणी ने कहा कि दोनों ने भारत में एकता की अहमियत को बताया, जो बहुलतावाद समेत सभी तरह की विविधता को स्वीकार और सम्मान करती है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस प्रकार खुलेपन की भावना और आपसी सम्मान के साथ विचारों के आदान प्रदान से सहिष्णुता, सौहार्द और सहयोग की भावना तैयार करने में मदद मिलेगी, जो हमारे साझा सपनों के भारत के निर्माण में सहायक होगा। उन्होंने श्री मुखर्जी की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ने संघ का निमंत्रण स्वीकार करके विनम्रता और सदाचार का परिचय दिया है । सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे और व्यापक अनुभव ने उन्हें एक ऐसा राजनेता बनाया है जो कई विचारधाराओं और राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों के बीच संवाद और परिचर्चा व सहयोग की जरूरत को बखूबी समझता है। उल्लेखनीय है कि श्री मुखर्जी गत गुरूवार को नागपुर में संघ शिक्षा वर्ग के तृतीय वर्ष के समापन समारोह में हिस्सा लिया था, जहां उन्होंने राष्ट्र, राष्ट्रवाद और देशभक्ति पर अपने विचार व्यक्त किए।

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के आरएसएस मुख्यालय जाने और भारतीय राष्ट्रवाद पर विचार व्यक्त करने को देश के समसामयिक इतिहास की ‘‘महत्वपूर्ण घटना’’ बताया और कहा कि इस प्रकार खुलेपन की भावना और आपसी सम्मान के साथ विचारों के आदान प्रदान से सहिष्णुता और सौहार्द की भावना तैयार करने में मदद मिलेगी ।

आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का निमंत्रण स्वीकार करने के लिये प्रणब मुखर्जी और उन्हें आमंत्रित करने के लिये सरसंघचालक मोहन भागवत की सराहना की। प्रणब मुखर्जी कांग्रेस से कई दशकों तक जुड़े रहे । भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि दोनों के विचार अपने आप में महत्वपूर्ण विषय को परिलक्षित करते हैं । आरएसएस के आजीवन स्वयंसेवक आडवाणी ने कहा कि उनका मानना है कि प्रणब मुखर्जी और भागवत ने विचारधाराओं एवं मतभेदों से परे संवाद का सही अर्थो में सराहनीय उदाहरण पेश किया है।

उन्होंने कहा कि दोनों ने भारत में एकता के महत्व को रेखांकित किया जो बहुलतावाद समेत सभी तरह की विविधता को स्वीकार एवं सम्मान करती है। आडवाणी ने मोहन भागवत की ओर से वार्ता के माध्यम से देश के विभिन्न वर्गो तक पहुंच बनाने के प्रयासों की सराहना की।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘ इस प्रकार खुलेपन की भावना और आपसी सम्मान के साथ विचारों के आदान प्रदान से सहिष्णुता, सौहार्द और सहयोग की भावना तैयार करने में मदद मिलेगी जो हमारे साझा सपनों के भारत के निर्माण में सहायक होगा ।’’

प्रणब मुखर्जी की सराहना करते हुए आडवाणी ने कहा कि उन्होंने आरएसएस का निमंत्रण स्वीकार करके विनम्रता और सदाचार का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके लम्बे और व्यापक अनुभव ने उन्हें एक राजनेता बनाया है जो विभिन्न विचारधाराओं और राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों के बीच चर्चा परिचर्चा एवं सहयोग की जरूरत को समझता है।

1,209,635FansLike
180,029FollowersFollow
513,209SubscribersSubscribe

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

For fearless journalism

%d bloggers like this: