31 C
New Delhi
Friday 10 July 2020

रियाज़ नायकू ने बनाई थी यूपी में आतंकी हमले की योजना

एनआईए ने लखनऊ कोर्ट में जिस कमरूज्जमा के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल की थी उसी चार्जशीट में दुर्दांत आतंकवादी रियाज़ नायकू का नाम भी शामिल है

कश्मीर के बेगपुरा में बुधवार को मुठभेड़ में मारा गया हिज़्ब उल मुजाहिदीन का शीर्ष कमांडर रियाज़ नायकू कानपुर के चकेरी से पकड़े गए आतंकी कमरुज़्ज़माँ का आक़ा था। क़रीब दो साल पहले दोनों मिलकर कानपुर में आतंकी घटना को अंजाम देने वाले थे पर कमरुज़्ज़माँ के पकड़े जाने के बाद सारी योजना ध्वस्त हो गई। सूत्रों के मुताबिक़ कमरुज़्ज़माँ उर्फ़ कमरुद्दीन रियाज़ के दिशा-निर्देश में काम करता था।

कानपुर के कई प्रमुख मंदिरों पर हमला करने की फ़िराक में रहने वाले कमरूज्जमा को चकेरी से सितम्बर 2018 में एटीएस और एनआईए की टीम ने ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान गिरफ़्तार किया था। पूछताछ में आतंकी ने कई राज़ उजागर किए थे।

बुधवार को जब पुलवामा में सेना के ऑपरेशन में रियाज़ नायकू मारा गया तो चौंकाने वाली बात बाहर आई। एनआईए ने लखनऊ कोर्ट में जिस कमरुज़्ज़माँ के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाख़िल की थी उसी चार्जशीट में दुर्दांत आतंकवादी रियाज़ नायकू का नाम भी शामिल है। ख़ुफ़िया एजेंसी की विवेचना में यह तथ्य सामने आए थे कि कानपुर में रेकी के दौरान कमरुज़्ज़माँ बराबर रियाज़ नायकू के संपर्क में था और उसे फोन पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करता था।

विशेष न्यायालय में एनआईए ने सबूत के तौर पर कमरुज़्ज़माँ की कॉल डिटेल रिपोर्ट भी दाख़िल की है जिसमें साफ है कि रियाज़ नायकू से एक दिन के भीतर उसने दस से ज़्यादा बार बात की। हर कॉल में तक़रीबन 10 से 15 मिनट तक बात की गई। कई-कई बार आधे घंटे तक भी दोनों आतंकियों के बीच वार्ता हुई।

वरिष्ठ अधिवक्ता एनआईए कौशल किशोर शर्मा का कहना है कि कोर्ट में जो केस चल रहा है उसमें कॉल डिटेल शामिल की गई है। उसमें हिज़्ब के कमांडर से बातचीत के सबूत हैं। इसीलिए चार्जशीट में भी नायकू का नाम भी शामिल किया गया था। अभी और जांच चल रही है इसलिए विस्तार से फ़िलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता।

Follow Sirf News on social media:

For fearless journalism

%d bloggers like this: