Sunday 9 May 2021
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रेमडेसिविर कोई रामबाण नहीं, मत समझिए इसे जादू की गोली

पूरे देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मुआमलों से हाहाकार के बीच संक्रमण से बचाव के लिए अस्‍पतालों में रेमडेसिविर इंजेक्‍शन की सबसे ज्‍यादा मांग है। केंद्र सरकार लगातार राज्‍यों को इस इंजेक्‍शन की सप्‍लाई कर रही है। इस बीच देश के तीन विख्‍यात विशेषज्ञ डॉक्‍टरों ने लोगों के बीच रेमडेसिविर इंजेक्‍शन को लेकर फैले भ्रम को दूर किया है।

इन डॉक्‍टरों का स्‍पष्‍ट तौर पर कहना है कि रेमडेसिविर कोई ‘रामबाण’ नहीं है। ये केवल उन लोगों में वायरल लोड को कम करती है जिन्हें इसकी आवश्यकता होती है। उनका यह भी कहना है कि लोग रेमडेसिविर को जादू की गोली समझना बंद करें।

हाइलाइट्स:

  • कोरोना इलाज के लिए रेमडेसिविर इंजेक्‍शन की कमी पर देश में मारामारी
  • विशेषज्ञ डॉक्‍टरों का कहना है कि रेमडेसिविर इंजेक्‍शन जादू की गोली नहीं
  • रेमडेसिविर कोई रामबाण नहीं है जिससे कोरोना ठीक हो जाएगा: डॉक्‍टर्स
  • इलाज के दौरान ऑक्‍सीजन वही लोग लें जिन्‍हें वाकई में इसकी जरूरत है

बुधवार को एम्‍स दिल्‍ली के डायरेक्‍टर डॉ रणदीप गुलेरिया, मेदांता हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ नरेश त्रेहान और नारायणा हेल्‍थ के अध्‍यक्ष डॉ देवी शेट्टी ने कोरोना वयरस संक्रमण से बचाव को लेकर आवश्यक बातें बताईं। अस्‍पताल में रेमडेसिविर इंजेक्‍शन को लेकर चल रही मारामारी पर डॉ रणदीप गुलेरिया ने स्‍पष्‍ट किया कि इसे जादू की गोली नहीं समझनी चाहिए। बहुत कम प्रतिशत लोगों को रेमडेसिविर की आवश्यकता होती है।

डॉ नरेश त्रेहान ने कहा कि कोविड-19 ठीक करने के लिए यह दवा रामबाण नहीं है। हमने अब एक प्रोटोकॉल बनाया है कि रेमडेसिविर सभी पॉजिटिव मरीजों को नहीं दी जाएगी। यह मरीजों के टेस्ट रिजल्ट, लक्षण, गंभीर बीमारी को देखने के बाद डॉक्टर की ओर से दी जाएगी।

‘दवा नहीं ट्रीटमेंट हैं ऑक्‍सीजन, बेकार मत कीजिए इसे’

रेमडेसिविर इंजेक्‍शन की तरह देश के अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन कम होने की खबरें भी लगातार आ रही हैं। कई जगहों पर ऑक्‍सीजन न मिल पाने की वजह से कोरोना मरीजों की जान भी चली गई है। कोविड-19 के इलाज के दौरान ऑक्‍सीजन के प्रयोग को लेकर भी डॉक्‍टरों ने अपने विचार रखे।

डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा ऑक्‍सीजन एक ट्रीटमेंट, यह कोई दवा नहीं है। रुक-रुक कर ऑक्‍सीजन लेना पूरी तरह से इसको बेकार करना है। अब तक ऐसा कोई डेटा नहीं है जिससे यह पता चलता हो कि ऑक्‍सीजन की वजह से आपको कोई मदद मिलती है। इसलिए इसे ट्रीटमेंट के रूप में ही लेना चाहिए न कि दवा के रूप में।

’93-94 तक बाहर से ऑक्‍सीजन लेने की जरूरत नहीं’

डॉ गुलेरिया ने कहा एक देश के रूप में अगर हम साथ मिलकर काम करें और न्‍यायपूर्ण तरीके से ऑक्‍सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्‍शन का यूज करें तो किसी भी अस्‍पताल में इनकी कमी नहीं होगी। ऑक्सीजन और ऑक्सीजन की सप्‍लाई की आवश्यकता वाले लोगों की संख्या के मामले में हम अच्छी तरह से बैलेंस्‍ड हैं।

डॉ गुलेरिया ने कहा कि अगर किसी व्‍यक्ति के शरीर में ऑक्‍सीजन की मात्रा 93-94 तक है तो यह जरूरी नहीं कि वह बाहर से ऑक्‍सीजन ग्रहण करे ताकि उसका लेवल 98-99 तक पहुँच जाए। इससे उसको किसी तरह का फायदा नहीं होने वाला है।

अगर आपके शरीर में ऑक्‍सीजन की मात्रा 94 से कम है तो इस पर निगरानी रखिए, लेकिन अभी भी आपको बाहर से ऑक्‍सीजन लेने की आवश्यकता नहीं है।

Publishing partner: Uprising

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