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Friday 3 July 2020

राहुल गांधी, स्मृति ईरानी के बीच अमेठी में ज़बरदस्त टक्कर

राहुल गांधी अब कांग्रेस के गढ़ और अपनी परंपरागत सीट अमेठी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब तक आए रुझानों में कभी वे आगे दिख रहे हैं तो कभी स्मृति ईरानी

[pullquote]मुख्य बिंदु

उत्तर प्रदेश में अमेठी 2004 से राहुल गांधी का निर्वाचन क्षेत्र है
स्मृति ईरानी अमेठी से चुनाव लड़ीं और 2014 में राहुल गांधी से हार गईं
1998 में सिवाय कांग्रेस ने पिछले तीन दशकों में सीट नहीं हारी[/pullquote]

नई दिल्ली | कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2004 के बाद से उत्तर प्रदेश में अपने निर्वाचन क्षेत्र अमेठी में पहली बार कड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। शुरुआती दौर में राहुल गांधी भाजपा की स्मृति ईरानी से पीछे थे, लेकिन उन्होंने बाद में पकड़ बनाई।
राहुल गांधी केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ रहे हैं, जहां वे सुबह से ही बढ़त बनाए हुए हैं।

यूपी की राजधानी लखनऊ से लगभग 130 किलोमीटर दूर एक धूल-धूसरित ग्रामीण क्षेत्र अमेठी इस राष्ट्रीय चुनाव में सबसे ज़बरदस्त लड़ाइयों में से एक है।

स्मृति ईरानी ने अमेठी में आक्रामक प्रचार किया जहां वे 2014 में राहुल गांधी से चुनाव लड़ीं और हार गईं, लेकिन अपने जीत के अंतर को एक लाख तक कम कर पाईं। वे नियमित रूप से निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करती रहीं और वहां केंद्रीय योजनाओं का शुभारंभ किया।

राहुल गांधी पर भाजपा लगातार यह आरोप लगाती रही कि उन्होंने अपने क्षेत्र का विकास नहीं किया और अमेठी को पीढ़ियों तक उपेक्षित रखा।

चुनाव प्रचार के चरम पर कांग्रेस अध्यक्ष ने केवल एक बार अमेठी का दौरा किया जब उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल करने से पहले एक रोड शो किया। उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने अमेठी और उनकी मां सोनिया गांधी की रायबरेली में चुनाव प्रचार किया और कई बार निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया।

राहुल गांधी अब कांग्रेस के गढ़ और अपनी परंपरागत सीट अमेठी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब तक आए रुझानों में कभी वे आगे दिख रहे हैं तो कभी स्मृति ईरानी।

1998 के अलावा कांग्रेस पिछले तीन दशकों में अमेठी की सीट नहीं हारी है।

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