Thursday 9 December 2021
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राम ने रावण का किया वध, सीता को लंका से कराया मुक्त

रावण की मृत्यु से भाई विभीषण बहुत दुखी हो कर कहते हैं कि मैंने आपको समझाया था कि आप राम से दुश्मनी न करें, आज सारी लंका श्मशान हो गई है

रामायण को बहुत पसंद किया जा रहा है। लंका रणभूमि में चल रहे युद्ध को देखकर सभी देवता चिचिंत हो जाते हैं और कहते हैं यह युद्ध बराबरी का नहीं है क्योंकि राम नंगे पांव हैं और रावण रथ सहित अस्त्र-शस्त्र से सजाधजा है। इस पर अयोध्यापति की सहायता के लिए इंद्र ने अपने सारथी मातलि से रथ भिजवाते हैं।

सारथी मातलि रथ लेकर मर्यादा पुरुषोत्तम के पास जाते हैं, लेकिन राम कहते हैं कि मैंने देवराज इंद्र से कोई सहायता नहीं मांगी। इस पर सारथी कहता है कि बह्मा जी के आदेश से इंद्र ने यह रथ आपको भेजा है। लक्ष्मण संदेह जताते हैं, तब सारथी दिव्य रथ के गुण का बखान करता है। विभीषण, राम- लक्ष्मण को रथ स्वीकार करने के लिए निवेदन करते हैं। राम तैयार हो जाते हैं। रावण रथ को देखकर आश्चर्य जताता है और रथ की सच्चाई को जान इंद्र को धमकी देता है। रावण राम पर कई बाण चलाता है।

रावण ने राम से कहा कि मैं आज अपने सभी लोगों की मौत का बदला तुझसे लूंगा। राम ने जवाब में कहा कि मैं तुझे दंड दूंगा। राम और रावण एक-दूसरे पर तीरों की बारिश कर रहे हैं। राम ने सारथी को सावधान होने के लिए कहा और इसके साथ ही उसे रथ को तेज चलाने के लिए कहा।

राम के तीर से रावण का सारथी मारा जाता है। इसके बाद वह तीर से रावण का सिर धड़ से अलग कर देते हैं, लेकिन सिर वापस आकर धड़ से जुड़ जाता है। राम एक बार फिर ऐसा करते हैं, लेकिन रावण नहीं मरता है। बार-बार प्रयास के बाद भी रावण हंसता रहता है लेकिन उस पर राम के तीर का कोई असर नहीं होता है।

इंद्र को चिंता है कि राम के बाण से रावण की मौत नहीं हो रही है। इंद्र ने कहा कि राण के रावण के ह्रदय पर बाण चलाना चाहिए। इस पर ब्रम्हा इंद्र को बताते हैं कि अगर श्रीराम रावण के ह्रदय पर बाण मारेंगे तो सारा विश्व का विनाश हो जाएगा।

इस बीच विभीषण राम के पास जाकर बताते हैं कि ब्रम्हाजी के वरदान से रावण के नाभि में अमृत है इस वजह से रावण की मौत नहीं हो रही है। उसके नाभि पर वार करके अमृत को सुखाना होगा तभी रावण की मौत होगी।

इसके बाद राम, रावण पर तीर चलाते हैं। रावण घायल हो जाता है। सारथी राम को बताते हैं कि रावण का वध करने के लिए ब्रम्हास्त्र का उपयोग कीजिए। रावण का अंत निकट आ गया है। राम रावण पर ब्रम्हास्त्र पर तीर चलाते हैं। रावण “श्रीराम”, “श्रीराम” बोलेते बोलते रथ से जमीन पर गिर जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है। सभी देवता खुश हो जाते हैं। राम के जय जयकारे लग रहे हैं।

लक्ष्मण राम से कहते हैं भइया तीनों लोक आपकी जय जयकार कर रहे हैं। राम ने कहा ये विजय सिर्फ राम की नहीं बल्कि सभी की है। मैं आप सभी की सहायता से ये युद्ध जीत पाया हूं।

रावण की मृत्यु से भाई विभीषण बहुत दुखी हो कर कहते हैं कि मैंने आपको समझाया था कि आप राम से दुश्मनी न करें, आज सारी लंका श्मशान हो गई है। भइया आप असुरों में सिंह के सामान थे, लेकिन लंका आज अनाथ हो गया है। आज आपके बिना सारी लंका अनाथ हो गई है। वह रावण से माफी मांगते हैं।

मंदोदरी रोते हुए रावण के शव के पास पहुंचती हैं। वह कहती हैं यह आपकी स्थान नहीं है। जिससे पृथ्वी कांपती थी जिससे देवता कभी पार नहीं सके उसे एक वनवासी मनुष्य ने मार दिया। इस पर कोई यकीन नहीं करेगा। मैंने आपसे श्रीराम से बैर लेने के लिए मना किया था। आज मुझे इन शत्रुओं के बीच अकेला छोड़कर चले गए।

राम कहते हैं कि महाराज विभीषण परिवार के दुखी महिलाओं के संभालिए। वह भाभी से चुप होने के लिए कहते हैं तभी मंदोदरी ने कहा कि उन्होंने भाई का साथ छोड़कर दुश्मनों का साथ दिया। इस पर विभीषण ने कहा कि मैं भइया को नहीं छोड़ा बल्कि उन्हें मुझे लंका से निकाला था।

रावण के नाना राम से लंका स्वीकार करने के लिए करते हैं। आज आप लंका के विजेता है। मैं आपको विजेता स्वीकार करता हूं। लंका के शासन पर आपका अधिकार है। राम ने कहा कि यह धरती आपकी है और आपकी रहेगी। यह हमारा धर्म नहीं है। मैं लंका को हड़पने के लिए युद्ध नहीं किया है। रावण के अत्याचार के कारण हमें युद्ध करना पड़ा। लंका लंकावासियों का है। मैं पहले ही विभीषण को लंका का राजा घोषित कर चुका है।

राम कहते हैं महाराज रावण भगवान आपकी आत्मा को सदगति दें। इसके बाद राम, विभीषण को रावण का अंतिम संस्कार करने के लिए कहते हैं और वहां से चले जाते हैं। विभीषण ने रावण का अंतिम संस्कार किया।

विभीषण, राम से कहते हैं कि मैं लंका पर राज नहीं करना चाहता हूं। राम विभीषण को समझाते हैं कि एक राजा जाता है तो दूसरा राजा सिंहासन पर बैठता है। आपको इसका पालन करना होगा। वह हनुमान और लक्ष्मण को विभीषण के साथ जाकर उनका राज्याभिषेक करने के लिए कहते हैं।

लक्ष्मण, विभीषण का राज्याभिषेक करते हैं और उन्हें लंका का राजा बनाते हैं। पूरी सभा विभीषण के जयकारों से गूंज उठता है। विभीषण, राम से आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचते हैं। वह विभीषण से कहते हैं कि आप ऐसा राज करना कि तीनों लोग आपकी स्तुति करें।

हनुमान लंका के अंदर माता सीता के पास पहुंचते हैं। हनुमान को देखकर सीता खुश हो जाती हैं। वह बताते हैं कि श्रीराम ने रावण को मार दिया है। सीता यह खबर सुनकर भावुक हो जाती हैं। सीता कहती हैं कि तुमने बहुत शुभ समाचार सुनाया है। इस दौरान हनुमान भी भावुक हो जाते हैं।

सीता ने हनुमान को आशीर्वाद दिया। हनुमान ने कहा कि आज मेरा जीवन सफल हो गया। सीता कहती हैं तुम्हें मेरा एक काम करना होगा। प्रभु से जाकर कहो वह इतना विलंब क्यों कर रहे हैं। मैं उनसे मिलना चाहती हूं। हनुमान, राम से मिलकर बताते हैं कि सीता उनके लिए व्याकुल हो रही हैं। अब माता को लाने में विलंब क्यों हो रहा है। राम विभीषण को आदेश देते हैं कि सीता को जल्द मुक्त कर दिया जाए।

लक्ष्मण, राम से कहते हैं कि आप दुखी क्यों हैं। राम बोलते हैं कि अग्नि का प्रबंध करना होगा। सीता को अग्नि द्वार लांघकर मेरे पास आना होगा। इस पर लक्ष्मण गुस्सा हो जाते हैं। वह कहते हैं कि मैं समझ गया कि भाभी सीता को अपनी पवित्रता का सबूत देना होगा। राम उन्हें आगे कुछ भी बोलने से पहले रोकने की कोशिश करते हैं लेकिन लक्ष्मण एक भी नहीं सुनते हैं। लक्ष्मण ने कहा कि मैं आपका विरोध करूंगा।

राम ने कहा कि मुझे सीता की पवित्रता की जांच नहीं करनी है। वह लक्ष्मण को समझाते हैं कि ऐसा नहीं है। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मुझे अग्नि देव से अपनी सीता से वापस लेनी है। इसलिए यह लीला करनी है। उन्होंने लक्ष्मण को बताया कि मुझे पहले ही पता चल गया था कि रावण, सीता का हरण करने वाला है। इसलिए मैंने उन्हें अग्नि देव के पास सुरक्षित छोड़ दिया था। रावण ने जिस सीता का अपहरण किया है वह सिर्फ प्रतिबिंब है।

राम की इस बात को सुनकर लक्ष्मण रोने लगते हैं और वह भइया राम को गले लगाते हुए उनसे माफी मांगते हैं। सीता के दर्शन करने के लिए वानरों की भीड़ गई है। सीता पालकी से उतरती हैं। सभी लोग उन्हें देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। राम सीता को अग्नि की ओर जाने के लिए इशारा करते हैं। इसके बाद सीता अग्नि में समा जाती हैं। अग्निदेव, सीता को लेकर प्रकट होते हैं। सीता, राम के चरणों को स्पर्श करती हैं। राम और सीता दोनों एक-दूसरे को देख भावुक हो जाते हैं।

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Italy is cracking the Fascist whip even harder. A Green Pass is now required to ride public transport & to enter hotels, & a new "reinforced" Green Pass required to take part in any leisure activities. The Fascist are back.
https://www.bloomberg.com/news/articles/2021-12-05/italy-reinforces-strict-covid-rules-targeting-vaccine-holdouts

The curious case of crashing copters:

Exhibit 1 : 12/1/2021

US Consul visits nagas.

No masks nothing.

Wears pagan idol worshippers dresses (all consul are vowed Christians)

If you’re a parent of one of the nearly 200,000 children in this country with type 1 diabetes, insulin can cost you hundreds of dollars a month.

With the Build Back Better Act, you won’t pay more than $35 a month for your insulin.

Read further:

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