नई दिल्ली— राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ विधान सभाओं के चुनाव आगामी नवम्बर-दिसम्बर माह में अपने तय समय पर होंगे। जबकि लोकसभा चुनाव अगले वर्ष अप्रैल महीने में होगा। दिल्ली से सटे फरीदाबाद के सूरजकुंड के सरकारी होटल राजहंस में 14, 15 और 16 जून को हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा के बड़े नेताओं की बैठक में जो निर्णय हुए उनमें से एक यह भी है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव अपने तय समय पह ही कराए जाएं।

सूत्रों के अनुसार, 8 राज्यों झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, ओडिशा, तेलंगाना, आन्ध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनाव जो 2019 में होने हैं, इन सबको अप्रैल-2019 में लोकसभा चुनाव के साथ कराने को लेकर भी सहमति व्यक्त की गई। इनमें से 5 राज्यों में भाजपा की सरकार है, इसलिए इन राज्यों में लोकसभा के साथ विस चुनाव कराने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

तेलंगाना व आन्ध्र प्रदेश विधानसभा का चुनाव तो वैसे भी लोकसभा चुनाव के साथ ही होना है। इसलिए सभी 8 राज्यों के विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ कराने की संभावना बन रही है। जिसके मद्देनजर भाजपा ने इन राज्यों में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव की भी तैयारी शुरू कर दी है।

इसके लिए इन राज्यों में भाजपा व संघ के संगठन मंत्रियों, अन्य पदाधिकारियों, मंत्रियों को अभी से चुनाव की तैयारी में लगा दिया गया। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है वहां मंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने विभाग के जो भी कार्य एवं योजनाएं हैं, उन सबकी प्रगति की हफ्ते में दो बार रिपोर्ट लेकर कर मीडिया के मार्फत जनता को बतायें। जहां पर काम रुका पड़ा है, उसे हर तरह से कोशिश करके पूरा करायें। जो अफसर अड़ंगा लगा रहा है उसको ठीक करें, तबादला करायें। जिन अफसरों पर पुष्पम्-पत्रम् लेने का आरोप लग रहा है, जिनके व्यवहार जनता के साथ ठीक नहीं हैं, उन पर उचित कार्रवाई किया जाए ताकि जनता में अच्छा संदेश जाये।

बैठक में इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गई कि बहुत से भाजपा शासित राज्यों में भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगने की शिकायत मिल रही है। बिना चढ़ावे के काम नहीं होने के आरोप लग रहे हैं। जिससे जनता पहले की गैर भाजपा सरकार और मौजूदा भाजपा की सरकार को एक जैसा कहने लगे हैं।

जनता का यह रवैया भाजपा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए इस पर अंकुश लगाना होगा तभी भाजपा के वोट बढ़ेंगे, वरना मुश्किल हो सकती है। इस तरह उपरोक्त 8 राज्यों के विधानसभा और लोकसभा चुनाव को एक साथ कराये जाने के मद्देनजर संघ, भाजपा व राजग सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है।