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Wednesday 3 June 2020

राजस्थान ने योगी सरकार को थमाया 36 लाख का बिल

राजस्थान राज्य पथ परिवहन जयपुर के कार्यकारी निदेशक एमपी मीना की तरफ से उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को भेजे गए पत्र में यह बिल भेजा गया है

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बीजेपी और आईएनसी(कांग्रेस) के बीच बस पॉलिटिक्स दूसरे चरण में पहुंच गई है। यूपी सरकार को 1,000 बस देने के आईएनसी महासचिव प्रियंका गांधी के प्रस्ताव पर अभी सियासत ठंडी नहीं हुई है। राजस्थान की आईएनसी सरकार ने यूपी सरकार को 36.36 लाख रुपये का बिल थमा दिया है। यह बिल कोटा से यूपी लाए गए बच्चों के लिए 70 बसें उपलब्ध करवाने का है। इसको लेकर सरकार ने आईएनसी की नीयत पर सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है।

आईएनसी की अगुवाई वाली राजस्थान सरकार ने योगी सरकार को 36 लाख 36 हजार 664 (36,36,664 रुपये) का बिल भेजा है। ये बिल उन बसों का है, जिनसे पिछले दिनों उत्‍तर प्रदेश के बच्‍चों को कोटा से यूपी की सीमा तक पहुंचाए गए थे। राजस्थान सरकार ने जल्द भुगतान का निवेदन भी किया गया है।

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राजस्थान राज्य पथ परिवहन (मुख्यालय) जयपुर के कार्यकारी निदेशक (यातायात) एमपी मीना की तरफ से उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को भेजे गए पत्र में यह बिल भेजा गया है। उन्होंने लिखा है कि राजस्थान राज्य परिवहन निगम द्वारा 17 अप्रैल से 19 अप्रैल तक कोटा में अध्ययनरत छात्रों को उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी (आगरा) और झांसी तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था कर परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसका तिथिवार विवरण, संचालित किलोमीटर और भुगतान योग्य राशि 36 लाख 36 हजार 664 रुपये का विवरण भेजा गया था। भुगतान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।आगे लिखे गया है ये सुविधा उपलब्ध कराने के एवज में निगम खाते में धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से अविलंब भुगतान कराने का श्रम कराएं।

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राजस्थान के कोटा से करीब साढ़े 11 हजार छात्रों की घर वापसी उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कराई है। डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना लेकर कोचिंग के लिए कोटा गये उत्तर प्रदेश के बच्चे वहां फंस गये थे। बच्चे और घर वाले दोनों परेशान थे। बच्चे घर तो आना चाहते थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और लॉकडाउन की सख्ती को देखते हुए कोई उम्मीद भी नहीं बची थी। ऐसे में यूपी सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ का फैसला आया कि हम प्रदेश के बच्चों को कोटा से सकुशल घर वापस लाएंगे। अब जब ये बच्चे अपने घर आ गये हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान गई यूपी रोडवेज की बसों व राजस्थान सरकार की ओर से दी गई 70 बसों के डीजल के लिए यूपी सरकार 19.76 लाख रुपये का भुगतान पहले ही कर चुकी है। अब 36.36 लाख रुपये बसों के किराए का बिल राजस्थान रोडवेज की ओर से यूपी रोडवेज को भेजा गया है। भुगतान शीघ्र कराने की अपेक्षा की गई है।

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यूपी सरकार का कहना है कि एक ओर आईएनसी यूपी के प्रवासियों के लिए नि:शुल्क बसें देने का दावा करती है दूसरी ओर उसकी ही पार्टी की सरकार यूपी लाए गए बच्चों का किराया मांग रही है। राजस्थान सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि यूपी सरकार ने हमसें इमरजेंसी में बसें मांगी थी और उसका भुगतान करने को कहा था। हमने तत्काल अनुबंधित व निजी बसें उपलब्ध करवाईं थीं। हमें उनका भुगतान करना है इसलिए हमने यूपी सरकार को बिल भेजा है।

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने लिखा, ‘कोटा से उत्तर प्रदेश के छात्रों को वापस लाते समय यूपी के कुछ बसों को डीजल की आवश्यकता पड़ गई ..दया छोड़िए ..आधी रात को दफ्तर खुलवा कर प्रियंका वाड्रा की राजस्थान सरकार ने UP सरकार से पहले 19 लाख रुपए लिए और उसके बाद बसों को रवाना होने दिया, वाह रे मदद।’

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