रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ली रेल हादसों की नैतिक जिम्मेदारी

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नई दिल्ली – रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने औरैया और मुजफ्फरनगर रेल हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर पद से इस्तीफे की पेशकश की है। प्रधानमंत्री से मुलाकात की पुष्टि उन्होंने ट्वीट कर की।

बुधवार को एक के बाद एक किए कई ट्वीट्स में प्रभु ने जाहिर कर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी को इस्तीफा सौंप चुके हैं। उन्होंने लिखा कि मोदी ने उन्हें इंतजार करने को कहा है।

सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर कहा, ‘मैंने पीएम से मिल दोनों रेल हादसों की नैतिक जिम्मेदारी ली। पीएम मोदी ने मुझसे इंतजार करने को कहा है। हालिया हादसों से मैं बुरी तरह आहत हूं, कई लोग घायल हुए और कई को अपनी जान गंवानी पड़ी।’

ट्वीट कर प्रभु ने कहा, मंत्री रहते हुए तीन साल मैंने अपना खून-पसीना रेलवे को बेहतर करने में लगाया है।
उल्लेखनीय है कि पहले उत्कल एक्सप्रेस और फिर कैफियत एक्सप्रेस की दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। खुद प्रभु आलोचकों के निशाने पर हैं। विपक्ष ने उनका इस्तीफा मांगा है।

प्रभु ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अगुआई में न्यू इंडिया को एक ऐसे रेलवे की जरूरत है जो सक्षम और आधुनिक हो। उन्होंने कहा, ‘मेरा वादा है कि रेलवे उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।’ उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में दशकों से तिरस्कृत (रेलवे को) से निकलने के लिए सभी क्षेत्रों में चरणबद्ध रिफॉर्म्स की कोशिश की, जिसके नतीजन अभूतपूर्व निवेश और उपलब्धियां हासिल हुई हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के औरेया में बुधवार तड़के दो बजकर 38 मिनट पर एक डम्पर से टकराने के बाद दिल्ली आ रही कैफियत एक्सप्रेस का इंजन और 10 डिब्बे पटरी से उतर गए। पिछले चार दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश में यह दूसरी रेल दुर्घटना है। गत 19 अगस्त को मुजफ्फरनगर से 25 किलोमीटर दूर खतौली में 18,477 कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के कई डिब्बों के पटरी से उतर जाने के कारण 23 लोगों की मौत हो गई थी।

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