राहुल गांधी का स्वयं को हिंदू कहना भी हमारी जीत — कोकजे

स्वाधीनता के समय की कांग्रेस अब नहीं रह गयी है। इंदिरा गांधी के समय इंदिरा कांग्रेस, राजीव गांधी के समय राजीव कांग्रेस अब सोनिया कांग्रेस है। अंततः राहुल गांधी ने जैकेट के ऊपर जनेऊ पहनकर हिन्दू कहना शुरू किया, यह हमारी जीत है

Editorials

In India

ACP Anuj Kumar: Rioters numbered 20,000, we were 200

'We did not want to fire because many women were also participating in the protests,' says ACP Anuj Kumar who was injured along with the DCP in the riot that killed head constable Ratan Lal
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लखनऊ—विश्व हिन्दू परिषद में तोगड़िया युग के अन्त के साथ संगठन इन दिनों सुर्खियों में है। राम मन्दिर मुद्दा जहां संगठन की पहचान है, वहीं इसको लेकर सभी की निगाहें हाल ही में अध्यक्ष बने विष्णु सदाशिव कोकजे पर हैं। कोकजे स्वयं भी इस मुद्दे से किसी भी सूरत में पीछे हटने की बात नहीं कर रहे हैं, बस उनकी कार्यशैली तोगड़िया से अलग है। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर आन्दोलन को केन्द्र में रखकर सामाजिक समरसता को बढ़ाने और धर्मांतरण रोकने पर भी जोर दिया है।

केन्द्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान 8 मई 2003 से लेकर 19 जुलाई 2008 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रह चुके कोकजे इससे पहले जुलाई 1990 से अप्रैल 1994 तक मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज और अप्रैल 1994 से सितंबर 2001 तक राजस्थान हाई कोर्ट में भी जज रह चुके हैं। मूल रूप से मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले जस्टिस कोकजे भारत विकास परिषद के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद हिन्दुस्थान समाचार से उनसे बातचीत की, पेश है बातचीत के प्रमुख अंश-

अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कब तक शुरू हो जायेगा?
मंदिर मसले पर कोर्ट का फैसला जल्द ही हमारे पक्ष में आने वाला है क्योंकि कोर्ट ने फर्जी पक्षकारों को बाहर कर दिया है। यही नहीं कोर्ट ने अब साक्ष्य के रूप में पत्रावलियां लेने से इंकार कर दिया है। इसलिए कोर्ट को सुनवाई के बाद निर्णय देने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। हमारी तैयारी पूरी है। कोर्ट का फैसला आते ही मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा।

न्यायालय का फैसला आपके पक्ष में नहीं आने पर क्या करेंगे?
न्यायालय पर अविश्वास का कोई प्रश्न नहीं है। न्यायालय का निर्णय आने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगे। हमारे यहां सामूहिक निर्णय होते हैं। राम की कृपा से अब ये स्थिति आयी है, सभी में उत्साह का संचार है। आशा और पूर्ण विश्वास है कि हम न्यायालय में जीतेंगे और उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा।

प्रवीण भाई तोगड़िया के विषय में क्या कहना चाहेंगे?
व्यक्ति के बदलने से संगठन का कार्य उसकी नीतियां और प्राथमिकताएं नहीं बदल जाती हैं। विक्रमादित्य के सिंहासन पर गड़रिया भी बैठेगा तो न्याय करेगा। सबके काम करने का तरीका अलग होता है।

कांग्रेस राममंदिर का विरोध क्यों करती है?
कांग्रेस अपने मुद्दों से भटक गयी है। स्वाधीनता के समय की कांग्रेस अब नहीं रह गयी है। इंदिरा गांधी के समय इंदिरा कांग्रेस, राजीव गांधी के समय राजीव कांग्रेस अब सोनिया कांग्रेस है। अंततः राहुल गांधी ने जैकेट के ऊपर जनेऊ पहनकर हिन्दू कहना शुरू किया, यह हमारी जीत है।

घर वापसी पर आपकी क्या राय है?
धर्मान्तरण का विरोध हो, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का विषय हो या चाहे घर वापसी का विषय हो। मीडिया और बाकी समाज का ध्यान भले ही इन विषयों पर न हो लेकिन विहिप इन सब मुद्दों पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि संस्कार विहीनता के कारण आज समाज में कई प्रकार समस्यायें घर कर चुकी हैं। फिलहाल सामाजिक समरसता बढ़ाने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के विहिप काम करेगी।

रामजन्मभूमि न्यास की अधिग्रहीत भूमि को केन्द्र सरकार कब वापस करेगी?
रामजन्मभूमि न्यास की करीब 70 एकड़ भूमि है जो केन्द्र सरकार के कब्जे में है। उस पर कोई विवाद नहीं है। केन्द्र सरकार यदि वह भूमि श्रीराम जन्मभूमि न्यास को सौंप देती है तो उस पर पहले ही निर्माण शुरू हो जायेगा। शेष कोर्ट का निर्णय आने के बाद हम काम शुरू करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ राजनीतिक दलों द्वारा दिया गया महाभियोग खारिज हो गया? क्या यह इस मसले को उलझाने के लिए था?
वैसे यह राजनीतिक विषय है। फिर भी इस मसले पर क्या हुआ हमें नहीं मालूम है। यह बात स्पष्ट है कि जिन लोगों ने महाभियोग लाया उन लोगों के पास महाभियोग पास कराने का बहुमत नहीं है। लोकसभा में उनके पास 100 सदस्य भी नहीं हैं। ऐसे विषय में सिर्फ राजनीति हुई।

हिन्दुस्थान समाचार

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