दिव्यांग द्वारा महिला से छेड़छाड़, हत्या, शव के साथ कुकर्म

महिला एक बैंक से पैसे निकालने के बाद खेत से गुज़र रही थी जब गंगा राम नामक मूक व बधिर अभियुक्त ने उस पर हमला किया, उसका गला घोंट दिया और फिर शव के साथ शारीरिक सम्बन्ध स्थापित किया

Must read

त्राहिमाम करते टेलिकॉम उद्योग ने बढ़ाया शुल्क, भाग गए ग्राहक

सबसे ज़्यादा नुकसान वोडाफ़ोन-आइडिया को हुआ जिसने टेलिकॉम बाज़ार में ३६ लाख से अधिक ग्राहक खो दिए; एयरटेल और यहाँ तक कि जिओ को भी क्षति पहुँची है
- Advertisement -

पुलिस ने रविवार को एक दिव्यांग व्यक्ति को एक 40 वर्षीय महिला की छेड़छाड़, हत्या और शव के साथ कुकर्म के आरोप में गिरफ्तार किया।

पुलिस अधीक्षक पूनम ने संवाददाताओं को बताया कि 11 अक्टूबर को हैदराबाद पुलिस की सीमा के तहत एक गन्ने के खेत से अर्धनग्न अवस्था में एक महिला का शव बरामद किया गया था। शव की गर्दन के आसपास गला घोंटने के निशान पाए गए।

जांच के दौरान यह सामने आया कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई और बाद में उसका यौन शोषण किया गया।

शुरुआत में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया था, पुलिस अधीक्षक ने कहा। उन्होंने कहा कि बाद में आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और 201 (अपराध के सबूतों के ग़ायब होने) को इसमें जोड़ा गया।

जांच में पता चला कि महिला एक बैंक से पैसे निकालने के बाद खेत से गुज़र रही थी जब गंगा राम नामक दिव्यांग अभियुक्त ने उस पर हमला किया और उसका गला घोंट दिया। दिव्यांग व्यक्ति गूंगा और बहरा पर शारीरिक रूप से अन्यथा सक्षम है।

“एसपी ने मूक व बधिर व्यक्तियों के साथ काम करने वाले विशेषज्ञों की सहायता से पूछताछ की। आरोपित ने महिला को अकेली पाकर उसके साथ मारपीट करने और उसे अपनी साड़ी से गला घोंटकर मारने की बात कबूल की। ​​उसने हत्या के बाद महिला के शव के साथ कुकर्म करना भी क़बूल किया।”

पोस्टमार्टम द्वारा यौन उत्पीड़न की पुष्टि की गई।

हालांकि दिव्यांग जन अक्सर अपराध के शिकार होते हैं, इस श्रेणी के लोगों द्वारा किए गए अपराध की घटनाएँ भी सामने आती रहती हैं। दिव्यंगों के प्रति राजनैतिक संवेदनशीलता के कारण कई उन्नत लोकतान्त्रिक देशों में ऐसे आपराधिक मामलों से निपटने के लिए अलग क़ानून व प्रशासनिक प्रावधान बनाए गए हैं।

शव के साथ कुकर्म को अंग्रेजी में नेक्रोफ़ीलिया कहते हैं. ख़ास तौर पर इस अपराध के ख़िलाफ़ देश में कोई क़ानून नहीं है पर भारतीय दंड संहिता की धारा 297 “दफन स्थानों पर अतिचार” के तहत यह कहा गया है कि “जो भी किसी व्यक्ति की भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से या किसी व्यक्ति के धर्म का अपमान करने के इरादे से या इस ज्ञान के साथ कि किसी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुँचाने की संभावना है, या यह कि किसी भी व्यक्ति के मज़हब का अपमान होने की संभावना है इसके अलावा, किसी भी पूजा स्थल पर या मूर्तिकला के किसी भी स्थान पर, या अंतिम संस्कार के प्रदर्शन के अलावा या मृतकों के अवशेषों के लिए डिपॉज़िटरी के रूप में किसी भी जगह पर कोई अत्याचार करता है, या किसी मानव लाश को छेड़ता है, या अन्य कारणों से कोई आक्रोश प्रदान करता है या अंतिम संस्कार समारोहों के प्रदर्शन के लिए इकट्ठे किए गए व्यक्तियों से दुर्व्यवहार करता है तो अपराधी को सकारावास दंडित किया जाएगा जो एक वर्ष तक का या जुर्माना या दोनों के साथ हो सकता है।”

यद्यपि क़ानून में लाश के साथ सेक्स का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया है, एक व्यक्ति जो एक लाश के साथ यौन संबंध रखता है उसे उपरोक्त अनुभाग के तहत दोषी ठहराया जा सकता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को भी लागू किया जा सकता है।

- Advertisement -

More reports

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

- Advertisement -

Latest views pieces

BJP Could Not Have Won With This Approach To Delhi

From not paying attention to the corruption-ridden MCD to aloof leaders whose houses witnessed no activity during campaigns, BJP went all wrong in the Delhi assembly election

AAP Win In Delhi Was Foregone Conclusion: 5 Reasons

The five factors that contributed to the AAP victory have been arranged in the decreasing order of relevance; the first three will remain constant for a few more Delhi elections

Rahul Gandhi’s Intemperance Costs INC Dear Again

After forfeiting the Delhi poll with his 'danda mārenge' comment, the politician who has pledged never to grow up must put both his feet permanently in the mouth to gag himself

Bloomberg For US President? Why Not?

Mayor Michael Bloomberg can be an attractive candidate to a lot of voters – those who are concerned about the leftward, idiosyncratic, wokey, “let us butt into every other country’s internal policy initiatives” overreach of the Democrats

‘सभी संगठनों से मुक्त’ जामिया शूटर ‘बजरंग दल’ का कैसे हो गया?

जामिया क्षेत्र में गोली चलाने से पहले 'रामभक्त गोपाल' ने अपनी प्रोफ़ाइल बदली और धड़ल्ले से दक्षिणपंथी संगठनों व एक पार्टी के नाम दर्ज कर दिए

30 साल से ज़िन्दगी तलाशते कश्मीरी हिन्दू

मस्जिदों से हिन्दुओ के सफाए के पैगाम आए; एक के बाद एक दिल दहलाने वाली खबर आई; जुमे की नमाज़ के बाद सड़को पर जो भी हिन्दू दिखा, काट दिया गया

For fearless journalism

%d bloggers like this: