Monday, 16 September 2019, +05:30
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India Elections फिर एक बार मोदी सरकार, लहर की तुलना सुनामी...

फिर एक बार मोदी सरकार, लहर की तुलना सुनामी से

उपभोक्ता मामलों के मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने एक ट्वीट में कहा यह एक चुनाव नहीं बल्कि मोदी की सुनामी है

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नई दिल्ली — लोकसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार ‘ प्रचंड मोदी लहर’ पर सवार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रिकॉर्ड सीटों के साथ फिर से केंद्र की सत्ता पर काबिज होने जा रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से बृहस्पतिवार को जारी मतगणना की ताजा जानकारी के अनुसार भाजपा ने जहां एक सीट अपनी झोली में डाल ली है, वहीं 299 सीटों पर आगे चल रही है। उधर, कांग्रेस 50 सीटों पर आगे है। आयोग ने 542 सीटों के रुझान/परिणाम जारी किये हैं।

उपभोक्ता मामलों के मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने एक ट्वीट में कहा, “यह एक चुनाव नहीं बल्कि मोदी की सुनामी है। मैं नरेंद्र मोदी को दिल से बधाई देता हूं।”

उनके मंत्री सहयोगी, भाजपा के सुरेश प्रभु ने भी जीत की तुलना सूनामी से की। “यह एक भूस्खलन से कम नहीं है, पूरे देश में पूर्व या पश्चिम में एक राजनीतिक सूनामी व्यापक रूप से फैल रही है, भाजपा सबसे अच्छा है, एक वास्तविकता है। उत्तर से दक्षिण के लोगों ने स्पष्ट, स्पष्ट पसंद के लिए मतदान किया है … देश को नेतृत्व में आगे बढ़ना चाहिए। नरेंद्र मोदी …, “प्रभु ने ट्वीट में कहा।

कर्नाटक की हावेरी सीट पर भाजपा के उदासी एस सी ने एक लाख 40 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज की है।

ये चुनाव 68 वर्षीय मोदी को दशक के सबसे लोकप्रिय नेता के तौर पर स्थापित कर रहे हैं, निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतगणना के आंकड़े दिखाते हैं कि भाजपा अपने 2014 के प्रदर्शन से भी बेहतर करने जा रही है।

वाराणसी से चुनाव लड़ रहे मोदी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से करीब डेढ़ लाख वोटों से आगे चल रहे थे जबकि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह गांधीनगर में अपने करीबी उम्मीदवार से चार लाख से ज्यादा मतों से आगे चल रहे थे।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ आम चुनावों में यह ऐतिहासिक जीत मोदीजी के दूरदर्शी नेतृत्व, अमित शाहजी के जोश और जमीनी स्तर पर लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं के कठिन परिश्रम का नतीजा है।’

चुनाव रुझानों का बाजार ने भी स्वागत किया है। बीएसई के सेंसेक्स ने पहली बार 40 हजार की ऊंचाई को छुआ, वहीं एनएसई के निफ्टी ने 12 हजार के स्तर को पार किया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया भी 14 पैसे मजबूत होकर 69.51 पैसे पर रहा।

अगर मौजूदा रुझान अंतिम परिणामों में परिवर्तित हुए तो भाजपा 2014 के अपने प्रदर्शन में सुधार कर ज्यादा सीटें जीतती दिख रही है। 2014 में भाजपा ने लोकसभा की 543 सीटों में से 282 सीटें जीती थीं जबकि इस बार वह अपने दम पर 300 सीटों के करीब पहुंचती दिख रही है। भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 2014 की 336 सीटों के मुकाबले 344 सीटों पर काबिज होता दिख रहा है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। सुषमा ने ट्वीट किया, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – भारतीय जनता पार्टी को इतनी बड़ी विजय दिलाने के लिए आपका बहुत बहुत अभिनन्दन । मैं देशवासियों के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करती हूँ । ’’

मतगणना के रुझानों के आधार पर चुनाव परिणामों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता, उनकी सरकार के पिछले पांच साल के कार्यों और चुनाव प्रचार अभियान का नतीजा माना जा रहा है। चुनाव प्रचार राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के इर्द-गिर्द रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार कांग्रेस पार्टी पर वंशवादी राजनीति को लेकर निशाना साधा। विपक्ष ने भाजपा पर ध्रुवीकरण और बांटने वाली राजनीति के आरोप लगाते हुए हमला बोला।

मतगणना के रुझानों के अनुसार, मोदी लहर के साथ-साथ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की चुनावी रणनीति ने भौगोलिक और जातीय, उम्र, लिंग जैसे समीकरणों को मात देते हुए विपक्ष का सफाया किया है।

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में जहां समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन को एक कड़ी टक्कर के तौर पर पेश किया जा रहा था, वहां 80 लोकसभा सीटों में से 59 पर भाजपा आगे चल रही है जबकि सपा 6 सीटों पर और बसपा 12 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी। भाजपा का यह प्रदर्शन कई एग्जिट पोल में व्यक्त किये गए पूर्वानुमानों से कहीं बेहतर हैं।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस एक सीट पर आगे चल रही है। उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी से करीब 9000 मतों से पीछे चल रहे हैं। हालांकि, केरल की वायनाड सीट पर राहुल गांधी एक लाख मतों से बढ़त बनाये हुए हैं।

कांग्रेस के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘रुझानों में जो दिख रहा है उससे हम निराश हैं। यह हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं है। लेकिन जब तक मतगणना संपन्न नहीं हो जाती तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा।’’

उन्होंने कहा, “अगर वे (रुझान) बरकरार रहते हैं तो कांग्रेस को आत्मावलोकन करने की जरूरत होगी कि उसका प्रचार अभियान क्यों लोगों के दिलों में पैठ बनाने में विफल रहा।”

मोदी लहर ने हिंदी पट्टी और गुजरात में ही परचम नहीं लहराया है बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी पार्टी को शानदार बढ़त दिलाई है। सिर्फ केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश ही अछूते दिखाई दिये हैं। यहां तक की तेलंगाना में भी भाजपा चार सीटों पर बढ़त बनाये हुए हैं। तेलंगाना राष्ट्र समिति नौ, कांग्रेस तीन सीटों पर आगे है, जबकि एक सीट पर एआईएमआईएम बढ़त बनाए हुए है।

आंध्र प्रदेश ने हालांकि लोकसभा के साथ हुए विधानसभा चुनावों में चंद्रबाबू नायडू की सत्तारुढ़ तेलुगू देशम पार्टी को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया और उसकी जगह जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पर अपना भरोसा व्यक्त किया है।

मतगणना के रुझानों के अनुसार, हिंदी भाषी राज्यों में भी भाजपा ने चौंकाया है। इनमें वे राज्य भी शामिल हैं जिनमें कांग्रेस ने हाल ही में विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी।

मध्य प्रदेश में भाजपा 29 में से 28 लोकसभा सीटों पर आगे चल रही है। राजस्थान में भाजपा नीत राजग सभी 25 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। छत्तीसगढ़ में भी भाजपा नौ सीटों पर आगे है, जबकि कांग्रेस दो सीट पर बढ़त बनाये हुए है। हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों में से भाजपा नौ पर आगे है।

भाजपा के अमित मालवीय ने कहा, ‘‘जमीन पर जनता ने विपक्ष की उस दलील को स्वीकार नहीं किया कि लोग खतरे में हैं। लोग अच्छा कर रहे हैं और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अगली सरकार की तरफ देख रहे हैं। हमें यह स्वीकार करना होगा कि मोदी सरकार को विरासत में बेहद कमजोर अर्थव्यवस्था मिली थी और उन्होंने शानदार काम किया।’’

ओडिशा की 21 लोकसभा सीटों में से भाजपा सात सीटों पर जबकि बीजू जनता दल 14 सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। 2014 में बीजद ने 20 सीटें जीती थीं जबकि भाजपा ने एक पर जीत दर्ज की थी।

ओडिशा में लोकसभा के साथ ही विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें बीजद के सत्ता में वापसी की उम्मीद है, जिससे साफ है कि मतदाताओं ने समझदारी पूर्वक केंद्र और राज्य में यथास्थिति बरकरार रखने के लिये मतदान किया है।

बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से भाजपा 16, जनता दल (यू) 15, लोजपा 6, कांग्रेस 1 और राजद दो सीटों पर आगे है।

पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों में से 21 पर तृणमूल कांग्रेस बढ़त बनाये हुए है जबकि भाजपा 19 पर आगे है, वहीं कांग्रेस एक सीट पर आगे है। राज्य में वामदलों का सूपड़ा साफ हो गया है।

तमिलनाडु की 38 में से द्रमुक 23 सीटों पर आगे है जबकि अन्नाद्रमुक केवल दो सीटों पर बढ़त बनाये हुए है। राज्य की वेल्लूर सीट पर धन बल के अत्यधिक इस्तेमाल की वजह से मतदान रद्द कर दिया गया था। केरल की 20 लोकसभा सीटों में से यूडीएफ 18 सीटों पर आगे है।

मतगणना के रूझानों में बढ़त के साथ-साथ देशभर में भाजपा के दफ्तरों पर उत्सव का माहौल हो गया। ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते कार्यकर्ताओं ने अपनी खुशी का इजहार शुरू कर दिया है।

मतगणना के रुझान एग्जिट पोल के पूर्वानुमानों से काफी मिलते जुलते हैं जिनमें राजग को दूसरी बार केंद्र में सत्ता पर काबिज होते दिखाया गया था।

वर्ष 2014 में भाजपा ने 282 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि कांग्रेस अपने सर्वकालिक न्यूनतम आंकड़े 44 सीटों पर सिमट गयी थी। कांग्रेस ने 2009 में 206 सीटें जीती थी।

आयोग ने देश में 4000 से अधिक मतगणना केन्द्र बनाये हैं। मतगणना केन्द्रों से प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी ऑनलाइन सिस्टम के जरिये मतगणना के रुझानों को अपडेट करेंगे।

इस बीच चुनाव आयोग ने चुनाव परिणाम घोषित होने में देर होने की आशंका से बचने के लिये इस बार डाक मतपत्रों और ईवीएम के मतों की गिनती एक साथ कराने का फैसला किया।

उल्लेखनीय है कि इस चुनाव में पंजीकृत 90.99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 67.11 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। भारतीय संसदीय चुनाव में यह अब तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है।

लोकसभा चुनाव में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के परिणामों का मिलान पेपर ट्रेल मशीनों से निकलने वाली पर्चियों से किया जाएगा। यह मिलान प्रति विधानसभा क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों में होगा।

मतगणना से एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा की आशंका के मद्देनजर बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अलर्ट कर दिया । मंत्रालय ने नतीजों के बाद हिंसा की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया।

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