जीत हमेशा शांति और अहिंसा, त्याग और बलिदान की होती है — मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को 45वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बेंगलुरु के एक ट्रस्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में कारपोरेट प्रोफेशनल और आईटी इंजीनियरों के एक समूह ने एक सहज ‘समृद्धि ट्रस्ट’ बनाया है

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Mann ki baat
नई दिल्ली—प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि हिंसा और क्रूरता से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। जीत हमेशा शांति और अहिंसा की होती है , त्याग और बलिदान की होती है। 

गुरू नानक और कबीर दास का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि दोनों ने जातिवाद के खिलाफ लड़ाई की और सामाजिक सौहार्द्र के लिए काम किया।

उन्होंने भारतीय जन संघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का हवाला दते हुए कहा कि वह हमेशा भारत की एकता और अखंडता के लिए काम करते रहे।

जलियांवाला बाग हत्याकांड के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा कि इस घटना के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। इसे हम कैसे स्मरण करें, हम सब इस पर सोच सकते हैं, लेकिन इस घटना ने जो अमर सन्देश दिया, उसे हम हमेशा याद रखें।

उन्होंने कहा, ‘‘हिंसा और क्रूरता से कभी किसी समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता। जीत हमेशा शांति और अहिंसा की होती है , त्याग और बलिदान की होती है।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को 45वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बेंगलुरु के एक ट्रस्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में कारपोरेट प्रोफेशनल और आईटी इंजीनियरों के एक समूह ने एक सहज ‘समृद्धि ट्रस्ट’ बनाया है।
उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इस ट्रस्ट को सक्रिय किया है। मोदी ने ‘समृद्धि ट्रस्ट’ का जिक्र करते हुए कहा कि ये किसानों से जुड़ते गए, योजनाएं बनाते गए और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सफल प्रयास करते रहे। पहले जो किसान अपने खेतों में एक ही फसल पर निर्भर हुआ करते थे, उपज भी अच्छी नहीं होती थी और मुनाफ़ा भी ज़्यादा नहीं होता था, आज वह न केवल सब्जियां उगा रहे हैं बल्कि अपनी सब्जियों की मार्केटिंग भी ट्रस्ट के माध्यम से कर के, अच्छे दाम पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ फसल के उत्पाद से लेकर मार्केटिंग तक पूरी चेन में किसानों की एक प्रमुख भूमिका है तो दूसरी तरफ मुनाफ़े में किसानों की भागीदारी सुनिश्चितकरने का प्रयास है। फसल अच्छी हो, उसके लिए अच्छी किस्म के बीज हों, इसके लिए अलग सीड-बैंक बनाया गया है। महिलाओं को भी इससे जोड़ा गया है जो सीड-बैंक का कामकाज देखती हैं। प्रधानमंत्री ने ट्रस्ट की सराहना करते हुए कहा इसके संस्थापकों को बधाई और शुभकामना भी दी।