Monday 25 October 2021
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महबूबा मुफ़्ती पीडीपी नेताओं से सोमवार को मिलेंगी

पीडीपी नेताओं के नज़रबंद किए गए पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती से मिलने से पहले एनसी के नेता फ़ारूक़ और उमर अब्दुल्ला से मुलाक़ात कर चुके हैं

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जम्मू से पीपल्स डेमोक्रॅटिक पार्टी (पीडीपी) के एक प्रतिनिधिमंडल को सोमवार को नज़रबंद किए गए पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती से मिलने की अनुमति दी गई है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आज इस बैठक के लिए सहमति व्यक्त की जिसके तुरंत बाद नॅशनल कॉन्फ़रेंस (एनसी) के पूर्व विधायकों के एक दल ने इन दो महीने में पहली बार फारूक़ और उमर अब्दुल्ला से मुलाक़ात की

5 अगस्त की पूर्व संध्या में महबूबा मुफ़्ती और अब्दुल्ला सहित घाटी के कई राजनीतिक नेता हिरासत में ले लिए गए थे। इसके तुरंत बाद केंद्र ने जम्मू और कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत दिए गए विशेष दर्जे को ख़त्म कर दिया और क्षेत्र को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया।

आज फ़ारूक़ और उमर अब्दुल्ला से मिलने के बाद एनसी  के वरिष्ठ नेता अकबर लोन और हसनैन मसूदी ने कहा कि वे केवल उनका हाल पूछने गए थे, उनके बीच राजनीति पर कोई चर्चा नहीं हुई। बढ़ी हुई दाढ़ी में दिख रहे उमर अब्दुल्ला, ने बैठक के दौरान नेताओं के साथ सेल्फ़ी खींची।

सरकार ने बीडीओ चुनाव की घोषणा के बाद जम्मू और कश्मीर में प्रतिबंधों में ढील दी थी जबकि जम्मू में सभी हिरासत में लिए गए राजनीतिक नेताओं को रिहा कर दिया गया था। राज्यपाल सत्य पाल मलिक के सलाहकार फारूक खान ने पिछले हफ़्ते कहा कि कश्मीरी नेताओं को चरणबद्ध तरीके से रिहा किया जाएगा।

शनिवार को भाजपा नेता राम माधव ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि राज्य में सामान्य राजनीतिक गतिविधि बहाल हो। लेकिन इसे सामान्य राजनीतिक गतिविधि होना चाहिए।”

महबूबा मुफ़्ती की इस वक़्त सोशल मीडिया तक पहुँच नहीं है, पर उनकी बेटी इल्तिजा माँ की तरफ़ से ट्विटर हैंडल से कश्मीर परिदृश्य पर टिप्पणियाँ करती रहती हैं। दो हफ़्ते पहले उनके हैंडल से पोस्ट किए गए एक ट्वीट में केंद्र के तरीक़े की आलोचना की गई और लिखा गया कि “जम्मू-कश्मीर के विशेष हितों को सुरक्षित रखने के लिए” उठाए गए क़दमों से सभी उत्साहित हैं सिवाय उनके जिनके हितों की बात सरकार कर रही है।

फ़ारूक़ और उमर अब्दुल्ला से मिलने के बाद देवेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में एनसी के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांग दोहराई कि केंद्र ने सभी राजनीतिक नेताओं को रिहा कर दिया जाए ताकि क्षेत्र में सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से सभी नेता काम कर सके। उन्होंने बयान जारी किया कि “हम बतौर एक पार्टी अपील करते हैं कि राजनैतिक प्रक्रिया शुरू करने के लिए और लोकतंत्र को जम्मू-कश्मीर में पुनर्स्थापित करने के लिए मुख्यधारा के राजनीतिक दल और अन्य सभी समूहों के बगैर आपराधिक रिकॉर्ड के नेताओं को रिहा कर दिया जाए।”

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