अंतरराष्ट्रीय दबाव में जैश-ए-मुहम्मद पर कार्रवाई के नाम पर पाकिस्तान की लीपापोती

पहले यह कहा गया कि जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अज़हर के मद्रसे को क़ब्ज़े में ले लिया गया है; बाद में स्पष्टीकरण आया कि यह केवल पाकिस्तानी पंजाब पुलिस द्वारा 'अनाथालय और ग़रीब बच्चों के स्कूल' का सर्वेक्षण था

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terrorist Maulana Masood Azhar

इस्लामाबाद ― संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकवादी हमले की निंदा बयान के 24 घंटे से भी कम समय में पाकिस्तान सरकार ने बहावलपुर में एक मस्जिद और क़ब्रिस्तान परिसर को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है।

इस परिसर को प्रतिबंधित जैश-ए-मुहम्मद का मुख्यालय माना जाता है।

पाकिस्तान के सूचना विभाग ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि पंजाब सरकार ने बहावलपुर के एक ऐसे परिसर को अपने क़ब्ज़े में ले लिया है जहाँ मद्रसातुल साबिर और जामा-ए-मस्जिद सुबहानल्लाह मौजूद हैं। यह पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता का कथन है।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की अध्यक्षता में कल आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक के निर्णय के अनुसार यह कार्रवाई की गई।

PID पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक जनसंपर्क विभाग है।

पाकिस्तानी पंजाब पुलिस ने परिसर की सुरक्षा का दायित्त्व ले लिया है।

परिसर में 70 शिक्षक और 650 से अधिक छात्र हैं।

यह पहली बार नहीं है जब इस्लामाबाद ने जैश पर शिकंजा कसा है। जनवरी 2016 में पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान ने कुछ सदस्यों को गिरफ़्तार किया था, लेकिन यह कार्रवाई काफ़ी हद तक दिखावटी थी।

दिल्ली में सरकारी सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की मंशा की गंभीरता का अंदाज़ा लगाना जल्दबाज़ी होगी। “अतीत में इस तरह के क़दम उठाए गए थे। हमें इसके प्रभाव को सत्यार्पित करने की आवश्यकता है।”

वास्तव में, देर रात तक इस्लामाबाद की सच्चाई सामने आ गई। आंतरिक मंत्रालय द्वारा जारी एक बाद के बयान में बताया गया है कि क़ब्ज़े में लिया गया परिसर “विशुद्ध रूप से एक मद्रसा और केंद्रीय मस्जिद है जहाँ अनाथ बच्चे और वंचित परिवारों के छात्र धार्मिक और सांसारिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं”।

बहावलपुर के उपायुक्त शोएब सईद और बहावलपुर के एसपी सलीम नियाज़ी ने परिसर का अचानक निरीक्षण किया और इसके भवनों और सुविधाओं का सर्वेक्षण किया।

बयान के अनुसार मद्रसे में छठी कक्षा तक की शिक्षा प्रदान की जाती है और उनकी माध्यमिक और मध्यवर्ती स्कूली शिक्षा के बाद छात्रों को स्नातक और मास्टर स्तर की शिक्षा मिलती है।

बड़ी संख्या में बहावलपुर निवासी दान के माध्यम से इस मद्रसे को फ़ंड करते हैं और विद्यार्थियों को निःशुल्क चावल और अनाज मुहैय्या करवाते हैं। अख़बार डॉन के अनुसार मंत्रालय के बयान में कहा गया है, “विशेष शाखा (पुलिस), काउंटर-टेररिज्म विभाग और अन्य विभाग मासिक आधार पर इस और अन्य मद्रसों की औपचारिक जांच करते हैं।”

इसमें कहा गया है कि आज से पंजाब सरकार ने बहावलपुर संस्थान के प्रबंधन को “निवारक उपाय” के रूप में संभाला है।

ये घटनाएँ उसी दिन घटीं जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने नियंत्रण रेखा के सर्वेक्षण के दौरान कहा कि “हालांकि पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है”, इसे धमकाया नहीं जा सकता और किसी भी दुस्साहस करने वाले को करारा जवाब दिया जाएगा। यह बयान पाकिस्तान सेना द्वारा जारी किया गया।

इस बीच, वैश्विक आतंकवादी फ़न्डिंग पर निगरानी रखने वाले फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को ग्रे सूची में रखना जारी रखा है, और इसे इस साल मई तक अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए कहा है। अन्यथा पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

गुरुवार को पाकिस्तान ने “अभियोजित संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई में तेज़ी लाने” का फ़ैसला किया था और 26/11 के मास्टरमाइंड और संयुक्त राष्ट्र-अभियुक्त आतंकवादी हाफ़िज़ सईद के नेतृत्व वाली जमात-उद-दावा (JuD) और उसके सरगना फ़लाह-ए-इन्सानियत फ़ाउंडेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था।