गाजीपुर लैंडफिल – अब कूड़ा डालने पर लगी रोक

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नई दिल्ली – पूर्वी दिल्ली में शुक्रवार को हुए गाजीपुर लैंडफिल साइट हादसे और दो मौतों के बाद प्रशासन जाग गया है। इस प्रकार के हादसे की पुनरावृति को रोकने की कवायद शुरू हो गई है। संबंधित एजेंसियों को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इस क्रम में जहां दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शनिवार से गाजीपुर लैंडफिल साइट पर ठोस कचरा और किसी अन्य प्रकार की गाद डालने पर रोक लगा दी। दिल्ली के कूड़े-कचरे को अब सीधे वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में भेजकर उसका प्रसंस्करण कर खाद या ऊर्जा बनाने की योजना बनाई गई है।

गाजीपुर लैंडफिल हादसे को लेकर राजनिवास में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल अनिल बैजल ने इस घटना पर दुख जताया और मृतकों एवं घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पूर्वी निगम के आयुक्त रणबीर सिंह को आदेश दिये कि आज से गाजीपुर लैंडफिल साइट पर और कचरा नहीं डाला जायेगा। निगम इसके लिए तुरंत किसी और जगह की व्यवस्था की जाये। उपराज्यपाल ने कहा कि इस लैंडफिल साइट की क्षमता पूरी हो चुकी है, यहां अधिक कूड़ा डालने से भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बैठक में उपस्थित विशेष आयुक्त (ट्रैफिक) को निर्देश दिये कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लैंडफिल साइट के आसपास से गुजरने वाले सभी रास्तों से ट्रैफिक डायवर्ट किया जाये। पुलिस इस मामले को लेकर एडवायजरी भी जारी करे और साइनेज आदि लगाकर लोगों को इस स्थान के खतरे के बारे में बताये। उपराज्यपाल ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए एजेंसियों को तैयार रहने को कहा है।

वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद कहा कि दिल्ली के कूड़े की समस्या पर उनकी एलजी से विस्तृत चर्चा हुई है। वह इस बात से सहमत हैं कि लैंडफिल की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। सीएम ने कहा कि​ जल्द वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों एवं कंपनियों को बुलाकर इस मुद्दे पर बात की जायेगी कि लैंडफिल साइटों पर जमा कूड़े को जल्द से जल्द कैसे साफ किया जाये। इसे वेस्ट-टू-एनर्जी से दूर किया जाये या खाद बनाकर दूर किया जाये। उन्होंने कहा कि एनएचएआई ने लैंडफिल साइटों पर जमा कूड़े का सड़क बनाने में इस्तेमाल करने पर रजामंदी दी है। इससे कुछ कूड़ा अवश्य कम होगा लेकिन यह निश्चित है दिल्ली में अब कूड़े का पहाड़ नहीं बनने दिया जायेगा। साथ ही गाजीपुर एवं भलस्वा लैंडफिल साइट पर नया कूड़ा नहीं डाला जायेगा। इसके लिए पूर्वी एवं उत्तरी दिल्ली में दो नई साइटें तलाशी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था शुरू होने में कुछ महीनों का समय लगेगा।

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नवंबर 2017 तक गाजीपुर लैंडफिल साइट का कचरा उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी। इसके बाद कचरे की प्रोसेसिंग की जायेगी, जिसका इस्तेमाल एनएच-24 सहित अन्य सड़कों को बनाने में किया जाएगा। इसी कचरे से गाजीपुर लैंडफिल साइट के आसपास के सर्विस रोड आदि भी बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले दो साल में यहां इस लैंडफिल साइट के कचरे को पूरी तरह हटा लिया जायेगा।

दूसरी तरफ, पूर्वी दिल्ली नगर निगम की महापौर नीमा भगत ने गाजीपुर लैंडफिल हादसे में मारे गये मृतकों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है। इससे पहले, महापौर एवं निगम के नेताओं ने मृतक अभिषेक और राजकुमारी के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।

गाजीपुर लैंडफिल साइट हादसे में हुई दो लोगों की मौत से सबक लेते हुए उत्तरी दिल्ली नगर निगम की महापौर प्रीति अग्रवाल ने उत्तरी निगम के निगमायुक्त से भलस्वा लैंडफिल साइट के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। महापौर ने कहा है कि उत्तरी निगम के अंतर्गत आने वाली भलस्वा लैंडफिल साइट भी उत्तरी दिल्ली के लिए गाजीपुर लैंडफिल साइट जैसा खतरा हो सकती है। इसीलिए अधिकारी इससे बचने के लिए जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करें ताकि गाजीपुर जैसी दुर्घटना न हो।

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