Sunday 24 January 2021
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एनएचआरसी का केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस

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Politics India एनएचआरसी का केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस

नई दिल्ली — राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सचिव को नोटिस जारी कर सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों द्वारा इलाज न किये जाने पर 22 वर्षीय युवक की मौत के मामले में चार सप्ताह में जवाब-तलब किया है।

एनएचआरसी के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सरकारी अस्पतालों में समुचित उपचार से वंचित होने के कारण युवा रोगियों की मौत का सिलसिला बढ़ता जा रहा है।

एनएचआरसी ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली की एनसीटी सरकार और सचिव, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को नोटिस जारी किए हैं| रिपोर्ट के अनुसार एक 22 वर्षीय युवक जिसे छाती में दर्द और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी जिसका दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों द्वारा इलाज नहीं किया गया था और अन्त में व्यक्ति की मौत हो गई।

इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, आयोग ने कहा कि यह दर्दनाक है कि निकटतम अस्पताल में समय रहते इलाज मिलने पर ऐसा नहीं होता। अस्पताल के रेफर करने की वजह से ये मौत हुई। ये सरकारी के अस्पतालों डॉक्टर मानव जीवन को बचाने की दिशा में संवेदनशीलता की कमी का संकेत है, जो रोगी को चिकित्सा उपचार प्रदान करने में सक्षम नहीं थे। उन्होंने केवल मरीज को दूसरे अस्पताल में भेजा है| यह स्पष्ट है कि किसी अनमोल मानव जीवन को नहीं बचाया। डॉक्टरों द्वारा पूरी तरह से लापरवाही का मामला है, जो कि राइट टू लाइफ और मरे हुए जवान के मेडिकल केयर का उल्लंघन है।

पीड़ित, पेशे से एक ऑटो रिक्शा चालक था जो कि 12 जून की दोपहर में छाती में दर्द की शिकायत के चलते हेडगेवार अस्पताल में इलाज के लिए गया था। दूसरी ओर पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि मरीज को समय पर अस्पताल ले जाया था, फिर भी, डॉक्टरों ने इलाज के बजाय उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में भेजने का सिलसिला जारी रखा।

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