वायनाड

[pullquote]1. कांग्रेस ने घोषणा की है कि राहुल गांधी दूसरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे जो कि वायनाड होगा
2. वेल्लप्पल्ली विकास और सामाजिक न्याय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व करते हैं, अमित शाह ने कहा
3. शबरीमला विवाद के कारण केरल में भाजपा को नई जान मिली है[/pullquote]

वायनाड | हफ्तों तक भारत धर्म जन सेना (BDJS) के अध्यक्ष तुषार वेल्लप्पल्ली आगामी लोकसभा चुनावों में अपने चुनावी आगाज पर मन नहीं बना पाए थे। बीडीजेएस केरल में भाजपा के सहयोगी और एझावा संगठन एसएनडीपी की राजनीतिक शाखा है।

बीडीजेएस के प्रमुख होने के अलावा, तुषार एसएनडीपी के दूसरे सर्वोच्च नेता भी हैं। इसके महासचिव उनके पिता वेल्लप्पल्ली नटेसन हैं। वास्तव में नटेसन ने यह स्पष्ट कर दिया था कि अगर तुषार चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं तो उन्हें एसएनडीपी में अपना पद त्यागना होगा। दूसरी तरफ भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व अपनी राय दे चुका था कि तुषार को चुनाव लड़ना चाहिए ― न केवल चुनाव में अपनी पार्टी की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए, बल्कि यह भी संदेश देना होगा कि एनडीए वास्तव में केरल में एकजुट और दुर्जेय है।

आज तुषार केवल एक और एनडीए उम्मीदवार या एक क्षेत्रीय पार्टी के प्रमुख नहीं हैं। वे इतिहास में याद किये जाएंगे क्योंकि राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में लड़ने का काम सौंपा गया है और कांग्रेस अध्यक्ष उत्तर केरल में वायनाड संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।

जबकि राजनीतिक विश्लेषक इस बात से सहमत होंगे कि वायनाड में मुकाबला कांग्रेस और वाम दलों के बीच द्विध्रुवीय है, तुषार की उम्मीदवारी निश्चित रूप से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाने का मौक़ा देती है।

शबरीमला (Sabarimala का दक्षिण भारतीय उच्चारण) विवाद के कारण राज्य की तीन राजनैतिक ख़ेमों में से भाजपा अलग दिखाई दे रही है क्योंकि वाम मोर्चा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहता है जिसमें बताया गया है कि नैष्टिक ब्रह्मचारी अय्यप्पा भगवान के मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश करने दिया जाए। हालांकि केरल कांग्रेस ने इस आदेश का विरोध किया है, पार्टी की हाई कमान कोर्ट के साथ है।

वहीं भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुरुआत में अदालत के फ़ैसले का स्वागत करने के बाद अपना रुख़ बदल लिया। इस वक़्त भाजपा केरल में एकमात्र पार्टी है जिसका स्थानीय एवं केंद्रीय नेतृत्व दोनों अय्यप्पा भगवान को मानने वालों के साथ हैं। इससे भाजपा को केरल की सीटों के चुनाव में फ़ायदा हो सकता है पर वायनाड में मुसलमान और ईसाई भारी मात्रा में होने के कारण यहाँ हिंदुत्व का आधार कमज़ोर है।