श्रीलंका पर आइसिस हमले के बाद मैसूरु मुस्लिम नेता की ईसाईयों के साथ एकजुटता की पेशकश

मैसूरु के जेआईआईएम के अध्यक्ष मुनव्वर पाशा नेअपील की कि इस दुःख की घड़ी में मुस्लिम और अन्य समुदाय ईसाईयों के साथ खड़े हों

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St Philomena Church, मैसूरु
St Philomena's Church, Mysuru

मैसूरु | जमात-ए-इस्लामी हिंद के मैसूरु अध्याय ने मुसलमानों से अपील की है कि वे यहां एक चर्च के बाहर खड़े हों ताकि रविवार को श्रीलंका में हुए आतंकी हमलों में मारे गए 250 ईसाइयों के प्रति सहानुभूति प्रकट की जा सके और समुदाय के साथ एकजुटता का प्रदर्शन किया जाए।

मैसूरु के जेआईआईएम के अध्यक्ष मुनव्वर पाशा ने कहा कि यह संदेश देने के लिए अपील की गई है कि इस दुःख की घड़ी में मुस्लिम और अन्य समुदाय ईसाईयों के साथ खड़े हों।

उन्होंने कहा, “मैं यह संदेश दे रहा हूं कि मुसलमानों को मैसूरु के मुख्य गिरजा घर सेंट फिलोमेना के बाहर खड़े होने के लिए कहें।”

ऑडियो क्लिप द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित संदेश में पाशा ने कहा कि जब न्यू जीलैंड ने पिछले महीने एक मस्जिद में आतंकवादी हमले का सामना किया तब विभिन्न मुस्लिम समुदायों से प्राप्त समर्थन से वे अभिभूत हो गए।

उन्होंने कहा, “हमने एक साथ हजारों लोगों को एकजुटता होते देखा।”

पाशा ने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों में ईसाई, यहूदी, सिक्ख आदि ने मुसलमानों के साथ सुरक्षा और एकजुटता की पेशकश की है।

जब न्यू जीलैंड ने पिछले महीने एक मस्जिद में आतंकवादी हमले का सामना किया तब विभिन्न मुस्लिम समुदायों से प्राप्त समर्थन से वे अभिभूत हो गए

उन्होंने कहा, “श्रीलंका में ईस्टर के रविवार को भयावह हमला हुआ। चर्चों पर हमला किया गया जबकि उनकी प्रार्थना जारी थी — ठीक वैसे ही जैसे न्यूजीलैंड में हुआ।”

ईस्टर के रविवार को चर्चों और होटलों में धारावाहिक बम विस्फोटों ने श्रीलंका में 253 लोगों की जान ले ली।

15 मार्च को शुक्रवार की नमाज के दौरान न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में एक बंदूकधारी ने दो मस्जिदों पर गोलीबारी की थी जिसमें 50 लोग मारे गए थे।

न्यूजीलैंड में हमलों के बाद समाज के सभी वर्गों के लोग उस देश में मुसलमानों को अपना समर्थन देने के लिए आगे आए, ऐसा बताया जाता है।