Monday 25 October 2021
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मेरठ की छतों पर बग़ैर लाइसेंस पटाखों का कारोबार

मेरठ शहर के मवाना क्षेत्र में अवैध पटाखा कारख़ाना चलाते मिले छह मज़दूरों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। अवैध कारख़ाने का मालिक रिज़वान और उसका सहयोगी फ़रार हैं

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दिवाली के नज़दीक आते ही कई जगहों से बारूद की अवैध फैक्ट्री और घरों में अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने की खबर तो आपने सुनी ही होगी। उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले से आई ख़बर यह बताती है कि हमारे रिहायशी इलाक़े कितने ख़तरनाक हो सकते हैं। यहाँ शहर की छतों का नज़ारा देखकर सभी दंग रह गए जब पुलिस को भी इस बात का यक़ीन नहीं हुआ। 

मेरठ में इन दिनों पुलिस ने अवैध पटाखा बनाने वालों के विरुद्ध अभियान चला रखा है। इसके चलते पुलिस शहर के कई मुहल्लों में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि मवाना क्षेत्र के एक बंद मकान में अवैध रूप से पटाखा कारख़ाना चलाया जाता है। यहाँ भारी मात्रा में बारूद मौजूद है। आनन-फानन में पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और बंद मकान को खुलवाया। मकान का दरवाज़ा खुलते ही पुलिस दंग रह गई। पुलिस की छापेमारी की सूचना पाकर यहां अफ़रा-तफ़री मच गई। छापेमारी के दौरान पुलिस मकान की छत पर पहुँची तो यहाँ का नज़ारा पहले से ज़्यादा चौंकाने वाला था।

छत पर जो तस्वीर दिखी, उसे देखकर सबकी आँखें फटी की फटी रह गईं। छतों पर भारी मात्रा में देसी बम (पटाखे) ‘सुखाए’ जा रहे थे। पुलिस ने छत से करीब एक क्वींटल से ज्यादा के देसी बम बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि पूरे मकान से करीब पांच क्वींटल निर्मित, अर्धनिर्मित पटाखे और बारूद मिला है। बंद मकान के अंदर से जो पटाखे और बारूद बरामद हुआ वह इतना ख़तरनाक है कि इसका अंदाज़ा भी नहीं लगाया जा सकता। अगर यहाँ धमाका होता तो आसपास के कई घर तबाह हो सकते थे।

मेरठ के बदमाश

आरिफ का आतिशबाज़ी का लाइसेंस भी मार्च माह में ख़त्म हो गया था। छोटा भाई रिज़वान मकान में सुबह महिला मज़दूरों को काम पर लगाकर और शाम को निकालता था। इस बीच गेट पर ताला लगा रहता है। छत पर बम ‘सुखाए’ जाते थे। आतिशबाज़ी तैयार कर पार्टयिों के पास भेजे जाते थे।

सीओ मवाना उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मवाना में कई गोदाम व मकानों में छापा मारा गया। एक मकान में भारी मात्रा में पटाखों का ज़ख़ीरा पकड़ा। मौके पर मिली महिलाओं को नोटिस देकर छोड़ दिया। आरोपितों की जल्द गिरफ़्तारी होगी।

दीपावली से शुरू होकर पूरे साल पटाखों का अवैध कारोबार मवाना की गली मुहल्लों में घर-घर चलता है। पुलिस सिर्फ़ दीपावली के दौरान ही कार्रवाई करने को निकलती है।

सुरक्षा का कोई इंतज़ाम नहीं

पटाखों के पास विस्फोटक सामान भी रखा था। सुरक्षा के कोई मानक नहीं थे। अगर हादसा हो जाए तो दमकल की गाड़ी भी यहां आसानी से नहीं पहुँच पाएंगी।

दीवाली नज़दीक आते ही पटाखों का अवैध भंडारण शुरू हो गया है। अवैध गोदामों में भरा जा रहा पटाखों का यह ज़ख़ीरा किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है।

मेरठ शहर के मवाना क्षेत्र में अवैध पटाखा कारख़ाना चलाते मिले छह मज़दूरों को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। पटाखों के कारख़ाने का मालिक रिज़वान और उसका सहयोगी फ़रार हैं। पुलिस ने बताया कि छापेमारी के दौरान पकड़े गए पटाखों की क़ीमत लाखों में है।

नहीं हटाया जा रहा है मलबा

29 अक्टूबर को हुए धमाके के तीसरे दिन मलबा हटाने के लिए पालिका का एक भी कर्मचारी नहीं पहुँच सका। स्थानीय लोगो का कहना है कि धमाका हुए तीन दिन बीत गए हैं। अभी तक किसी ने ख़बर नहीं ली है। मलबा नहीं हटने से स्थानीय लोगों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

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