Saturday 24 October 2020

दिवाली से पहले मोदी सरकार का उपहार — कर्मचारियों को रु० 10,000 अग्रिम उत्सव भत्ता

वित्त मंत्री ने कहा कि एलटीसी नकद वाउचर योजना और विशेष त्योहार अग्रिम योजना शुरू की जाएगी। मांग को प्रोत्साहन के लिए एलटीए खर्च के लिए अग्रिम में राशि दी जाएगी

दिवाली-दशहरे से पहले मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को तोह्फ़ा दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज के संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महामारी से अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने के लिए दो प्रस्ताव पेश किए हैं।

पहला ‘एलटीसी कैश वाउचर स्कीम’ और दूसरा ‘स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम’ है। स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम (विशेष अग्रिम त्यौहार योजना) के अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों को रु० 10,000 अग्रिम उत्सव भत्ता देगी। साथ ही कर्मचारियों को एलटीसी में टिकट किराये का भुगतान नक़द में किया जाएगा। 

दिवाली-पूर्व वित्त मंत्री के 4 बड़े ऐलान

वित्त मंत्री ने कोरोनावायरस महामारी के कारण पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था में सुधार लाने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। सरकार ने अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने के लिए 4 बड़ी घोषणाएँ की हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस वार्ता कर कई घोषणाएं कीं जिसके माध्यम से उन्होंने अर्थव्यवस्था को गति देने की कोशिश की है।

दुर्गा पूजा, दिवाली, काली पूजा, छठ पूजा आदि से पहले की गई इन घोषणाओं से जनसंख्या के सरकारी नौकरी करने वाले भाग में ख़ुशी की लहर सी दौड़ गई है।

वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ता व्यय और पूंजीगत व्यय को बढ़ाने के लिए प्रयास किया है। वित्त मंत्री ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एलटीसी कैश वाउचर्स के साथ-साथ दशहरा और दिवाली के आने से पहले फेस्टिवल एडवांस स्कीम की घोषणा की है।

एलटीए का होगा नक़द भुगतान

वित्त मंत्री ने कहा कि एलटीसी नक़द वाउचर योजना और विशेष त्योहार अग्रिम योजना शुरू की जाएगी। मांग को प्रोत्साहन के लिए एलटीए व्यय के लिए अग्रिम में राशि दी जाएगी।

एलटीसी के लिए नकद पर सरकार का खर्च 5,675 करोड़ रुपये बैठेगा। सार्वजनिक उपक्रमों और बैंकों को रु० 1,900 करोड़ दिए जाएंगे। 

साथ ही सरकारी कर्मचारियों को 10,000 रुपये फेस्टिवल एडवांस के तौर पर दिये जाएंगे। ताकि त्योहारों के समय सरकारी कर्मचारियों के पास खरीदारी के लिए पैसा हो।

महामारी ने अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। सरकार की कई घोषणाओं के ज़रिए ग़रीब और कमज़ोर स्तरों की आवश्यकताओं को पूरा किया गया। आपूर्ति की बाधा को कम किया गया लेकिन उपभोक्ता मांग को अभी भी प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।

You may be interested in...

All