मंदसौर में 12 दिन बाद सामान्य जनजीवन

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मंदसौर

मंदसौर — मध्य प्रदेश के इस नगर में कर्फ्यू हटने के बाद जिले में हालात सामान्य हो गए हैं। सोमवार को अंचल का बाजार खुल गया। कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव और एसपी मनोजकुमार सिंह रविवार शाम को अंचल के नगरों में जाकर व्यापारियों से चर्चा की और उन्हें भयमुक्त कारोबार शुरू करने के लिए कहा। सीतामउ में कलेक्टर एसपी बीस मिनट तक रुके।

व्यापारियों ने चर्चा में बताया कि उपद्रव के दौरान सुरक्षा का आश्वासन देने एसडीएम वीपी सिंह और पुलिस अधिकारी एक बार भी नहीं आए। यही कारण है कि लगातार मार्केट बंद रहा। कलेक्टर एसपी ने कहा कि उचित कदम उठाएंगे। पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी। किसी तरह की शिकायत है तो हमें सीधे जानकारी भी दे सकते हैं। इसके बाद आज सोमवार को दुकानें पूरी तरह से खुल गई।

गरोठ में भी अधिकारियों ने व्यापारियों से चर्चा की। सुवासरा में भी व्यापारियों को नुकसानी की भरपाई के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है। साथ ही दोषियों पर भी कार्रवाई के लिए व्यापारियों को आश्वस्त किया गया। इसके बाद शाम को अधिकारी शामगढ़ और भानपुरा भी गए। इसके अलावा, पिपलियामंडी और दलौदा में भी आज स्थिति काफी हद तक सामान्य ही रही।


मंदसौर में आंदोलनरत किसानों के ऊपर पुलिस द्वारा की गयी फायरिंग से 6 किसानों की हुई मौत एवं उनके परिजनों से मिलने जाते वक्त काँग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी का जिम्मेवार मुख्य्मंत्री शिवराज सिंह एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मानते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, युवक कांग्रेस, छात्र संगठन, किसान कांग्रेस व अल्पसंख्यक कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत कल रविवार को सुबह से बड़ामलहरा बाजार बंद कराया था। बाजार बंद कराते हुए बस स्टेण्ड स्थित इंदिरा ज्योति स्तंभ पर नुक्कड़ सभा आयोजित कर प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस बल की मौजूदगी में पुतला फूंका था।
उक्त पुतले को लाते वक्त छतरपुर की तरह आंदोलन के दौरान भाजपा सांसद प्रतिनिधि द्वारा पुतला छीनने का प्रयास किया गया  था लेकिन युवक कांग्रेस के सदस्यों ने प्रतिनिधि को खदेड़ दिया था और पुलिस बल की छीना-झपटी के बीच पुतलों को जलाते हुए राज्यपाल के नाम तहसीलदार को मुख्यमंत्री के इस्तीफे एवं उनके ऊपर आपराधिक प्रकरण कायम करने की मांग का ज्ञापन सौंपते हुए शहीद किसानों के प्रति दो मिनट के मौन धारण के साथ शोक श्रद्धांजलि अर्पित की थी।

मंदसौर बना था छावनी

किसी भी अप्रिय वारदात से निबटने हेतु एसडीओपी प्रमोद कुमार सारस्वत, तहसीलदार आरआर चढ़ार के निर्देशन में नायब तहसीलदार त्रिलोक सिंह पोशाम, थाना प्रभारी बड़ामलहरा, जितेंद्र वर्मा, थाना प्रभारी गुलगंज आनन्द सिंह परिहार, थाना प्रभारी भगवां, थाना प्रभारी बाजना, थाना प्रभारी बमनौरा प्रदीप सर्राफ सहित सभी चोकियों व जिले से आया हुआ पुलिस बल सहित सीआईडी से श्रेयांस जेन मौजूद रहे।


रविवार को ही ललितपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की एक बैठक कचहरी परिसर में जिला कौंसिल के पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ जमील अहमद की अध्यक्षता में संपन्न हुई थी। बैठक में जनपद स्तर से लेकर राष्ट्र स्तर तक की घटनाओं व समस्याओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी थी। समस्याओं को लेकर भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ज्ञापन भेजा था।

ज्ञापन में बताया गया था कि हाल ही में मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसानों द्वारा अपनी कृषि उपज की लागत से 1.50 गुना मूल्य की मांग एवं कर्ज माफी के लिए शान्तिपूर्वक किये जा रहे आंदोलन के दौरान मध्य प्रदेश सरकार द्वारा निरीह किसानों पर बर्बता पूर्वक लाठी चार्ज कर गोली भी चलायी गयी थी। इसमें 6 किसानों की मृत्यु हो गयी थी। हजारों की संख्या में घायल भी हुये थे। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की घोर निंदा करते हुये मृतक आश्रितों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व परिजनों को सरकारी नौकरी दिये जाने एवं घायल किसानों को समुचित उपचार के साथ 2 लाख रुपये मुआवजा दिये जाने की मांग उठायी गयी थी।

भाकपा नई दिल्ली में पोलित ब्यूरो की बैठक के दौरान अवांछनीय तत्व द्वारा पार्टी कार्यालय में घुसकर पार्टी विरोधी (और देशभक्ति की) नारेबाजी करते हुये महासचिव सीताराम येचुरी के साथ बदसलूकी किये जाने एवं घटना के पीछे आरएसएस का हाथ होने का आरोप लगाते हुये घोर निंदा की गयी थी। इसके अलावा ललितपुर में विगत वर्ष दैवीय आपदा से बर्बाद हुये किसानों को मुआवजा वितरण जल्द किये जाने, किसानों का उत्साहवर्द्धन करने के लिए 10-10 हजार रुपये दस वर्षों तक दिये जाने की मांग की गयी थी।


उधर रतलाम से मंदसौर पीड़ित किसान परिवारों से मिलने जा रहे किसान व अन्य संगठनों के नेताओं को मंदसौर सीमा में प्रवेश के पहले ही रोक लिया गया था। बाद में पुलिस प्रशासन ने लगभग एक सैकड़ा नेता व कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया उनमें मेधा पाटकर, योगेन्द्र यादव, पूर्व विधायक सुनीलम, पूर्व विधायक कल्पना परुलेकर, म.प्र. किसान सभा के महासचिव रामनारायण कुररिया सहित अनेक नेता शामिल थे।

मध्य प्रदेश किसान सभा ने इसे अलोकतांत्रिक कदम बताते हुए शासन और प्रशासन की इस कार्रवाई की निंदा की थी। किसान सभा ने एक बयान में कहा था कि गोलीबारी व गिरफ्तारी से किसान डरने वाले नहीं है। मध्य प्रदेश किसान सभा के राज्य अध्यक्ष जसविंदर सिंह ने कहा कि सभी लोग पीड़ित व शोक संतृप्त परिवार से मिलने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन की ‘तानाशाहीपूर्ण रवैया’ से जनसंगठनों के नेता किसानों से नहीं मिल पाए।

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