मुंबई— 15वें वित्त आयोग ने महाराष्ट्र को नसीहत दी है कि राज्य की अर्थव्यवस्था ठीक है, इसलिए वह कंजूसी न करे। राज्य के दौरे पर आए आयोग के अध्यक्ष एनके सिंह ने कहा कि दूसरे राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था मजबूत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और कर्ज लेकर बड़ी परियोजनाओं को साकार कर सकती है।

सिंह ने कहा, ‘महाराष्ट्र ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने की तरफ बढ़ रहा है। राज्य सरकार की तरफ से हमें क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने के लिए प्रस्ताव दिए गए हैं। ये प्रस्ताव विदर्भ और मराठवाडा के लिए हैं। इसके लिए धन की जरूरत होगी।’ वहीं, मुंबई के विकास के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 50,000 करोड़ रुपये और मराठवाडा-विदर्भ के विकास के लिए 25,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज देने की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने आयोग को बताया कि देश की कुल जीडीपी में महाराष्ट्र का 15% हिस्सा है और कुल विदेशी निवेश का 31 % महाराष्ट्र में आता है। मुंबई का विकास होगा, तो देश की विकास दर 1% बढ़ेगी। इससे 2025 तक देश की अर्थ व्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर पार कर जाएगी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है। यह तब होगा, जब महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचेगी।

मुंबई को विशेष पैकेज देने के बारे में आयोग के अध्यक्ष सिंह ने कहा, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था की जान मुंबई है। मुंबई पर जनसंख्या का काफी बोझ है। राज्य सरकार ने मुंबई की बुनियादी सेवाओं विकास के लिए कई प्रस्ताव हमें दिए हैं। हम इन पर विचार करेंगे।’