Tuesday 24 May 2022
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महाराष्ट्र में 13 जून को रेल रोको आंदोलन करेंगे किसान

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मुंबई — राज्य में जारी किसान आंदोलन को दो दिन तक रोककर सरकार को तत्काल निर्णय लिए जाने का समय दिया गया है। इन दो दिनों में सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय न लिए जाने पर किसान 12 जून को तहसील कार्यालयों पर मोर्चा निकालेंगे और 13 जून को राज्यव्यापी रेल रोको आंदोलन करेंगे। इस तरह का निर्णय गुरुवार को नासिक में किसानों की सुकाणु समिति की बैठक में लिया गया है। इस बैठक में स्वाभिमानी किसान संगठन के नेता सांसद राजू शेट्टी, रधुनाथ पाटील, जयंत पाटील, अजीत नवले, विधायक बच्चू कडू, भाई जगताप आदि उपस्थित थे।

मिली जानकारी के अनुसार किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में 1 जून से राज्यव्यापी आंदोलन जारी रखा है। नाशिक में गुरुवार को सुकाणु समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में उपस्थित किसान नेताओं ने सरकार को निर्णय लेने के लिए दो दिन का समय देने का निर्णय लिया और इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो आंदोलन को और तीव्र करने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में विधायक बच्चू कड़ू ने कहा कि सरकार की ओर किसानों पर गंभीर आरोप के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। कड़ू ने कहा कि अगर किसानों पर दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए तो पुलिस महानिदेशक कार्यालय के सामने आंदोलन किया जाएगा। इस बैठक में मुंबई की कल्पना इनामदार नामक महिला ने पहुंचकर शोरशराबा मचाने का प्रयास किया ,लेकिन किसानों ने उस महिला को सुकाणु समिति की बैठक से बाहर निकाल दिया। कल्पना इनामदार ने किसानों के आंदोलन में राजनीतिक पक्ष के लोगों की उपस्थिति पर सवाल खड़ा किया था।


मांगों के समर्थन में 10 जून को देशव्यापी प्रदर्शन करेगी आप

नई दिल्ली — मंदसौर मामले को लेकर केन्द्र की भाजपा सरकार पर हमलावर रही आम आदमी पार्टी (आप) ने आगामी 10 जून को किसानों के हित में केन्द्र की मोदी सरकार के ख़िलाफ़ देशव्यापी प्रदर्शन करने की घोषणा की है| इसके तहत सभी ज़िला मुख्यालयों पर पार्टी के कार्यकर्ता किसानों की मांगों को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।

पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि आज देश का किसान अपने हक़ की मांग लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर है लेकिन केन्द्र की भाजपा सरकार न केवल किसानों की बात को सुन नहीं रही बल्कि उन पर गोलियां चलवा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगपतियों का लाखों करोड़ का कर्ज़ तो माफ़ कर रही है लेकिन किसानों का कर्ज़ माफ़ नहीं किया जा रहा। बल्कि किसानों को उनकी लागत से कई गुना कम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज अगर किसान दूध उत्पादन करता है तो उससे सिर्फ़ 18 रुपये किलो के हिसाब से दूध लिया जाता है| बाद में नेताओं और व्यापारियों की कम्पनियां, डेयरियां और सोसाइटीज़ उस दूध को बाज़ार में 50 रुपये किलो बेचकर मोटा मुनाफ़ा कमा रही हैं| यही हाल प्याज़, कपास, पत्ता गोभी और दूसरी फ़सलों में भी किया जाता है जिसमें किसान को उसकी लागत का कई गुना कम समर्थन मूल्य दिया जाता है| यही वजह है कि आज देश में तकरीबन 35 किसान प्रतिदिन के हिसाब से आत्महत्या कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सिर्फ़ महाराष्ट्र में ही किसानों पर हज़ारों करोड़ का कर्ज़ है जिसे केंद्र की भाजपा सरकार माफ़ नहीं कर रही है। खुद भाजपा ने चुनाव से पहले किसानों का कर्ज़ माफ़ करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का वादा किया था लेकिन चुनाव जीतने के बाद भाजपा अपने वादे भूल जाती है।

सिंह ने कहा कि हम किसानों की मांगों का पूरा समर्थन करते हैं| 10 जून को सभी जिला मुख्यालयों पर डीएम को उनकी मांगों का ज्ञापन सौपेंगे। उन्होंने कहा कि हम अंत तक किसानों की लड़ाई लड़ेंगे।


मंदसौर की हिंसा के लिए बाहरी तत्त्व ज़िम्मेदार — राजनाथ

मुंबई, 08 जून (हि.स.)। मध्यप्रदेश के मंदसौर में जारी हिंसा के पीछे कुछ अशांति पैदा करने वाले बाहरी तत्व जिम्मेदार है। इस मामले की पूरी जांच की जा रही है और हम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यह जानकारी केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मुंबई में स्थित रंगशारदा में पत्रकारों को संबोधित करते हुए दी है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में सुरक्षा बल का कम से कम उपयोग किया जाना चाहिए , जिससे इस तरह की घटनाओं को टाला जा सके।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि मध्यप्रदेश के मंदसौर में हुई हिंसा के पीछे कुछ बाहरी तत्व जिम्मेदार थे। इस मामले की पूरी जांच की जा रही है और हम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। इस दौरान मंदसौर में पुलिस की फायरिंग में पांच लोगों हो गई। हमने भी किसानों की समस्याओं के लिए संघर्ष किया है, हमारी सरकार किसानों की है और हम उनके लिए संवेदनशील हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र में सरकार बनाते वक्त घोषणा की थी कि वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना कर देंगे। अभी तक देश के किसी भी प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए टाइम बाउंड प्रोग्राम नहीं किया था। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह किसानों की समस्याओं का समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल के दौरान पाठनकोट और गुरुदासपुर को छोडक़र भारत में कहीं भी आतंकवाद की घटना नहीं हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए, यह एक रिकॉर्ड है। कश्मीर में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। प्रधानमंत्री अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। कश्मीर में हालत सुधर रहे हैं। कश्मीर की समस्या का हम एकीकृत स्थाई समाधान करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कृषि की दुर्गति कांग्रेस की वजह से हो रही है। कांग्रेस को जिस प्रकार से इनकी चिंता करनी चाहिए थी, वह नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नार्थ ईस्ट के उग्रवाद को खत्म करने में स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। अटल बिहारी वाजपेयी और तीन साल की मोदी सरकार के कार्यकाल को छोड़ दिया जाय तो कांग्रेस ने देश के किसानों के लिए कुछ नहीं किया, जबकि किसान उत्पादक भी हैं और उपभोक्ता भी हैं। किसान आंदोलन में राज्य सरकार के सहयोगी दल शिवसेना भी सडक़ पर उतर आई है।

इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा कि शिवसेना हमारी मित्र पार्टी है। परिवार में विचारों में मतभेद हो सकते हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री इसका समाधान करेंगे। राजनाथ सिंह ने केंद्र की भाजपा सरकार के तीन साल की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता की कसौटी पर खरी उतरी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे पहले कांग्रेस पर हमेशा भ्रष्ट्राचार के आरोप लगते थे ,लेकिन तीन सालों में वर्तमान सरकार के किसी भी मंत्री पर भ्रष्ट्राचार का आरोप नहीं लग सका है। इससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि देश में विदेशी निवेश बढ़ा है और लोग यहां अपना व्यापार लगाने के लिए उत्सुक हैं।

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