महा शिवरात्रि पूरे भारत में कैसे और क्यों मनाई जाती है

महा शिवरात्रि त्यौहार की मान्यताएँ किसी न किसी स्मरणोत्सव से जुड़ी हैं — कुछ मानते हैं कि इस दिन भगवान शिव माता पार्वती के साथ विवाह बंधन में बंधे थे और अन्य भक्त कहते हैं की इस दिन समुद्रमंथन से निकले विष का पान कर शिव नीलकंठ बन गए थे।

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हालांकि हिन्दू समुदाय देश व विदेश में 4 मार्च को महा शिवरात्रि मना रहा है, हममें से बहुत से लोग इस त्योहार के महत्व के बारे में नहीं जानते।

शिवरात्रि को भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से क्यों की जाती है — स्कंद पुराण, लिंग पुराण और पद्म पुराण में अधिकतम विवरण के साथ इसका उल्लेख है।

तंत्र के अनुसार — जो हिंदू धर्म की एक शाखा है, लेकिन वेदों का सम्पूर्ण उल्लंघन नहीं है — भगवान शिव ने इस अवसर पर चेतना को उस स्तर पर उठायाजहाँ योगी का मन समय, स्थान और पात्र को पार कर जाता है। तंत्र कहता है कि आज की रात आत्मा की सबसे उज्ज्वल रात है, जब योगी शून्य को प्राप्त करता है।

कुछ लोगों का मानना है कि शिवरात्रि पर भगवान शिव ने समुद्रमंथन से निकले विष का पान किया था। शिव ने विष पी लिया और इसे अपने कंठ में जमा कर लिया। पर विष इतना शक्तिशाली था कि उनकी गर्दन नीली पड़ गई। यही कारण है कि शिव को नीलकंठ भी कहा जाता है।

अन्य भक्तों का मानना है कि शिव ने इस रात सृष्टि, संरक्षण और विनाश के अलौकिक नृत्य का प्रदर्शन किया।

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भक्त इस दिन भजन गाते हैं, शिव से सम्बंधित शास्त्र पढ़ते हैं और अलौकिक नृत्य में शामिल होने की चेष्टा करते हैं। कोणार्क, खजुराहो, पट्टाडाकल, मोढेरा और चिदंबरम जैसे कई महत्वपूर्ण हिंदू मंदिर नृत्य उत्सवों के साथ दिन को चिह्नित करते हैं।

भक्तों का एक और संप्रदाय है जो मानते हैं कि इसी रात शिव और पार्वती का विवाह हुआ था। विशेष रूप से उत्तर भारत में भक्त मंदिरों को फूलों से सजाते हैं और ‘भोले की बारात’ के नाम पर जुलूस निकालते हैं।

देश भर में भक्त इस शुभ दिन को विभिन्न तरीकों से मनाते हैं। जबकि कुछ लोग उपवास रखते हैं और प्रार्थना करते हैं, अन्य नैतिकता, सद्गुण, शांति, संयम, सदाचार, अहिंसा और क्षमा का पाठ पढ़ाते हैं।

भारत ही नहीं, शिवरात्रि अन्य देशों में भी मनाई जाती है। नेपाल में महा शिवरात्रि एक राष्ट्रीय अवकाश की तिथि है। यह मंदिरों में भव्यता के साथ मनाया जाता है — विशेष रूप से पशुपतिनाथ मंदिर और शिव शक्ति पीठ में। इस शुभ दिन को जबकि विवाहित महिलाएं अपने पति के हित के लिए प्रार्थना करती हैं, अविवाहिता शिव जैसे पति के लिए प्रार्थना करती हैं।

कई भारतीय कैरिबियन समुदायों में महा शिवरात्रि को अनुष्ठानों के बाद और मंदिरों में प्रसाद देने के बाद मनाया जाता है। मॉरीशस में हिंदू पवित्र माने जाने वाले गंगा-तालाब गंगा तालाब की यात्रा पर जाते हैं।