किनारा मस्जिद को नियमित करने की अर्ज़ी को अनुमति

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Photo courtesy: Datta Kumbhar [Mid-Day]

नई दिल्ली — अपने पहले के फ़ैसले को बदलते हुए सर्वोच्च न्यायलय ने हाजी अली दरगार के पास किनारा मस्जिद को सुरक्षित रहने देने का आदेश दिया है। आज हाजी अली दरगाह ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि उसे किनारा मस्जिद को बचाने के लिए महाराष्ट्र सरकार के पास रेगुलराइज़ या नियमित करने की अर्ज़ी देने की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने हाजी अली दरगाह की अर्ज़ी को स्वीकार करते हुए किनारा मस्जिद को नियमित करने की अर्ज़ी देने की अनुमति दे दी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वो ट्रस्ट के आवेदन पर एक सप्ताह में फ़ैसला करे और तब तक किनारा मस्जिद को न गिराए। कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर राज्य सरकार ने अर्ज़ी अस्वीकार कर दी तो ट्रस्ट किनारा मस्जिद को बिना कोर्ट के आदेश के गिरा दे।

पिछले 11 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने हाजी अली दरगाह के पास किनारा मस्जिद को न हटाने की महाराष्ट्र सरकार की अर्ज़ी को ख़ारिज कर दिया था। महाराष्ट्र सरकार के वकील निशांत कटनेश्वरकर ने दलील दी थी कि किनारा मस्जिद हटाए जाने से स्थिति ख़राब हो सकती है। तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब किनारा मस्जिद को हटाने से हाजी अली ट्रस्ट या किसी और को कोई दिक्कत नहीं हो रही है तो राज्य सरकार इसमें इतनी रुचि क्यों दिखा रही है।

पिछले 3 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया था कि वो 2 हफ्ते के भीतर हाजी अली दरगाह के चारो तरफ़ और दरगाह जाने वाली सड़कों पर से अतिक्रमण हटाए। कोर्ट ने कहा कि अगर उसके आदेश का पालन नहीं किया गया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कोर्ट ने दरगाह के आसपास 908 वर्गमीटर इलाक़े से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।

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