18 C
New Delhi
Wednesday 19 February 2020

केजरीवाल ने मोदी से की हस्तक्षेप की मांग

मोदी को लिखे पत्र में केजरीवाल ने उन घटनाओं का जिक्र किया जिनमें पिछले तीन महीने में मंत्रियों के साथ बैठकों में अधिकारियों के शामिल ना होने से सरकारी कामकाज बाधित हुआ

नई दिल्ली— दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आईएएस अधिकारियों की ‘‘हड़ताल’’ खत्म कराने में उनसे हस्तक्षेप की मांग की। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उपराज्यपाल अनिल बैजल गतिरोध खत्म कराने के लिए ‘‘कुछ नही ’’ कर रहे हैं।

मोदी को लिखे पत्र में केजरीवाल ने उन घटनाओं का जिक्र किया जिनमें पिछले तीन महीने में मंत्रियों के साथ बैठकों में अधिकारियों के शामिल ना होने से सरकारी कामकाज बाधित हुआ। उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारियों की कथित हड़ताल के कारण दिल्ली में मानसून से पहले नालों की सफाई, मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने और वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के कदम बाधित हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण के मुद्दे से निपटने के लिए पिछले तीन महीने में आईएएस अधिकारियों और मंत्रियों के बीच कोई बैठक नहीं हुई है जबकि राजधानी में पिछले तीन दिनों में हवा जहरीली हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएएस अधिकारी केंद्र और उपराज्यपाल के अधीन आते हैं और अगर उन पर दिल्ली सरकार का नियंत्रण होता तो उनकी ‘‘हड़ताल’’ कुछ घंटों में ही खत्म हो जाती।

केजरीवाल और उनके मंत्री चार दिन से बैजल के कार्यालय में धरने पर बैठे हैं जिसके बाद उन्होंने मोदी को पत्र लिखा। उनकी मांग है कि उपराज्यपाल आईएएस अधिकारियों को ‘‘हड़ताल’’ खत्म करने के निर्देश दें और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें जिनकी वजह से कामकाज बाधित हुआ। साथ ही उन्होंने उपराज्यपाल से राशन की घरों पर आपूर्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी देने की मांग की है।

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा, ‘‘हड़ताल के कारण कई सारे काम प्रभावित हो रहे हैं। चूंकि उपराज्यपाल आईएएस अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं तो दिल्ली सरकार और दिल्ली के लोग आपसे हाथ जोड़कर अनुरोध करते हैं कि तुरंत हड़ताल समाप्त कराई जाए ताकि दिल्ली का कामकाज फिर से शुरू हो सके।’’

उन्होंने कहा कि नालों की सफाई मानसून से पहले शुरू होनी चाहिए लेकिन अधिकारी बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं जिससे काम प्रभावित हो रहा है। हड़ताल के कारण नए मोहल्ला क्लीनिक और पॉली क्लीनिक खुलने का काम रुक गया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘दिल्ली में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है। पहले इस मुद्दे पर हर 15 दिन में समीक्षा और योजना बैठक होती थी लेकिन हड़ताल के कारण पिछले तीन महीने से ऐसी कोई बैठक नहीं हुई।’’

एक अलग ट्वीट में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल कार्यालय ने उनके भाई को उनसे मिलने नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा भाई पुणे से मुझसे मिलने आया था। उसे मुझसे मिलने नहीं दिया गया। यह गलत है।’’

डॉक्टरों के एक दल ने आज सुबह उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के स्वास्थ्य की जांच की जो अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। केजरीवाल ने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती तब तक वह उपराज्यपाल कार्यालय नहीं छोड़ेंगे। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर इस सप्ताह मुद्दे का समाधान नहीं तलाशा गया तो रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय पर ‘‘धरना’’ दिया जाएगा।

आप सरकार के अनुसार, अधिकारी मंत्रियों के साथ बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं और ना ही उनके फोन उठा रहे हैं जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है। बहरहाल, आईएएस अधिकारियों के संगठन ने दावा किया कि कोई अधिकारी हड़ताल पर नहीं है और कोई भी काम प्रभावित नहीं हुआ। उपराज्यपाल कार्यालय ने हाल में केजरीवाल के धरने की आलोचना करते हुए कहा कि बिना किसी कारण के एक और धरना।

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने आज कहा है कि आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली में अपनी नाकामी से ध्यान हटाने के लिए धरना-विरोध प्रदर्शन का सहारा ले रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि दिल्ली की आप सरकार पानी, बिजली समेत हर मोर्चे पर नाकाम रही है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जो कि केवल बड़ी-बड़ी बातें करते हैं अब अपनी नाकामी को छुपाने के लिए विरोध-प्रदर्शन का सहारा ले रहे हैं। हुसैन ने कहा कि वह केवल लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। लोग अब उनसे सवाल कर रहे हैं किंतु केजरीवाल के पास कोई जवाब नहीं है, इसलिए अपनी कमी को छुपाने के लिए उपराज्यपाल के आवास पर जा पहुंचे।

वहीं, भाजपा प्रवक्ता व सांसद मीनाक्षी लेखी ने भी केजरीवाल की आलोचना करते हुए कहा कि आज की तारीख में मुख्य समस्या बिजली और पानी की है। केजरीवाल इस तरह के प्रदर्शन के जरिए ध्यान भटका रहे हैं। उल्लेखनीय है कि आईएएस अधिकारियों की हड़ताल को लेकर केजरीवाल पिछले दो दिन से उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर धरना दे रहे हैं।

Stay on top - Get daily news in your email inbox

Sirf Views

Tapas Pal, A Death No One Would Genuinely Condole

In 1980, after Bengali film superstar Uttam Kumar died, Dadar Kirti of Tarun Majumdar was released after Durga Puja. The voice...

Must India Invest In Donald Trump?

As many of his cabinet picks know, to their eternal regret and shame, his commitment lasts only as long as you are gullible

Protesters Need Economic Education, Mr Bhagwat

There is no escape from misery unless teams of economic educators convince all sections of society socialism is the cause of their distress

BJP Could Not Have Won With This Approach To Delhi

From not paying attention to the corruption-ridden MCD to aloof leaders whose houses witnessed no activity during campaigns, BJP went all wrong in the Delhi assembly election

AAP Win In Delhi Was Foregone Conclusion: 5 Reasons

The five factors that contributed to the AAP victory have been arranged in the decreasing order of relevance; the first three will remain constant for a few more Delhi elections

Related Stories

Leave a Reply

For fearless journalism

%d bloggers like this: