Tuesday 21 September 2021
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माली ने उड़ाया देश का मज़ाक़ — ‘कश्मीर हमारा नहीं’

कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मालविंदर सिंह माली ने अपने फेसबुक पोस्ट में वो लिखा जिससे पंजाब और देश में पार्टी की थू-थू हो रही है

पंजाब में कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार मालविंदर सिंह माली ने कश्मीर को लेकर एक विवादित बयान दिया है और उस बयान की वजह से भारतीय जनता पार्टी तथा अकाली दल ने नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। सिद्धू के सलाहकार मालविंदर सिंह माली ने अपने एक फेसबुक पोस्ट में कश्मीर को अलग देश बताया है। 

मालविंदर माली ने कथित तौर पर अपने पोस्‍ट में लिखा है कि कश्मीर एक अलग देश है और भारत ने इस पर कब्जा कर रखा है। माली ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा है कि 1947 में भारत ने कश्मीर पर कब्जा किया हुआ है। 

सिद्धू के सलाहकार का विवादित बयान, कश्मीर को बताया अलग देश

माली ने अपनी फेसबुक पोस्ट में तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जा करने को भी सही बताया है। मालविंदर माली ने कथित तौर पर अपने पोस्‍ट में लिखा है कि कश्मीर एक अलग देश है और भारत ने इस पर कब्जा कर रखा है। बीते सप्ताह भी माली ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात पर तीखे तेवर दिखाते हुए कहा था कि कैप्टन पंजाब में मोदी-शाह का एजेंडा लागू कर रहे हैं।

कश्मीर पर माली के बयान को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने सिद्धू को भी घेरना शुरू कर दिया है। बीजेपी ने इस मामले में सिद्धू को अपनी राय स्पष्ट करने को कहा है। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि माली की इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट देशविरोधी है। बादल ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। देश विरोधी बयान देने पर माली के खिलाफ एफआइआर दर्ज होनी चाहिए। सिद्धू को भी स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे लोगों को उन्होंने अपना सलाहकार क्यों नियुक्त किया जो देश को तोड़ने की बात करते हैं।

बीजेपी के महासचिव सुभाष शर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के राजा हरि सिंह की मंजूरी के बाद ही कश्मीर का विलय हुआ था। उस समय कांग्रेस की सरकार थी और जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री थे। नवजोत सिद्धू को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उनके सलाहकार कांग्रेस के समय में हुए फैसले को सही नहीं मानते हैं? क्या माली जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ हैं? क्या सिद्धू भी माली के बयान से इत्तेफाक रखते हैं? चूंकि माली सिद्धू के सलाहकार हैं, इसलिए वह अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं।

उन्‍होंने कहा कि देश विरोधी बयान पर सिद्धू को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यह इसलिए भी जरूरी हो जाता है क्योंकि पंजाबियों का कश्मीर से बहुत गहरा और भावनात्मक रिश्ता है। हिंद की चादर कहे जाने वाले गुरु तेग बहादुर जी ने कश्मीरी पंडितों के धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया। समूची मानवता इस बलिदान को नमन करती है। जम्मू-कश्मीर महाराजा रणजीत सिंह के खालसा राज का अहम हिस्सा भी रहा है।

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