Friday 16 April 2021
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Entertainmentसोशल मीडिया और OTT platforms पर लागू नियम

सोशल मीडिया और OTT platforms पर लागू नियम

ऐसा पहली बार हुआ है कि सरकार ने Whatsapp, Facebook, Twitter, Instagram और Google जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों के भारत-संबंधित content को सीधे अपने नियंत्रण में ले लिया है

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अगली बार जब कोई आपको ट्वीट द्वारा हिंसक कार्रवाई की धमकियाँ दे, आपको पता होना चाहिए कि आप इसकी शिकायत अधिकारियों से कर सकते हैं। भारत सरकार ने सोशल मीडिया और OTT platforms द्वारा जनसंचार को कुछ नियमों के बंधन में कस दिया है।

Sirf News Analysis

ऐसा पहली बार हुआ है कि सरकार ने Whatsapp, Facebook, Twitter, Instagram और Google जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों के भारत-संबंधित content को सीधे अपने नियंत्रण में ले लिया है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के Guidelines for Intermediaries and Digital Media Ethics Code, 2021, के नियमों के अनुसार सरकार द्वारा निर्देश दिए जाने पर 36 घंटे के अंदर-अंदर आपत्तिजनक content सोशल मीडिया या OTT platform से हटाना होगा।

सोशल मीडिया पर नियमों का प्रभाव

सबसे पहले तो हर सोशल मीडिया साइट को एक शिकायत के प्रतिकार के लिए प्रणाली बनानी होगी। इस विभाग का एक अधिकारी होगा जिनका काम यह होगा कि वे किसी भी शिकायत का 24 घंटे के अंदर अंगीकार करे और 15 दिनों के अंदर उसका समाधान करे।

दूसरा, यदि ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होती है कि किसी के गुप्तांगों को दिखाया गया है या किसी को यौन क्रिया में संलिप्त दिखाया गया है या फिर किसी की तस्वीर को जानबूझकर बिगाड़ कर पेश किया गया है तो ऐसे content को 24 घंटे के अंदर हटाना होगा। ऐसी शिकायत कोई भी कर सकता है।

सरकार ने कहा है कि अभियुक्त व्यक्ति को अपने post या content का बचाव करने का मौक़ा दिया जाएगा।

तीसरा नियम यह है कि सोशल मीडिया कंपनी में तीन अफ़सर होने चाहिएं — मुख्य अनुपालन अधिकारी यह निर्धारित करेंगे कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, क़ानूनी एजेंसियों के साथ समन्वय हेतु एक अधिकारी नियुक्त करना होगा और शिकायतों के निराकरण के लिए एक और अधिकारी इन कंपनियों में होगा।

इन कंपनियों को हर महीने एक अनुपालन रिपोर्ट सरकार को भेजनी होगी।

इसके अलावा आपत्तिजनक संदेश रिपोर्ट होने पर कंपनी को ढूंढ निकालना होगा कि संदेश का रचयिता कौन है, अर्थात संदेश तो कई लोगों ने forward किया होगा, पर संदेश को लिखा किसने?

देश की अखंडता और संप्रभुता को हानि पहुँचाने वाले संदेश, देश की सुरक्षा को ख़तरे में डालने वाले संदेश, भारत के अन्य देशों से संबंधों को ग़लत तरीक़े से प्रभावित करने वाले संदेश, अपराध को बढ़ावा देने वाले संदेश, बलात्कार या यौन क्रिया या बच्चों का शोषण दिखाने वाले संदेश आपत्तिजनक माने जाएंगे।

सोशल मीडिया के users को यह अधिकार होगा कि वे अपने-अपने accounts को ख़ुद ही verify करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि ये नियम बिना किसी सलाह-परामर्श या वाद-विवाद के बना दिए गए हैं। इनमें कई ऐसे प्रावधान हैं जिनका कार्यान्वयन कठिन या असंभव है।

टेक नीति और उनके क़ानूनी पहलुओं के जानकार रमणजीत सिंह चीमा का कहना है कि ये नियम अदालत के श्रेया सिंघल फ़ैसले के अनुरूप नहीं हैं।

वे कहते हैं कि सरकार को इन नियमों पर संसद के भीतर एक बहस का आयोजन करना चाहिए था।

लेकिन मीडिया नामा के संस्थापक निखिल पावा का कहना है कि वाक़ई आईटी मंत्रालय में विषय पर चर्चा हुई थी।

पर वे इस बात को मानते हैं कि छोटी सोशल मीडिया कंपनियों के लिए अधिकारी नियुक्त करना मुश्किल होगा।

वो यह भी मानते हैं कि देश की अखंडता और संप्रभुता को हानि पहुँचाने वाले संदेशों का निर्धारण करना इन छोटी कंपनियों के बस की बात नहीं है।

Technology संबंधित विषयों के वकील मिशी चौधरी का कहना है कि सरकार का इस तरह सोशल मीडिया और OTT platforms में हस्तक्षेप से वे ख़ुश नहीं हैं और आपत्तिजनक संदेश की उत्पत्ति को ढूंढने की कोशिश में encryption सुनिश्चित नहीं किया जा सकता, यानि कि संदेशों की गोपनीयता बरक़रार नहीं रखी जा सकती, लेकिन sexual abuse के चित्रण पर प्रतिबंध लगने से वे ख़ुश हैं।

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Surajit Dasgupta
Surajit Dasgupta
The founder of Sirf News has been a science correspondent in The Statesman, senior editor in The Pioneer, special correspondent in Money Life and columnist in various newspapers and magazines, writing in English as well as Hindi. He was the national affairs editor of Swarajya, 2014-16. He worked with Hindusthan Samachar in 2017. He was the first chief editor of Sirf News and is now back at the helm after a stint as the desk head of MyNation of the Asianet group. He is a mathematician by training with interests in academic pursuits of science, linguistics and history. He advocates individual liberty and a free market in a manner that is politically feasible. His hobbies include Hindi film music and classical poetry in Bengali, English, French, Hindi and Urdu.

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