Monday 8 March 2021
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IAF LCA Tejas Mk 1A vs PAF JF Thunder 17: कौन पड़ेगा किस पर भारी?

भारतीय वायुसेना (IAF) को 83 अतिरिक्त तेजस मार्क 1ए फाइटर जेट मिल रहे हैं, तो इससे पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ना लाजिमी भी है

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Politics India IAF LCA Tejas Mk 1A vs PAF JF Thunder 17: कौन पड़ेगा...

भारतीय वायुसेना (IAF) प्रमुख आरकेएस भदौरिया से एक सवाल पूछा गया कि भारतीय वायुसेना में शामिल तेजस मार्क 1ए पाकिस्तानी वायुसेना के जेएफ-17 थंडर से बेहतर हैं या नहीं? क्या तेजस के दम पर चीन की मदद से पाकिस्तान में बने थंडर को थामा जा सकता है या नहीं? वायुसेना प्रमुख ने इसके जवाब में इतना ही कहा कि भारत का एलसीए तेजस ही थंडर पर भारी पड़ता है, ऐसे में एलसीए तेजस मार्क 1ए की बात ही न की जाए, क्योंकि उसके सामने थंडर कहीं नहीं टिकता। सच्चाई क्या है, ये हम आपको बता रहे हैं।

स्पीड में अंतर

भारत का तेजस लड़ाकू विमान पूरी तरह से भारत में बना है। इंजन अमेरिकी है। ये इंजन बेहद अपडेटेड है और इसकी क्षमताएं काफ़ी अधिक हैं। जेएफ थंडर को पाकिस्तान ने चीन की मदद से बनाया है, जो रूसी मिग-21 को ही अपग्रेड कर बनाया गया है। इसमें कई फेरबदल किए गए हैं। ये न सिर्फ़ अधिक भारी है बल्कि तेजस के आगे बहुत सुस्त भी है। डॉगफ़ाइट की सूरत में तेजस में अपग्रेडेड और नया रडार सिस्टम तो लगा ही है, साथ ही इसकी स्पीड 1.8 मैक यानि 2,222 किमी प्रति घंटा की है। जेएफ-17 की स्पीड 1.6 मैक तक ही है। साथ ही इसमें चीनी क्रॉस रेडार सिस्टम लगा है, जो पुराना नहीं है तो नया भी नहीं है।

तेजस मार्क 1ए मल्टीरोल लाइट एयरक्राफ़्ट है जो जासूसी, इंटरसेप्टिंग के साथ ही एयर टू ग्राउंड और एयर टू एयर मिसाइलों से लैस है। तेजस में पानी के जहाजों को भी निशाना बनाने के लिए मिसाइलें लैस हैं। तेजस पर रुद्राम एंटी रेडियेशन मिसाइलें भी लैस होंगी। जेएफ-17 भी इन ख़ूबियों से परिपूर्ण है। जेएफ-17 का वज़न बहुत ज़्यादा है और उसकी साइज़ भी अधिक है, जिसकी वजह से वो जल्द ही तेजस के निशाने पर आ जाएगा। तेजस‌ में जैमर-प्रोटक्शन तकनीक है ताकि दुश्मन की सीमा के करीब उसका कम्युनिकेशन बंद न हो। तेजस को 42% कार्बन फ़ाइबर, 43% एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है जो इसे बाक़ी फ़ाइटर जेट्स से अलग बनाता है।

तेजस मार्क 1ए मल्टीरोल लाइट एयरक्राफ्ट

पाकिस्तानी जेएफ-17 थंडर की फ्यूल कैपिसिटी 2,330 किलो की है। इसके अलावा एक्सटर्नल टैंक 2400 किलो अतिरिक्त फ़्यूल के साथ ये उड़ सकता है। तेजस की ईंधन धारण क्षमता 2,458 किलो की है तो 3,725 किलो अतिरिक्त फ़्यूल एक्सटर्नल टैंक के साथ ढोया जा सकता है। थंडर में 4,600 किलो तक के पेलोड यानि कोई भी बम, मिसाइल ढोने की क्षमता है तो तेजस 5,300 किलो तक का पेलोड एक साथ ले जा सकता है।

तेजस फ़ाइटर जेट बालाकोट जैसी सर्जिकल स्ट्राइक करने में भी सक्षम है। मिसाइल आदि के मामले में भी तेजस उस समय सर्जिकल स्ट्राइक में इस्तेमाल हुए विमानों यानि भारतीय मिराज विमानों से बेहतर है। थंडर अभी मिराज विमानों का ही सामना करने में सक्षम नहीं है। ऐसे में दोनों ही एयरक्राफ़्ट में काफ़ी अंतर है। भारतीय वायुसेना (IAF) को 83 अतिरिक्त तेजस मार्क 1ए फ़ाइटर जेट मिल रहे हैं तो इससे पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ना लाज़मी भी है। भारत आने वाले समय में तेजस मार्क 2 को भी विकसित कर रहा है जो पाँचवीं पीढ़ी के पास यानि राफ़ाल के समकक्ष या उससे भी बेहतर होंगे।। भारतीय राफ़ाल 4.5 जनरेशन का विमान है।

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