क्रिकेट को शर्मसार करती बॉल टेम्परिंग की घटनाएं

आईसीसी अगले महीने होने वाली अपनी सालाना कॉन्फ्रेंस में बॉल टेम्परिंग के खिलाफ नियम को और कड़े करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है। इन नए नियमों को अगर मान्यता मिलती है, तो फिर बॉल टेम्परिंग लेवल दो की जगह लेवल तीन का अपराध हो जाएगा

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क्रिकेट को जेंटलमेन गेम कहा जाता है, लेकिन बॉल टेम्परिंग की घटनाएं इस खेल को शर्मसार करती रहती हैं। क्रिकेट में बॉल टेम्परिंग को सबसे बड़ा अपराध माना जाता है, लेकिन इसके बाद भी गेंद से छेड़छाड़ करने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। हाल ही में श्रीलंका क्रिकेट टीम के कप्तान दिनेश चांडीमल को गेंद से छेड़छाड़ करने का दोषी पाया गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने चांडीमल को वेस्टइंडीज के खिलाफ सेंट लूसिया में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन गेंद से छेड़छाड़ का दोषी पाया। आईसीसी ने चांडीमल पर एक टेस्ट का प्रतिबंध लगा दिया, दूसरे टेस्ट मैच की पूरी फीस का जुर्माना लगाया। आईसीसी ने आचार संहिता के नियम 2.2.9 के तहत चांडीमल को सजा सुनाई। हालांकि, श्रीलंकाई टीम मैनेजमेंट ने चांडीमल का बचाव किया है। श्रीलंकाई टीम प्रबंधन और मैच अधिकारियों के सामने वीडियो साक्ष्य पेश किए गए, जिसमें चांडीमल ने स्वीकार किया कि उसने मुंह में कुछ डाला था, लेकिन वह बता नहीं सके कि वह क्या था।

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच इसी वर्ष मार्च में समाप्त हुई चार टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान गेंद के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी कैमरून बेनक्रॉफ्ट ने मैच के दौरान बॉल टेम्परिंग की थी। बाद में कप्तान स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर ने भी टेम्परिंग की बात कबूली थी। स्टीवन स्मिथ, डेविड वॉर्नर और युवा ओपनर कैमरन बैनक्रॉफ्ट क्रमश: एक-एक साल और दस महीने का प्रतिबंध झेल रहे हैं। इस बॉल टेम्परिंग विवाद को लोगों ने भुलाया ही नहीं था कि एक बार फिर टेम्परिंग का मामला सामने आ गया। अगर हम क्रिकेट के इतिहास के बारे में बात करें तो इन घटनाओं के पहले भी बॉल टेम्परिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं।

1994 में इंग्लैंड के क्रिकेटर माइक ऑथर्टन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में बॉल टेम्परिंग का आरोप लगा था। उन पर दो हजार पाउंड का जुर्माना लगाया गया। इंग्लैंड के ही तेज गेंदबाजों जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड पर भी कई बार बॉल टेम्परिंग के आरोप लग चुके हैं। वहीं, भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर पर भी बॉल टेम्परिंग के आरोप में फंस चुके हैं। 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट के दैरान उन पर बॉल टेम्परिंग का आरोप लगा। सचिन नाखून से गेंद की सीम पर कुछ करते दिखे थे, जिस पर उन्हें एक मैच का बैन लगा था। हालांकि बाद में उस समय के वीडियो को गहराई से देखने के बाद पता चला कि वे बॉल के साथ छेड़छाड़ नहीं कर रहे थे, बल्कि सीम में लगी मिट्टी को निकाल रहे थे। इस आधार पर उन्हें आरोप मुक्त जरूर कर दिया गया लेकिन ऐसा उन्हें एक मैच का बैन झेलने के बाद ही हो सका।

इसके अलावा 2002 में वकार यूनुस पहले ऐसे गेंदबाज थे, जिन पर बॉल टेम्परिंग के आरोप में एक मैच का बैन लगा था। फिर 2006 में ओवल टेस्ट में पाकिस्तान टीम पर बॉल टेम्परिंग का आरोप लगा था, लेकिन जुर्माना लगने पर पाकिस्तान ने खेलने से इनकार कर दिया और इंग्लैंड विजेता घोषित हो गया। 2010 में पाक क्रिकेटर शाहिद अफरीदी दांत से गेंद की सीम काटते दिखे थे। इस पर उन्हें दो मैच का बैन लगा था। दक्षिण अफ्रीका के फाफ डुप्लेसिस भी बॉल टेम्परिंग विवाद में फंस चुके हैं। 2016 में होबार्ट टेस्ट के दौरान वे टॉफी खाकर लार गेंद पर लगाते हुए पकड़े गए थे। उन पर मैच फीस का 100 फीसदी जुर्माना लगा। 2014 में दक्षिण अफ्रीका के ही वर्नोन फिलेंडर श्रीलंका के खिलाफ बॉल टेम्परिंग के दोषी पाए गए और उन पर मैच फीस का 75 फीसदी जुर्माना लगा।

वर्ष 2017 में भारत के खिलाफ मैच में श्रीलंका के मीडियम पेसर दासुन शनाका पर गेंद से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। उन्होंने मैच रेफरी डेविड बून के समक्ष अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। उन पर मैच फीस का 75 फीसदी जुर्माना लगा था। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल बॉल से छेड़छाड़ को लेकर कड़ा रुख अपनाने जा रही है। आईसीसी अगले महीने होने वाली अपनी सालाना कॉन्फ्रेंस में बॉल टेम्परिंग के खिलाफ नियम को और कड़े करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है। इन नए नियमों को अगर मान्यता मिलती है, तो फिर बॉल टेम्परिंग लेवल दो की जगह लेवल तीन का अपराध हो जाएगा। तब खिलाड़ी की सजा मौजूदा नियम से चार गुना अधिक हो जाएगी। बॉल टेम्परिंग में दोषी जाने पर खिलाड़ी को 4 टेस्ट या 8 वनडे मैचों का बैन सहना होगा। फिलहाल, यह सजा एक टेस्ट और दो वनडे मैच तक ही सीमित है।

SOURCEहिन्दुस्थान समाचार
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